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बिजनेस और मीडिया इंडस्ट्री में भी AI तेजी से काम करने और बेहतर solutions देने में मदद कर रहा. (प्रतीकात्मक फोटो/AI)
भारत के बड़े बिजनेस समूहों में शामिल Essel Group ने गुरुवार, 21 मई को अपने 100 साल पूरे किए. एक छोटे घरेलू कारोबार से शुरू हुआ यह समूह आज दुनिया के 190 से ज्यादा देशों तक अपनी मौजूदगी बना चुका है. इस खास मौके पर आयोजित टाउनहॉल कार्यक्रम में Essel Group के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ने Artificial Intelligence (AI) को लेकर अपनी सोच खुलकर रखी.
उन्होंने कहा कि AI एक बेहद ताकतवर टूल है, जो शिक्षा समेत कई सेक्टर्स में काम को ज्यादा तेज, आसान और किफायती बना सकता है. लेकिन इसके साथ उन्होंने साफ कहा कि इंसानी सोच और समझ की जगह कोई तकनीक नहीं ले सकती.
डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा:
“AI एक बहुत पावरफुल टूल है. लोगों को AI को अपना गुलाम बनाकर इस्तेमाल करना चाहिए, उसका गुलाम नहीं बनना चाहिए.”
कार्यक्रम के दौरान डॉ. चंद्रा ने बताया कि वह खुद अपने काम में नियमित रूप से AI का इस्तेमाल करते हैं और इससे उनकी productivity काफी बढ़ी है.
उन्होंने कहा:
“कई बार मैं सोने से पहले किसी समस्या को AI को देता हूं और सुबह तक उसके संभावित समाधान मिल जाते हैं. AI एक ऐसा टूल है जिसका इस्तेमाल करना चाहिए, लेकिन यह इंसानों की जगह नहीं ले सकता. इंसानी सोच हमेशा सबसे ऊपर रहेगी.”
उनकी इस बात को वहां मौजूद लोगों ने काफी ध्यान से सुना, क्योंकि आज AI को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह इंसानी नौकरियों और सोच की जगह ले लेगा.
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डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि पूरी दुनिया इस समय AI को लेकर तेजी से काम कर रही है. उन्होंने OpenAI के CEO Sam Altman का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले समय में AI स्वास्थ्य, संपत्ति और बढ़ती उम्र जैसी बड़ी मानवीय चुनौतियों को हल करने में मदद कर सकता है.
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका 2026 में AI सेक्टर पर सैकड़ों अरब डॉलर खर्च कर रहा है. इससे साफ है कि आने वाले समय में AI दुनिया की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, हेल्थकेयर और बिजनेस मॉडल को बड़े स्तर पर बदलने वाला है.
हालांकि, डॉ. चंद्रा ने इस बात पर भी जोर दिया कि AI को अंतिम लक्ष्य नहीं समझना चाहिए. उन्होंने कहा कि तकनीक हमेशा इंसानों के नियंत्रण और दिशा में रहनी चाहिए.
उनके मुताबिक:
लेकिन:
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डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि AI आने वाले समय में education sector में बड़ा बदलाव ला सकता है. इससे:
उन्होंने यह भी कहा कि बिजनेस और मीडिया इंडस्ट्री में भी AI तेजी से काम करने और बेहतर solutions देने में मदद कर रहा है.
21 मई 2026 Essel Group के लिए बेहद खास दिन रहा. 1926 में शुरू हुआ यह समूह आज मीडिया, एंटरटेनमेंट, पैकेजिंग और कई दूसरे सेक्टर्स में अपनी पहचान बना चुका है.
डॉ. सुभाष चंद्रा के नेतृत्व में:
जैसे बड़े प्लेटफॉर्म खड़े हुए, जिन्होंने भारतीय मीडिया इंडस्ट्री को नई दिशा दी.
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ऐसे समय में जब दुनिया भर में AI को लेकर बहस तेज है, डॉ. सुभाष चंद्रा का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है. उन्होंने साफ संकेत दिया कि तकनीक चाहे कितनी भी आगे बढ़ जाए, इंसानी सोच, समझ और विजन की अहमियत हमेशा बनी रहेगी.
उनका संदेश सीधा था:
“AI का इस्तेमाल कीजिए… लेकिन इंसानी सोच को कभी कम मत समझिए.”