सरकार जल्द घोषित कर सकती है ई कॉमर्स पॉलिसी (फाइल फोटो)
ई कॉमर्स में एफडीआई की सरकार की नीति का व्यापारियों के संगठन कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने समर्थन किया है. संगठन की ओर से गुरुवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु से मुलाकात की. इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि जल्द ही ई कॉमर्स पॉलिसी की घोषणा की जाएगी. गौरतलब है कि व्यापारियों की ओर से लम्बे समय से ई कॉमर्स में एफडीआई को ले कर पॉलिस लाए जाने की मांग की जा रही है. देश के व्यापारिक संगठनों का आरोप है कि ई कॉमर्स कंपनियां लागत से कम कीमत पर सामान बेच कर देश में कारोबारी माहौल को बिगाड़ रही हैं.
आर्थिक आतंकवाद है कंपनियों का विरोध
इस मौके पर संगठन की ओर से कहा गया कि ई कॉमर्स में सरकार की नीति के विरोध में अमेजन एवं फ्लिपकार्ट के एक ही मंच पर आना एक तरह का आर्थिक आतंकवाद है. संगठन की ओर से अफसोस व्यक्त करते हुए कहा गया की फिक्की और सीआईआई जैसे उद्योग संगठनों के भी उनके समर्थन में आने की खबर बेहद निराशाजनक है और सीधे तौर पर सरकार की नीतियों के साथ टकराव है. कैट ने कहा की जब ये कंपनियां खुले आम ई कॉमर्स व्यापार में अस्वस्थ रूप से माल बेच रही थी तब ये संगठन चुप क्यों थे. ऐसा प्रतीत होता है की इन संगठनों का भी निजी स्वार्थ इन कंपनियों के साथ जुड़ा है.
नीति पर सरकार को व्यापारियों ने दिया समर्थन
कैट के एक प्रतिनिधिमंडल ने संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल के नेतृत्व में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु से मुलाकात की और ई कॉमर्स में एफडीआई की सरकार की नीति पर उन्हें व्यापारियों का समर्थन देने की बात कही. संगठन की ओर से कहा गया कि किसी भी दबाव में पालिसी में ऐसी कोई फेरबदल न की जाए जिससे ई कॉमर्स व्यापार में असंतुलित प्रतिस्पर्धा हो और अस्वस्थ तरीके से व्यापार हो. उन्होंने केंद्रीय मंत्री से कहा कि देश भर के व्यापारी नीति में किसी भी फेरबदल का पुरजोर विरोध करेंगे.
सरकार ने कहा जल्द घोषित होगी पॉलिसी
सुरेश प्रभु ने प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए कहा की सरकार बहुत तेजी से ई कॉमर्स की एक समग्र नीति बनाने पर काम कर रही और जल्द ही ई कॉमर्स पालिसी घोषित होगी. उन्होंने यह भी कहा की सरकार ई कॉमर्स व्यापार में संतुलित एवं बराबरी की प्रतिस्पर्धा को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी प्रकार की भी अस्वस्थ व्यापारिक तरीके को स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा की ई कॉमर्स एक बढ़ता हुआ भविष्य का व्यापार है जिसमें सभी को बराबरी का मौका मिलना चाहिए और उपभोक्ताओं को उचित दामों पर सही गुणवत्ता का सामान मिलना चाहिए. उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा की सरकार देश में छोटे व्यापारियों को व्यापार करने के अधिक एवं बेहतर अवसर प्रदान करने के सारे प्रयास कर रही है और व्यापारी वर्ग की सभी समस्याओं का हल तार्किक रूप से किया जाएगा.
कंपनियां कर रहीं नीति का विरोध
कैट के महामंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा ई कॉमर्स में एफडीआई पॉलिसी पर स्पष्टीकरण के बाद ऐमज़ॉन एवं फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों में खलबली मची हुई है क्योंकि जिस तरीके से ये कंपनियां व्यापार कर रही है अब उस तरीके से व्यापार करना संभव नहीं होगा इसलिए निहित स्वार्थों वाली कंपनियां एक दुसरे के साथ मिलकर पालिसी का विरोध कर रही हैं क्योंकि व्यापार उनके हाथ से खिसक जाएगा.