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Enforcement Directorate Raid: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की अगुवाई वाले बैंकिंग कंसोर्टियम से हुए 637 करोड़ रुपए के फ्रॉड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज बड़ी कार्रवाई की है. चेन्नई, कांचीपुरम, कोलकाता और गोवा समेत कई ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है.
पीएनबी ने अरविंद रेमेडीज लिमिटेड और इसके प्रमोटर अरविंद बी. शाह के खिलाफ सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप है कि कंपनी ने यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, एसबीआई, आईडीबीआई, अल्लाहाबाद बैंक, करुर वैश्य बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और कॉरपोरेशन बैंक से मिले लोन में धांधली की. इन बैंकों ने कुल 704.75 करोड़ रुपए की क्रेडिट फैसिलिटी दी थी, जिसमें से 637.58 करोड़ रुपए 2016 तक बकाया थे.
सभी खातों को 2014 के अंत से 2015 के बीच NPA घोषित कर दिया गया था. इसके अलावा Can Bank Factors Ltd ने भी 7.61 करोड़ रुपए की क्रेडिट फैसिलिटी दी थी. सीबीआई ने 31 अक्टूबर 2016 को FIR नंबर 15/2016 दर्ज की थी. इसमें IPC की धारा 120B, 420, 467, 468, 471 और 477-A लगाई गई थी.
चूंकि FIR में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी शेड्यूल्ड ऑफेंस शामिल थीं, इसलिए ED ने 1 जुलाई 2021 को ECIR नंबर CEZO-I/45/2021 दर्ज कर जांच शुरू की. जांच में 2009-10 से 2014-15 तक की वार्षिक रिपोर्ट और MCA से वित्तीय दस्तावेज इकट्ठे किए गए. करीब 294 बैंक खातों का विश्लेषण किया गया. खातों के विश्लेषण से साफ हुआ कि बैंक से मिले पैसे को शेल कंपनियों के जरिए बाहर निकाला गया. ये सभी शेल कंपनियां प्रमोटर्स और उनके नजदीकी लोगों के कंट्रोल में थीं.
आज ED की टीमों ने चेन्नई, कांचीपुरम, कोलकाता और गोवा में कई ठिकानों पर छापे मारे. इसमें डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स, ऑडिटर्स और डमी डायरेक्टर्स के ठिकानों से अहम सबूत जुटाए जा रहे हैं.
Q1. कितना बड़ा फ्रॉड है?
लगभग 637 करोड़ रुपए का.
Q2. किस कंपनी पर आरोप है?
अरविंद रेमेडीज लिमिटेड और प्रमोटर अरविंद बी. शाह.
Q3. ED ने कब जांच शुरू की?
जुलाई 2021 में ECIR दर्ज करने के बाद.
Q4. छापेमारी कहां हो रही है?
चेन्नई, कांचीपुरम, कोलकाता और गोवा में.
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