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भारत की प्रमुख सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders Ltd (MDL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (Q2 FY26) के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं. कंपनी ने अपने बोर्ड मीटिंग के बाद सोमवार, 27 अक्टूबर 2025 को परिणाम जारी किए, जिनमें नेट प्रॉफिट ₹749 करोड़ तक पहुंच गया- जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले शानदार बढ़ोतरी को दिखाता है.
कंपनी ने इस दौरान ऑपरेशंस से कुल रेवेन्यू ₹2,92,924 लाख (लगभग ₹2,929 करोड़) दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में करीब 6% ज्यादा है. यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से रक्षा मंत्रालय के ऑर्डर्स, नौसेना परियोजनाओं और अंतरराष्ट्रीय अनुबंधों में निरंतर प्रगति के कारण हुई है.
मझगांव डॉक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹74,948 लाख (₹749 करोड़) रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹58,508 लाख की तुलना में करीब 28% की बढ़ोतरी है. कंपनी ने पिछले क्वार्टर (Q1 FY26) में ₹452 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया था, यानी सीक्वेंशियल बेसिस पर भी लगभग 65% की मजबूत ग्रोथ देखने को मिली.
MDL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कैप्टन जगमोहन (रिटायर्ड) ने कहा, “कंपनी की प्रोजेक्ट एफिशिएंसी और समय पर डिलीवरी ने हमारे प्रदर्शन को मजबूत किया है. डिफेंस और ऑफशोर सेगमेंट दोनों में बढ़ती मांग ने हमारे ऑर्डर बुक और रेवेन्यू फ्लो को और सुदृढ़ बनाया है.”
कंपनी के बोर्ड ने ₹5 फेस वैल्यू वाले शेयर पर ₹6 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है. इसके लिए रिकॉर्ड डेट 4 नवंबर 2025 तय की गई है और भुगतान 26 नवंबर 2025 से पहले किया जाएगा.
इस कदम से कंपनी के मजबूत नकदी प्रवाह (cash reserves) और स्वस्थ बैलेंस शीट का संकेत मिलता है. FY26 की पहली छमाही के अंत तक MDL के पास ₹8,67,000 लाख (₹8,670 करोड़) से अधिक की बैंक बैलेंस और कैश इक्विवेलेंट संपत्ति थी.
MDL का कुल आय (Total Income) इस तिमाही में ₹3,19,987 लाख रही, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹3,01,467 लाख थी. ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) मार्जिन में सुधार देखने को मिला, क्योंकि मटीरियल कॉस्ट और सब-कॉन्ट्रैक्ट एक्सपेंस में कमी आई.
सितंबर 2025 तक कंपनी के पास कुल टोटल एसेट्स ₹25,95,213 लाख रही, जबकि कुल इक्विटी ₹8,91,027 लाख दर्ज की गई. कंपनी का नेट कैश और कैश इक्विवेलेंट ₹4,31,815 लाख रहा, जो दिखाता है कि कंपनी के पास पर्याप्त लिक्विडिटी है.
ऑपरेशंस से नेट कैश फ्लो -₹3,28,784 लाख रहा (मटीरियल इन्वेंटरी और प्रोजेक्ट पेमेंट्स में वृद्धि के कारण). हालांकि इन्वेस्टिंग एक्टिविटीज से कंपनी को ₹2,55,102 लाख का नेट इनफ्लो मिला.
कंपनी की एसोसिएट यूनिट Goa Shipyard Limited का वित्तीय प्रदर्शन भी सकारात्मक रहा. MDL के हिस्से में गोवा शिपयार्ड का ₹3,961 लाख प्रॉफिट शामिल हुआ. इससे कंपनी के कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में और मजबूती आई.
Q1. Mazagon Dock का Q2 FY26 नेट प्रॉफिट कितना रहा?
कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹74,948 लाख (₹749 करोड़) रहा, जो पिछले साल से 28% अधिक है.
Q2. कंपनी का कुल रेवेन्यू कितना रहा?
ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹2,92,924 लाख रहा, जबकि कुल आय ₹3,19,987 लाख रही.
Q3. बोर्ड ने कितना डिविडेंड घोषित किया है?
प्रति शेयर ₹6 का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया गया है.
Q4. कंपनी की एसोसिएट फर्म कौन सी है?
कंपनी की एसोसिएट फर्म Goa Shipyard Limited है, जिसका 47.21% हिस्सा MDL के पास है.
Q5. Mazagon Dock का भविष्य कैसा दिख रहा है?
कंपनी रक्षा क्षेत्र की बढ़ती मांग और सरकारी निवेश के कारण आने वाले वर्षों में मजबूत ग्रोथ की राह पर है.