&format=webp&quality=medium)
BSE ने Q4 में मुनाफे और आय के आधार पर अच्छा प्रदर्शन किया है. (Image: BSE Investor Presentation (edited))
BSE Q4 Results: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज BSE ने मार्च 2026 तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं. एक्सचेंज का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 61% बढ़कर ₹795 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹493 करोड़ था. तिमाही आधार पर मजबूत ट्रेडिंग एक्टिविटी और ऑपरेशनल ग्रोथ के दम पर कंपनी की कुल आय में भी बड़ा उछाल देखने को मिला. कंपनी ने 10 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का भी ऐलान किया है.
BSE लिस्टेड कंपनियों की संख्या के आधार पर देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है. इसका मार्केट कैप 416 लाख करोड़ के पार है. NSE यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है.
BSE का शेयर बस NSE पर लिस्टेड है. आज ये 3.35% की तेजी के साथ 3,981 रुपये के भाव पर बंद हुआ है. आज ही इसने 3,985 रुपये पर अपना नया 52-वीक हाई टच किया है.
ये भी पढ़ें: 229/शेयर का बंपर डिविडेंड! 80 साल पुरानी कंपनी ने निवेशकों को किया मालामाल! Q4 में 38% उछला मुनाफा
तिमाही के दौरान BSE की ऑपरेशंस से आय बढ़कर ₹1563.5 करोड़ रही, जबकि एक साल पहले यह ₹846.6 करोड़ थी. वहीं कुल आय बढ़कर ₹1630 करोड़ के पार पहुंच गई. कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स भी बढ़कर ₹1063 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹659 करोड़ था.
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो BSE का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹2475 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹1317 करोड़ था. यानी सालाना आधार पर करीब 88% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई. कंपनी की कुल आय भी बढ़कर ₹5148 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹3236 करोड़ थी.

खर्चों में बढ़ोतरी के बावजूद BSE की कमाई मजबूत रही. रेग्युलेटरी कॉन्ट्रिब्यूशन, टेक्नोलॉजी और कर्मचारी खर्च बढ़े, लेकिन ट्रेडिंग वॉल्यूम और मार्केट एक्टिविटी में तेजी का फायदा कंपनी को मिला. मजबूत नतीजों के बाद बाजार की नजर अब मैनेजमेंट की आगे की ग्रोथ गाइडेंस और कैश मार्केट ट्रेंड्स पर रहेगी.
BSE ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹2 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹10 के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है. हालांकि यह डिविडेंड कंपनी की आगामी 21वीं Annual General Meeting (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद ही लागू होगा.
LIVE TV:
कंपनी ने डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 तय की है. यानी जिन निवेशकों के नाम इस तारीख तक कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, वही इस डिविडेंड के हकदार होंगे. BSE ने यह भी कहा है कि फाइनल डिविडेंड का भुगतान गुरुवार, 17 सितंबर 2026 तक या उससे पहले कर दिया जाएगा. यह भुगतान लागू टैक्स कटौती (TDS) के बाद किया जाएगा.
BSE का डिविडेंड ट्रैक रिकॉर्ड भी काफी मजबूत रहा है. कंपनी ने 22 फरवरी 2017 से अब तक कुल 13 बार डिविडेंड घोषित किया है. लगातार बढ़ती कमाई और मजबूत कैश फ्लो की वजह से कंपनी शेयरधारकों को नियमित रूप से रिवॉर्ड देती रही है.
पिछले 12 महीनों में BSE ने कुल ₹23 प्रति शेयर का इक्विटी डिविडेंड घोषित किया है. मौजूदा शेयर कीमत करीब ₹3963.6 के हिसाब से कंपनी की डिविडेंड यील्ड लगभग 0.58% बनती है.
हालांकि बोनस और स्टॉक स्प्लिट को एडजस्ट करने के बाद डिविडेंड यील्ड करीब 0.19% रहती है. इसका मतलब है कि BSE का फोकस सिर्फ डिविडेंड देने पर नहीं, बल्कि लॉन्ग टर्म ग्रोथ और शेयरहोल्डर वैल्यू क्रिएशन पर भी रहा है.
| अवधि | BSE रिटर्न | Benchmark/Index Return |
| 1 हफ्ता | 9.35% | 4.35% |
| 1 महीना | 34.91% | 13.12% |
| 2026 (YTD) | 51.48% | 1.58% |
| 1 साल | 79.53% | 14.34% |
| 3 साल | 2241.35% | 94.95% |
| 5 साल | 5004.50% | 158.37% |
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 BSE और NSE क्या हैं?
BSE और NSE भारत के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज हैं, जहां कंपनियों के शेयरों की खरीद-बिक्री होती है. निवेशक इन्हीं प्लेटफॉर्म्स के जरिए शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते हैं.
Q2 BSE और NSE में क्या अंतर है?
BSE एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है, जबकि NSE ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से देश का सबसे बड़ा एक्सचेंज माना जाता है. दोनों एक्सचेंज पर कई कंपनियां लिस्टेड होती हैं.
Q3 Dividend क्या होता है?
Dividend कंपनी के मुनाफे का वह हिस्सा होता है, जिसे कंपनी अपने शेयरधारकों में बांटती है. यह नकद या अन्य रूप में दिया जा सकता है.
Q4 Record Date क्या होती है?
Record Date वह तारीख होती है, जिस दिन तक कंपनी के रिकॉर्ड में जिन निवेशकों का नाम होता है, उन्हें Dividend पाने का अधिकार मिलता है.
Q5 Dividend Yield क्या होती है?
Dividend Yield बताती है कि किसी शेयर की मौजूदा कीमत के मुकाबले निवेशक को कितना डिविडेंड मिल रहा है. इसे प्रतिशत में मापा जाता है.