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GAIL ने 700MW के सोलर प्रोजेक्ट का किया है ऐलान. (फोटो: Zee Business)
GAIL 600 MW Solar Power Project: महारत्न कंपनी GAIL (India) Limited ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अपने विस्तार को लेकर अगला बड़ा कदम उठा लिया है. कंपनी ने उत्तर प्रदेश के झांसी में 600 मेगावाट का सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए TUSCO लिमिटेड के साथ एग्रीमेंट साइन किया है.
यह प्रोजेक्ट GAIL की ग्रीन एनर्जी स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा माना जा रहा है. कुछ दिनों पहले कंपनी ने 700MW के सोलर प्रोजेक्ट की घोषणा की थी, जिसमें से 600MW का ये प्रोजेक्ट यूपी में लगेगा.
यह सोलर प्रोजेक्ट सिर्फ बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके साथ 550 MWh का Battery Energy Storage System (BESS) भी लगाया जाएगा.
इसका सीधा फायदा यह होगा कि सोलर पावर की अनियमितता (intermittency) कम होगी. 24x7 स्थिर बिजली सप्लाई संभव होगी. इंडस्ट्रियल उपयोग के लिए भरोसेमंद ऊर्जा मिलेगी. यह प्रोजेक्ट मुख्य रूप से औरैया के पाटा स्थित GAIL के पेट्रोकेमिकल प्लांट की जरूरतों को पूरा करेगा.
यह 600 MW प्रोजेक्ट, GAIL के कुल 700 MW सोलर प्लान का हिस्सा है.
| प्रोजेक्ट लोकेशन | क्षमता | BESS |
| झांसी, उत्तर प्रदेश | 600 MW | 550 MWh |
| छत्रपति संभाजी नगर, महाराष्ट्र | 100 MW | 22 MWh |
महाराष्ट्र में बनने वाला 100 MW प्रोजेक्ट कंपनी के रायगढ़ स्थित PDH-PP प्लांट की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा.
GAIL ने इन दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए करीब ₹3,800 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है. यह निवेश कंपनी के रिन्यूएबल पोर्टफोलियो को तेजी से बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है.
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यह प्रोजेक्ट सिर्फ कैपेसिटी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी की लॉन्ग टर्म रणनीति से जुड़ा है.
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इस तरह के बड़े सोलर + स्टोरेज प्रोजेक्ट्स से GAIL को ऑपरेशनल स्तर पर भी फायदा मिलेगा:
दिलचस्प बात यह है कि GAIL सिर्फ सोलर ही नहीं, बल्कि एनर्जी सप्लाई चेन को भी मजबूत कर रही है.
हाल ही में कंपनी ने Alpha Gas के साथ LNG कैरियर “Energy Fidelity” के लिए लॉन्ग टर्म एग्रीमेंट भी किया है. यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

GAIL का शेयर गुरुवार को रिटर्न के मामले में गेल का शेयर 1.2% ऊपर 158 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. रिटर्न के मामले में यहां निवेशकों को थोड़ी निराशा हाथ लगी है. 2 सालों से शेयर गिर रहा था, हालांकि अब 1 महीने से थोड़ी बढ़त दिख रही है. 1 महीने में शेयर 8%, 2 हफ्तों में 12% और 1 हफ्ते में 4.5% चढ़ा है.
पिछले 2 सालों में शेयर 22% गिरा है. 1 साल में 14% की गिरावट रही है. 6 महीनों में 11%, इस साल अबतक 7% की गिरावट रही है.
GAIL का यह कदम साफ संकेत देता है कि कंपनी पारंपरिक गैस बिजनेस से आगे बढ़कर ग्रीन एनर्जी में बड़ा रोल निभाना चाहती है.
हालांकि, ऐसे प्रोजेक्ट्स में शुरुआती निवेश ज्यादा होता है, इसलिए रिटर्न धीरे-धीरे आता है. लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह पॉजिटिव ट्रिगर माना जा सकता है.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 GAIL कहां सोलर प्रोजेक्ट लगा रही है?
उत्तर प्रदेश के झांसी और महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में.
Q2 कुल कितनी क्षमता का प्रोजेक्ट है?
कुल 700 MW, जिसमें 600 MW UP में और 100 MW महाराष्ट्र में.
Q3 BESS क्या है?
Battery Energy Storage System, जो बिजली को स्टोर करके जरूरत के समय सप्लाई करता है.
Q4 इस प्रोजेक्ट से किसे फायदा होगा?
GAIL के पेट्रोकेमिकल और गैस बेस्ड प्लांट्स को.
Q5 निवेशकों के लिए क्या संकेत है?
लॉन्ग टर्म में ग्रीन एनर्जी ग्रोथ का मजबूत संकेत.