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एस्सेल ग्रुप की सोच हमेशा व्यापार से आगे 'समाज को वापस देने' (Giving Back to Society) की रही है. (फाइल फोटो)
एस्सेल ग्रुप का 100 वर्षों का सफर केवल एक कॉर्पोरेट कहानी नहीं, बल्कि साहस, अडिग संकल्प और सिद्धांतों की एक मिसाल है. एक सदी लंबी इस यात्रा में ग्रुप ने पांच बेहद कठिन दौर देखे, लेकिन हर बार चुनौतियों से निखरकर बाहर आया. इस अटूट साहस की नींव डॉ. सुभाष चंद्रा के दादा जगन्नाथ गोयनका के उन तीन मूलमंत्रों पर टिकी है, जो आज भी ग्रुप की धड़कन हैं: 'डरो मत, अपने संकल्प से कभी पीछे मत हटो और सच्चाई के रास्ते से कभी मत भटको.'
इन्हीं मूल्यों के कारण न केवल बिजनेस जगत, बल्कि समाज और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी एस्सेल ग्रुप की उपलब्धियों को सराहा है.
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एस्सेल ग्रुप की विभिन्न इकाइयों ने समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी गुणवत्ता साबित की है:
ग्लोबल लीडरशिप: डॉ. सुभाष चंद्रा को 2011 में न्यूयॉर्क में प्रतिष्ठित 'International Emmy Directorate Award' और 2014 में 'International Writers Award' से नवाजा गया. अप्रैल 2016 में उन्हें 'Canada India Foundation (CIF)' का प्रतिष्ठित अवार्ड मिला, जो रतन टाटा और नारायण मूर्ति जैसी हस्तियों को मिल चुका है.
मीडिया और मनोरंजन: 'ZEE' को 2015 में Interbrand द्वारा भारत के '30 सर्वश्रेष्ठ ब्रांडों' में शामिल किया गया. DishTV को 'Brand Trust Report 2014' में देश का सबसे भरोसेमंद ब्रांड चुना गया.
इनोवेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर: Essel Propack ने 'Tube of the Year Awards' (2013) में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई. वहीं, Essel Infra के अहमदाबाद-गोदरा टोल रोड प्रोजेक्ट को वर्ल्ड बैंक और ADB के साथ मिलकर 'Environmental Sustainability' के लिए सम्मानित किया गया.
मनोरंजन और शिक्षा: भारत के सबसे बड़े एम्यूजमेंट पार्क EsselWorld और एनिमेशन के क्षेत्र में ZICA (Zee Institute of Creative Art) ने अपनी-अपनी श्रेणियों में राष्ट्रीय और एशियाई स्तर के सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार जीते.

एस्सेल ग्रुप की सोच हमेशा व्यापार से आगे 'समाज को वापस देने' (Giving Back to Society) की रही है. इसी उद्देश्य के साथ ग्रुप कई सेवा प्रकल्पों का संचालन कर रहा है:
एकल अभियान (Ekal Movement): भारत के 50,000 से अधिक गांवों में शिक्षा और सशक्तिकरण के जरिए यह संस्था ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल रही है.
ग्लोबल विपश्यना फाउंडेशन: मानसिक शांति और तनाव मुक्ति के लिए गौतम बुद्ध की प्राचीन विपश्यना पद्धति को जन-जन तक पहुँचाने में ग्रुप का बड़ा योगदान है.
तालीम रिसर्च फाउंडेशन (Taleem Research Foundation): उच्च स्तरीय शिक्षा और शोध के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार और विकास के द्वार खोलने का काम यह संस्था बखूबी कर रही है.
DSC फाउंडेशन: समाज के समग्र विकास और मानवीय कल्याण के लिए यह संस्था निरंतर प्रयासरत है.
एस्सेल ग्रुप के 100 साल इस बात का प्रमाण हैं कि जब व्यापार के पीछे नेक नीयत और सच्चाई के सिद्धांत होते हैं, तो वह केवल एक कंपनी नहीं, बल्कि समाज की प्रेरणा बन जाता है.