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अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने तेलंगाना सरकार के साथ MoU किया.
Defence Stocks: स्मॉलकैप एयरोस्पेस एंड डिफेंस कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स (Apollo Micro Systems) मंगलवार को बड़ा अपडेट दिया है. शेयर बाजार को दी जानकारी में डिफेंस कंपनी ने बताया कि उसने डिफेंस और हाई-एनर्जेटिक एक्सप्लोसिव्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने 8 दिसंबर 2025 को तेलंगाना सरकार (GoT) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत तेलंगाना में एक ₹1500 करोड़ की लागत वाला ग्रीनफील्ड परियोजना स्थापित की जाएगी. शुरुआती कारोबार में शेयर में 4.9 फीसदी की गिरावट आई.
यह प्रस्तावित परियोजना AMS और उसकी सहायक कंपनियों द्वारा स्थापित की जाएगी. इसका प्राथमिक लक्ष्य कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग और विस्फोटक भरने की क्षमताओं का विस्तार करना है. इस पर लगभग ₹1500 करोड़ निवेश किए जाएंगे.
वॉरहेड्स, रॉकेट मोटर्स, छोटे से बड़े कैलिबर के आर्टिलरी सिस्टम और गोला-बारूद और आर्टिलरी और रॉकेट्स के लिए पूर्ण गोला-बारूद प्रणालियां. यह परियोजना घरेलू और विदेशी दोनों तरह की रक्षा मांगों को पूरा करेगी.
MoU के अनुसार, तेलंगाना सरकार इस परियोजना के लिए AMS को पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी. राज्य सरकार मौजूदा नीतियों, नियमों और विनियमों के अनुसार सभी जरूरी मंजूरियां, रजिस्ट्रेशन, अप्रूवल, क्लियरेंस और लागू फिस्कल इन्सेंटिव्स मिलने में AMS की सहायता करेगी.

अपोलो माइक्रो सिस्टम्स मैनेजिंग डायरेक्टर करुणाकर रेड्डी ने इस पहल को परिवर्तनकारी कदम बताया. उन्होंने कहा कि यह विस्तार AMS को भारत के रक्षा क्षेत्र में बढ़ती मांग का पूरा फायदा उठाने, विकास की गति को तेज करने और स्वदेशी डिफेंस इको में अपनी नेतृत्व स्थिति को मजबूत करने में सक्षम बनाएगा.
यह नई सुविधा IDL एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड के साथ मजबूत तालमेल बनाएगी, जिससे आर्टिलरी शेल्स, मोरेड माइंस, MIGM और ग्रैड रॉकेट्स जैसे कैप्टिव विस्फोटक आवश्यकताओं को निर्बाध रूप से पूरा किया जा सकेगा.
रेड्डी ने जोर दिया कि इस परियोजना से AMS केवल क्षमता का विस्तार नहीं कर रही है, बल्कि राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत कर रही है, आत्मनिर्भरता बढ़ा रही है और उच्च गुणवत्ता वाली वृद्धि की नींव रख रही है.

चालू वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में Apollo Micro Systems ने दमदार रिजल्ट पेश किया है. सितंबर तिमाही में मुनाफा 98.15% बढ़कर ₹31.11 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इस तिमाही में ₹15.7 करोड़ था. इस दौरान डिफेंस कंपनी का रेवेन्यू 40.2% चढ़कर ₹225.3 करोड़ हो गया जबकि दूसरी तिमाही में EBITDA यानी कामकाजी मुनाफा 82.7% चढ़कर ₹59.59 करोड़ रहा. सितंबर तिमाही में मार्जिन पिछले साल के 20.29% से बढ़कर 26.45% रहा.
डिफेंस स्टॉक की परफॉर्मेंस देखें तो इसने बीते 6 महीने में 21 फीसदी और इस साल अबतक 100 फीसदी रिटर्न दिया है. बीते एक साल में शेयर ने निवेशकों को करीब 139 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है. जबकि बीते 3 साल में शेयर का रिटर्न 820 फीसदी और 5 साल में 1729 फीसदी रहा. स्टॉक का 52 वीक हाई 354.65 रुपए है और लो 92.50 रुपए है.
| Duration | Absolute Chg | Change % |
|---|---|---|
| 1 Week | -39.50 | -14.10% |
| 2 Weeks | -32.15 | -11.79% |
| 1 Month | -28.30 | -10.52% |
| 3 Months | -31.30 | -11.51% |
| 6 Months | 41.35 | 20.75% |
| YTD | 120.00 | 99.46% |
| 1 Year | 140.00 | 139.10% |
| 2 Years | 119.15 | 98.07% |
| 3 Years | 214.49 | 819.92% |
| 5 Years | 227.49 | 1728.65% |
| 10 Years | - | - |
FAQs
1. MoU किस कंपनी और किस राज्य सरकार के बीच हुआ है?
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड (AMS) और तेलंगाना सरकार के बीच.
2. परियोजना के लिए अनुमानित निवेश कितना है?
लगभग ₹1500 करोड़.
3. यह किस प्रकार की परियोजना है?
यह एक ग्रीनफील्ड परियोजना है.
4. इस प्लांट में क्या बनाया जाएगा?
वॉरहेड्स, रॉकेट मोटर्स, छोटे से बड़े कैलिबर के आर्टिलरी सिस्टम और गोला-बारूद, तथा आर्टिलरी और रॉकेट्स के लिए पूर्ण गोला-बारूद प्रणालियां.
5.क्या यह उत्पादन केवल भारत के लिए होगा?
नहीं, यह परियोजना घरेलू और विदेशी दोनों मांग जरूरतों को पूरा करेगा.
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