100 साल का सफर: कारोबार, उतार-चढ़ाव और जज्बात... डॉ. सुभाष चंद्रा ने सुनाई Essel Group की असली कहानी

Essel Group ने 100 साल पूरे कर लिए हैं. इस मौके पर चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ने कारोबार, संघर्ष, भावनाओं और परिवार की उस यात्रा को याद किया, जिसने एक छोटे ट्रेडिंग बिजनेस को दुनिया के बड़े भारतीय समूहों में बदल दिया. उन्होंने कहा कि Essel की कहानी सिर्फ बिजनेस की नहीं, बल्कि भरोसे, जोखिम लेने और बार-बार उठ खड़े होने की कहानी है.
100 साल का सफर: कारोबार, उतार-चढ़ाव और जज्बात... डॉ. सुभाष चंद्रा ने सुनाई Essel Group की असली कहानी

डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने संबोधन में कहा कि Essel Group ने हमेशा नए रास्ते बनाने की कोशिश की. (फाइल फोटो)

“कई बार लगा सब खत्म हो जाएगा… लेकिन हर बार हम फिर खड़े हुए.” Essel Group के 100 साल पूरे होने पर चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ने जब यह बात कही, तो उसमें सिर्फ एक बिजनेसमैन का अनुभव नहीं था, बल्कि एक पूरी सदी की कहानी छिपी थी.

21 मई 2026 को Essel Group ने अपने 100 साल पूरे किए. इस खास मौके पर आयोजित टाउनहॉल में डॉ. सुभाष चंद्रा ने उस सफर को याद किया, जिसमें कारोबार भी था, संघर्ष भी… बड़े फैसले भी थे और भावनाएं भी.

उन्होंने साफ कहा कि Essel Group की कहानी सिर्फ कंपनियों की कहानी नहीं है, बल्कि यह भरोसे, रिश्तों, जोखिम लेने की हिम्मत और लगातार आगे बढ़ते रहने की कहानी है.

अनाज मंडी से शुरू हुई थी कहानी

Essel Group की शुरुआत 1926 में हुई थी.

जगन्नाथ गोयनका ने अपने भाइयों के साथ हरियाणा के आदमपुर मंडी से grain trading business शुरू किया था. उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही छोटा कारोबार आगे चलकर मीडिया, एंटरटेनमेंट, पैकेजिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी जैसे बड़े सेक्टर्स तक पहुंचेगा.

शुरुआत में कारोबार का नाम था: Messrs Ramgopal Indraprasad

फिर समय के साथ यह “Subhash Chandra Laxmi Narain” यानी “SL” बना और आगे चलकर “Essel” नाम पूरी दुनिया में पहचान बन गया.

“हमने सिर्फ बिजनेस नहीं बनाया, सिस्टम बदले”

डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने संबोधन में कहा कि Essel Group ने हमेशा नए रास्ते बनाने की कोशिश की.

उन्होंने याद दिलाया कि जब भारत में private satellite television का दौर शुरू भी नहीं हुआ था, तब Zee TV लॉन्च किया गया.

1992 में शुरू हुआ Zee TV सिर्फ एक चैनल नहीं था. उसने भारतीय टीवी इंडस्ट्री का पूरा ढांचा बदल दिया. उस समय मनोरंजन लगभग Doordarshan तक सीमित था. Zee ने पहली बार private entertainment को बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंचाया.

इसके बाद:

  • Zee News
  • Siti Cable
  • Dish TV
  • Zee Business
  • WION
  • Zee5
  • Zee Studios

जैसे प्लेटफॉर्म आए और Essel Group भारतीय मीडिया इंडस्ट्री का बड़ा नाम बन गया.

“पैसा जरूरी है… लेकिन भरोसा उससे बड़ा है”

डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि कारोबार में financial growth जरूरी होती है, लेकिन लंबे समय तक टिके रहने के लिए भरोसा सबसे अहम चीज होती है.

उन्होंने माना कि 100 साल का सफर आसान नहीं था.

Group ने कई बड़े उतार-चढ़ाव देखे:

  • आर्थिक संकट
  • बिजनेस चुनौतियां
  • मार्केट बदलाव
  • टेक्नोलॉजी का ट्रांजिशन

लेकिन हर दौर में Group ने खुद को बदलने की कोशिश की.

Essel Group आज कितना बड़ा है?

आज Essel Group और उससे जुड़े प्लेटफॉर्म्स की मौजूदगी दुनिया के 190 से ज्यादा देशों तक है. Group का कारोबार कई सेक्टर्स में फैला हुआ है:

  • Media
  • Broadcasting
  • Digital
  • Packaging
  • Education
  • Infrastructure
  • Entertainment

Group से जुड़े हजारों लोग दुनिया भर में काम कर रहे हैं.

Zee ने बदली भारत की मीडिया भाषा

डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने संबोधन में इस बात पर भी जोर दिया कि Zee ने सिर्फ टीवी चैनल नहीं बनाए, बल्कि भारत की मीडिया भाषा बदल दी.

पहली बार:

  • हिंदी बिजनेस न्यूज बड़े स्तर पर पहुंची
  • regional content को ताकत मिली
  • छोटे शहरों की audience को national platform मिला

आज:

  • Zee Business
  • Zee News
  • ZEE5

जैसे प्लेटफॉर्म करोड़ों लोगों तक पहुंचते हैं.

“हर बार गिरकर फिर उठे”

डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि Essel Group ने अपने सफर में कई कठिन दौर देखे.

उन्होंने माना कि कुछ समय ऐसे भी आए जब लोगों ने Group को खत्म मान लिया था. लेकिन हर संकट के बाद वापसी हुई.

उनके मुताबिक:

“Business सिर्फ profit और loss का नाम नहीं है. असली बात यह है कि मुश्किल समय में आप कितनी मजबूती से खड़े रहते हैं.”

परिवार से प्रोफेशनल सिस्टम तक

Essel Group की शुरुआत पारिवारिक कारोबार के तौर पर हुई थी. लेकिन समय के साथ यह professionally managed structure में बदला.

आज Group की अलग-अलग कंपनियां:

  • entertainment
  • digital media
  • broadcasting
  • education
  • infrastructure

जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं.

“इमोशन के बिना बिजनेस लंबा नहीं चलता”

डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि कारोबार सिर्फ balance sheet से नहीं चलता.

उन्होंने कहा:

  • रिश्ते
  • लोगों का भरोसा
  • कर्मचारियों की मेहनत
  • और भावनात्मक जुड़ाव

किसी भी संस्था को लंबे समय तक जिंदा रखते हैं.

उनके मुताबिक Essel Group की सबसे बड़ी ताकत यही रही कि Group ने हर दौर में लोगों के साथ जुड़ाव बनाए रखा.

AI, टेक्नोलॉजी और भविष्य की तैयारी

टाउनहॉल में डॉ. सुभाष चंद्रा ने Artificial Intelligence यानी AI पर भी बात की. उन्होंने कहा कि AI एक powerful tool है, लेकिन इंसानी सोच हमेशा सबसे ऊपर रहेगी.

उनके मुताबिक:

  • टेक्नोलॉजी काम आसान कर सकती है
  • efficiency बढ़ा सकती है
  • productivity improve कर सकती है

लेकिन vision और creativity इंसान ही देगा.

100 साल बाद भी सबसे बड़ा सवाल वही है…

डॉ. सुभाष चंद्रा के पूरे संबोधन में एक बात बार-बार सामने आई: बदलाव से डरना नहीं चाहिए.

अनाज मंडी से शुरू हुआ कारोबार:

  • Packaging तक पहुंचा
  • फिर amusement parks तक गया
  • फिर television revolution लाया
  • और अब digital और AI के दौर में खुद को ढाल रहा है.

यही शायद Essel Group की सबसे बड़ी ताकत रही.

एक सदी… और आगे का सफर

Essel Group के 100 साल सिर्फ किसी कंपनी की anniversary नहीं हैं. यह उस भारतीय कारोबारी सोच की कहानी है:

  • जो छोटे शहर से शुरू हुई
  • जिसने जोखिम लिया
  • जिसने नए सेक्टर्स बनाए
  • और जिसने हर मुश्किल के बाद खुद को फिर खड़ा किया

और शायद यही वजह है कि 1926 में शुरू हुई यह कहानी आज भी जारी है.

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