₹730 करोड़ ऑर्डर बुक, 55% सरकारी काम और 63% प्रमोटर होल्डिंग, कंपनी का बिजनेस अपडेट जारी, स्टॉक पर रखें नजर

बाजार में लिस्टेड सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अपना बिजसने अपडेट जारी किया है. कंपनी की ऑर्डर बुक 730 करोड़ रुपए है और 55 फीसदी हिस्सा सरकार से मिला है.
₹730 करोड़ ऑर्डर बुक, 55% सरकारी काम और 63% प्रमोटर होल्डिंग, कंपनी का बिजनेस अपडेट जारी, स्टॉक पर रखें नजर

कंपनी ने जारी किया बिजनेस अपडेट, स्टॉक पर रखें नजर (फोटो- Canva)

बाजार में लिस्टेड कंपनी Globe Civil Projects ने बिजनेस अपडेट जारी किया है. कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को फाइलिंग के तहत इसकी जानकारी दी. कंपनी ने बताया कि Fy26 के लिए कंपनी की ऑर्डर बुक कितनी है? किससे कितना ऑर्डर मिला है? कंपनी का क्या काम करती है और आगे का आउटलुक क्या है? बुधवार के दिन बाजार में जबरदस्त रैली देखने को मिल रही है. ऐसे में बिजनेस अपडेट जारी करने के बाद इस शेयर पर निवेशक नजर रख सकते हैं.

कंपनी के मुताबिक, मार्च 2026 तक इसकी कुल ऑर्डर बुक 730 करोड़ रुपए की है, जिसमें करीब 55% हिस्सा सरकारी प्रोजेक्ट्स से आता है. कंपनी का फोकस EPC (Engineering, Procurement और Construction) मॉडल पर है, जहां वह सिविल, स्ट्रक्चरल, MEP और टर्नकी प्रोजेक्ट्स पर काम करती है.

ऑर्डर बुक और बिजनेस की स्थिति

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  • मार्च 2026 तक कुल ऑर्डर बुक: ₹730 करोड़
  • ऑर्डर बुक में सरकारी प्रोजेक्ट्स का हिस्सा: 55%
  • 11 से ज्यादा राज्यों में कंपनी की मौजूदगी
  • अब तक 37+ प्रोजेक्ट्स पूरे किए
  • फिलहाल 13-15 प्रोजेक्ट्स पर काम जारी

मजबूत ऑर्डर बुक कंपनी को आने वाले समय के लिए बेहतर रेवेन्यू विजिबिलिटी देती है.

FY26 में मिले बड़े ऑर्डर

कंपनी को FY26 में कई बड़े प्रोजेक्ट्स मिले, जिससे इसकी ग्रोथ को सपोर्ट मिला:

  • सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब से 173 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट
  • इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम प्रोजेक्ट: ₹222 करोड़
  • IIT कानपुर प्रोजेक्ट: ₹71 करोड़
  • NIT दिल्ली प्रोजेक्ट: ₹13 करोड़

ये ऑर्डर बताते हैं कि कंपनी की पकड़ बड़े और प्रतिष्ठित संस्थानों में मजबूत है.

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बिजनेस मॉडल क्या है?

कंपनी का फोकस सरकारी EPC प्रोजेक्ट्स पर है

काम के मुख्य सेगमेंट:

  • सिविल और स्ट्रक्चरल
  • MEP (Mechanical, Electrical, Plumbing)
  • HVAC और टर्नकी प्रोजेक्ट्स
  • कंपनी CPWD, NBCC, IITs और NITs जैसे बड़े सरकारी क्लाइंट्स के साथ काम करती है

इससे कंपनी को स्थिर ऑर्डर फ्लो और भरोसेमंद क्लाइंट बेस मिलता है.

एक्सीक्यूशन पर फोकस

  • कंपनी का मॉडल “Execution-led” है
  • सिलेक्टिव बिडिंग पर जोर (यानी सिर्फ अच्छे मार्जिन वाले प्रोजेक्ट्स लेना)
  • समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने पर फोकस
  • औसत प्रोजेक्ट टाइमलाइन: 4 से 30 महीने

बेहतर एक्सीक्यूशन से कंपनी की विश्वसनीयता और मार्जिन दोनों मजबूत रहते हैं.

ग्रोथ स्ट्रैटेजी क्या है?

कंपनी आने वाले समय में ग्रोथ के लिए इन बातों पर फोकस कर रही है:

  • मौजूदा ऑर्डर बुक का तेजी से एग्जीक्यूशन
  • सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भागीदारी बढ़ाना
  • नए राज्यों और नए सेगमेंट में विस्तार

इंफ्रा सेक्टर में सरकार के बढ़ते खर्च से कंपनी को फायदा मिल सकता है.

मार्जिन आउटलुक कैसा है?

कंपनी ने कहा कि मार्जिन स्थिर रहने की उम्मीद है

वजह:

  • डिसिप्लिन्ड बिडिंग
  • एफिशिएंट प्रोजेक्ट एक्सीक्यूशन

यानी कंपनी ग्रोथ के साथ-साथ प्रॉफिटेबिलिटी भी बनाए रखने पर फोकस कर रही है.

कुल मिलाकर क्या तस्वीर है?

  • मजबूत ऑर्डर बुक
  • सरकारी प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा फोकस
  • बड़े संस्थानों के साथ काम
  • बेहतर एग्जीक्यूशन और मार्जिन कंट्रोल

इन सभी फैक्टर्स के चलते कंपनी आने वाले समय में स्थिर ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में नजर आ रही है.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 कंपनी की ऑर्डर बुक कितनी है?

करीब ₹730 करोड़.

Q2 सरकारी प्रोजेक्ट्स का हिस्सा कितना है?

लगभग 55%.

Q3 FY26 में सबसे बड़ा ऑर्डर कौन सा मिला?

इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (₹222 करोड़).

Q4 कंपनी किन सेगमेंट्स में काम करती है?

सिविल, स्ट्रक्चरल, MEP और टर्नकी प्रोजेक्ट्स.

Q5 मार्जिन आउटलुक कैसा है?

स्थिर रहने की उम्मीद.