Blinkit से मंगाई दही खाकर बीमार पड़ा ग्राहक, FSSAI ने थमाया नोटिस, 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट!

क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट (Blinkit) से दही मंगाकर खाने के बाद एक ग्राहक के बीमार होने का मामला सामने आया है. इस गंभीर शिकायत के बाद देश की खाद्य सुरक्षा नियामक संस्था FSSAI ने कड़ा रुख अपनाते हुए ब्लिंकिट को नोटिस जारी किया है. FSSAI ने कंपनी से अगले 24 घंटे के भीतर इस पूरे मामले पर अपनी रिपोर्ट (Action Taken Report) सौंपने को कहा है.
Blinkit से मंगाई दही खाकर बीमार पड़ा ग्राहक, FSSAI ने थमाया नोटिस, 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट!

Blinkit से दही मंगाकर खाने से बीमार हुआ ग्राहक, FSSAI ने थमाया नोटिस. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)

अगर आप भी ग्रोसरी या खाने-पीने का सामान मंगाने के लिए क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट (Blinkit) का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ब्लिंकिट को एक जोरदार नोटिस भेजा है.

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक ग्राहक ने ब्लिंकिट से दही मंगाई. आरोप है कि इस दही को खाने के बाद ग्राहक की तबीयत खराब हो गई और वह बीमार पड़ गया. ग्राहक की इस गंभीर शिकायत को संज्ञान में लेते हुए FSSAI ने तुरंत एक्शन लिया और कंपनी को नोटिस थमाकर जवाब तलब किया है.

सोशल मीडिया पर भी फूटा गुस्सा

नियामक संस्था FSSAI के सूत्रों के मुताबिक, यह कोई अकेला या पहला मामला नहीं है. संस्था को पिछले कुछ समय में ब्लिंकिट के खिलाफ ऐसी कई शिकायतें मिली हैं. इनमें से कई शिकायतें सीधे ग्राहकों ने FSSAI के पास दर्ज कराई हैं, तो कई शिकायतें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए सामने आई हैं.

ग्राहकों का आरोप है कि ऐप के जरिए अक्सर खराब (Spoiled), अनहाइजीनिक या गंदा और टूटा-फूटा (Damaged) खाना डिलीवर किया जा रहा है. लगातार मिल रही इन शिकायतों के बाद फूड सेफ्टी अथॉरिटी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़े कदम उठाए हैं.

खाद्य सुरक्षा कानून की धाराओं का उल्लंघन

FSSAI ने अपने नोटिस में साफ तौर पर कहा है कि इस तरह की लापरवाही खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (FSS Act) के नियमों का सीधा उल्लंघन है. ब्लिंकिट को याद दिलाया गया है कि एक फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) होने के नाते यह उसकी जिम्मेदारी है कि वह ग्राहकों तक सुरक्षित खाना पहुंचाए. इस मामले में कानून की 2 मुख्य धाराओं का जिक्र किया गया है:

धारा 26 (Section 26): इसके तहत कोई भी फूड ऑपरेटर ऐसा खाना नहीं बेच या डिलीवर कर सकता जो असुरक्षित, मिलावटी या सेहत के लिए हानिकारक हो.

धारा 27 (Section 27): यह धारा विक्रेताओं और प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय करती है कि वे ग्राहकों को केवल शुद्ध और मानकों पर खरा उतरने वाला भोजन ही उपलब्ध कराएं.

ब्लिंकिट को 24 घंटे का अल्टीमेटम

मामले की गंभीरता को देखते हुए FSSAI ने ब्लिंकिट को अपनी सफाई देने और सुधारात्मक कदम उठाने के लिए महज 24 घंटे का वक्त दिया है. संस्था ने कंपनी से एक व्यापक 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (ATR यानी की गई कार्रवाई की रिपोर्ट) मांगी है.

इस रिपोर्ट में ब्लिंकिट को यह बताना होगा कि ग्राहक की शिकायत पर उसने क्या कदम उठाए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उसकी क्या तैयारी है. अगर कंपनी तय समयसीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें जुर्माना या लाइसेंस सस्पेंशन भी शामिल है.

Conclusion

ऑनलाइन शॉपिंग और 10 मिनट में डिलीवरी की होड़ के बीच खाने-पीने की चीजों की क्वालिटी से समझौता करना ग्राहकों की सेहत पर भारी पड़ रहा है. ब्लिंकिट को मिला FSSAI का यह नोटिस सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के लिए एक बड़ा सबक है. कंपनियां डिलीवरी की स्पीड चाहे जितनी बढ़ा लें, लेकिन उन्हें देश के खाद्य सुरक्षा कानूनों का पालन हर हाल में करना होगा.

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