मुनाफे में भारी उछाल, ऑपरेशनल इनकम भी बढ़ी, GMR Airports ने पेश किए दमदार Q1 नतीजे

GMR Airports ने Q1FY26 में 184 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल से 78 फीसदी ज्यादा है. ऑपरेशनल इनकम 2,126 करोड़ रुपए रही. पैसेंजर ट्रैफिक, कार्गो वॉल्यूम और EBITDA सभी में मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई, जिससे कंपनी का परफॉर्मेंस काफी बेहतर रहा.
मुनाफे में भारी उछाल, ऑपरेशनल इनकम भी बढ़ी, GMR Airports ने पेश किए दमदार Q1 नतीजे

GMR Airports ने पेश किए दमदार Q1 नतीजे

GMR Airports Infrastructure Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1 FY26) के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं. कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर 78 फीसदी बढ़कर 184 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 103 करोड़ रुपए था. कंपनी की ऑपरेशनल इनकम भी इस दौरान 17 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 2,126 करोड़ रुपए पर रही.

यात्रियों की संख्या बढ़ने से कंपनी को मिला फायदा

कंपनी की ग्रोथ का बड़ा कारण एयरपोर्ट्स पर बढ़ती यात्रियों की संख्या रही. GMR के दिल्ली और हैदराबाद एयरपोर्ट्स पर कुल मिलाकर पैसेंजर ट्रैफिक में 9 फीसदी की बढ़त देखने को मिली. जून तिमाही के दौरान 5.64 करोड़ यात्रियों ने इन एयरपोर्ट्स का इस्तेमाल किया. इसी के साथ कार्गो वॉल्यूम भी 12 फीसदी बढ़ा, जो कंपनी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को सपोर्ट करता है.

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EBITDA में 23 फीसदी की ग्रोथ

GMR Airports का EBITDA इस तिमाही में 927 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 755 करोड़ रुपए था. यानी EBITDA में 23 फीसदी की सालाना ग्रोथ दर्ज की गई. EBITDA मार्जिन भी 40 फीसदी से बढ़कर 43.6 फीसदी हो गया, जिससे कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी मजबूत दिखाई दी.

इंटरनेशनल सेगमेंट में भी मिला बेहतर रिस्पॉन्स

कंपनी के इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स, खासकर फिलीपींस में मक्तन-सेबू इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ने भी बेहतर परफॉर्म किया. वहां भी यात्रियों की संख्या में तेज़ी दर्ज की गई. इस अंतरराष्ट्रीय बिजनेस से ऑपरेशनल इनकम में 18 फीसदी का योगदान रहा, जो पिछले साल 17 फीसदी था. इससे साफ है कि कंपनी का ग्लोबल ऑपरेशन भी बेहतर ट्रैक पर चल रहा है.

घाटा कम होने से मुनाफे में आई तेजी

GMR का कंसॉलिडेटेड लॉस इस बार घटकर 62 करोड़ रुपए रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 246 करोड़ रुपए का घाटा था. घाटे में ये कमी कंपनी के मजबूत ऑपरेशनल ग्रोथ, इनकम में वृद्धि और एफिशिएंट कॉस्ट कंट्रोल की वजह से आई है.

मैनेजमेंट का क्या कहना है?

कंपनी की ओर से कहा गया है कि भारत में एविएशन सेक्टर की रिकवरी और यात्रियों की बढ़ती संख्या ने परफॉर्मेंस को सपोर्ट किया है. इसके अलावा, कंपनी भविष्य में भी इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, डिजिटल इनोवेशन और यात्रियों की बेहतर सुविधा के लिए निवेश बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है.