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यह कॉन्ट्रैक्ट 200 से 500 करोड़ रुपए का है.
Defence PSU Stock: डिफेंस पीएसयू कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard) पर बड़ी खबर है. रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, Cochin Shipyard ने डेनमार्क की ग्लोबल टॉवेज कंपनी Svitzer के साथ चार अत्याधुनिक फुली इलेक्ट्रिक TRAnsverse 2600E टग्स के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण करार किया है. कंपनी ने यह भी बताया कि भविष्य में इसी मॉडल के चार और टग्स के निर्माण के विकल्प भी इस कॉन्ट्रैक्ट में शामिल हैं. कोचीन शिपयार्ड ने इस ऑर्डर को अपनी आंतरिक वर्गीकरण प्रणाली के तहत 'Significant Order' की श्रेणी में रखा है. यानी यह ऑर्डर 250 से 500 करोड़ रुपए का हो सकता है.
यह करार 5 दिसंबर 2025 को औपचारिक रूप से अंतिम रूप दिया गया, जो 31 अक्टूबर 2025 को हस्ताक्षरित एक Letter of Intent (LoI) का विस्तार है. यह प्रोजेक्ट न केवल दोनों कंपनियों की साझेदारी को मजबूत करती है, बल्कि भारत में स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमताओं और हरित समुद्री इंजीनियरिंग को नई दिशा देती है.

ये 26-मीटर लंबे, अत्याधुनिक डिजाइन वाले टग्स पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होंगे, जिससे समुद्री संचालन में कार्बन उत्सर्जन को बहुत हद तक कम किया जा सकेगा. इन टग्स की बोलार्ड-पुल क्षमता 70 टन होगी- जो उन्हें वैश्विक बंदरगाह संचालन के लिए बेहद शक्तिशाली बनाती है. इन्हें Svitzer की विशिष्ट जरूरतों और डिजाइन मानकों के अनुरूप कोचीन शिपयार्ड में तैयार किया जाएगा.
इलेक्ट्रिक टग्स दुनियाभर में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं क्योंकि वे पारंपरिक डीजल-चालित टग बोट्स की तुलना में शून्य उत्सर्जन, कम शोर, उच्च ऊर्जा दक्षता और कम परिचालन लागत प्रदान करते हैं. Svitzer विश्व के प्रमुख समुद्री टॉवेज समाधान प्रदाताओं में से एक है और यह साझेदारी उसकी ग्रीन ट्रांजिशन रणनीति के अनुरूप है.
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| Aspect | Details |
|---|---|
| Vessel Type | 26-metre fully electric TRAnsvserse (TRAnsvserse 2600E) |
| Bollard Pull | 70 Ton |
| Number of Vessels | 4 (with an option for up to 4 additional vessels) |
| Delivery Timeline | Commencing from late 2027 |
सितंबर 2025 तिमाही (Q2 FY26) में डिफेंस पीएसयू (Defence PSU) का रेवेन्यू ₹19,287 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹18,068 करोड़ से करीब 7% ज्यादा है. हालांकि, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹289 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही के ₹373 करोड़ से थोड़ा घटा है. इसका मुख्य कारण शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट्स में देरी और कुछ लागतों में बढ़ोतरी रही. कंपनी के ऑपरेटिंग लेवल पर प्रॉफिट (EBITDA) ₹552 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन लगभग 17% से घटकर 15% पर आ गया.
Cochin Shipyard का शिपबिल्डिंग सेगमेंट का रेवेन्यू ₹939 करोड़ रहा, जबकि शिप रिपेयर बिजनेस ने ₹989 करोड़ की कमाई की, जो कंपनी की कुल आय में बड़ा योगदान रखता है. कंपनी ने बताया कि “International Ship Repair Facility (ISRF)” और “New Dry Dock Project” जैसी मेजर कैपिटल प्रोजेक्ट्स अब पूरी तरह से ऑपरेशनल हो चुकी हैं, जिससे आने वाले क्वार्टर्स में मार्जिन बेहतर होने की उम्मीद है.
कंपनी की कुल नेटवर्थ ₹57,722 करोड़ रही, जबकि डेब्ट-इक्विटी रेशियो सिर्फ 0.09 है, जो बताता है कि कंपनी पर बहुत कम कर्ज है. Cochin Shipyard का क्रेडिट रेटिंग AAA बनी हुई है. कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 17% और नेट प्रॉफिट मार्जिन 11% पर स्थिर रहा. इसके अलावा, कंपनी ने अपने एसेट्स की सिक्योरिटी के लिए डिबेंचर होल्डर्स के सामने पूरी जानकारी दी है. इसका Asset Coverage Ratio 5.59 है, यानी कंपनी की संपत्तियां उसके कर्ज से पांच गुना ज्यादा हैं.
Q1. कोचीन शिपयार्ड (CSL) ने किस कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया है?
CSL ने डेनमार्क की टॉवेज सेवा कंपनी Svitzer के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया है
Q2. कॉन्ट्रैक्ट के तहत क्या बनाया जाएगा?
CSL चार फुली इलेक्ट्रिक ‘TRAnsverse 2600E’ टग्स का निर्माण करेगा.
Q3. क्या और टग्स का विकल्प भी शामिल है?
हां, कॉन्ट्रैक्ट में 4 अतिरिक्त टग्स के विकल्प भी दिए गए हैं.
Q4. इन टग्स की प्रमुख विशेषता क्या है?
ये 26 मीटर लंबे, पूरी तरह इलेक्ट्रिक टग्स होंगे.
Q5. इन टग्स की डिलीवरी कब से शुरू होगी?
डिलीवरी 2027 के अंत से शुरू होने की उम्मीद है.
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