₹3.60 लाख करोड़ के डिफेंस डील को मंजूरी, 114 राफेल जेट, 8 Dornier 228 एयरक्राफ्ट समेत ये हथियार खरीदेगी सेना

डिफेंस सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. DAC की बैठक में 3.60 लाख करोड़ रुपए की बड़ी डील को मंजूरी मिल गई है. इस फैसले के बाद से बाजार में लिस्टेड डिफेंस सेक्टर से जुड़ी सभी कंपनियों पर नजर रहेगी.
₹3.60 लाख करोड़ के डिफेंस डील को मंजूरी, 114 राफेल जेट, 8 Dornier 228 एयरक्राफ्ट समेत ये हथियार खरीदेगी सेना

डिफेंस डील को मंजूरी 

डिफेंस सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई DAC (Defence Acquisition Council) की बैठक में 3.60 लाख करोड़ रुपए के रक्षा सौदे को मंजूरी मिल गई है. इस बैठक में सशस्त्र बलों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को एक्सेपटेन्स ऑफ नेसेसिटी (AoN) यानी कि जरूरत की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है. इस फैसले के बाद से बाजार में लिस्टेड डिफेंस सेक्टर से जुड़ी सभी कंपनियों पर नजर रहेगी. इसमें HAL, Mazagon Dock जैसी कंपनियां शामिल हैं.

इन प्रस्तावों की कुल अनुमानित लागत करीब 3.60 लाख करोड़ रुपए है. इस फैसले से भारतीय वायुसेना, थलसेना, नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल की ऑपरेशनल क्षमता में बड़ा इजाफा होगा. खास बात ये है कि इन खरीद और प्रोजेक्ट्स में ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत पर खास जोर दिया गया है.

Add Zee Business as a Preferred Source

भारतीय वायुसेना को क्या मिलेगा फायदा?

भारतीय वायुसेना (IAF) के कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली है. इसमें Multi Role Fighter Aircraft (MRFA) सबसे बड़ा प्रस्ताव है, जिसमें राफेल फाइटर जेट्स शामिल हैं. MRFA की खरीद से वायुसेना की एयर डॉमिनेंस क्षमता यानी हवाई क्षेत्र में दबदबा और मजबूत होगा.

इससे भारत लंबी दूरी तक दुश्मन पर सटीक और ताकतवर हमले करने में सक्षम होगा, जिससे देश की डिटरेंस क्षमता यानी दुश्मन को डराने की ताकत भी काफी बढ़ेगी. सरकार का साफ कहना है कि MRFA का बड़ा हिस्सा भारत में ही बनाया जाएगा, जिससे घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बूस्ट मिलेगा.

दुश्मनों को दिखेगी ताकत!

इसके अलावा, वायुसेना के लिए कॉम्बैट मिसाइल्स की खरीद को भी मंजूरी दी गई है. ये मिसाइलें दुश्मन के ठिकानों पर दूर से हमला करने की क्षमता को बढ़ाएंगी और बेहद सटीक होंगी. इससे वायुसेना की डीप स्ट्राइक कैपेबिलिटी और मजबूत होगी.

एक और अहम सिस्टम है Air-Ship Based High Altitude Pseudo Satellite (AS-HAPS). इसका इस्तेमाल लंबे समय तक निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने, इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस, टेलीकम्युनिकेशन और रिमोट सेंसिंग जैसे सैन्य कामों में किया जाएगा.

थलसेना की ताकत कैसे बढ़ेगी?

भारतीय थलसेना (Indian Army) के लिए भी कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. इसमें एंटी-टैंक माइंस ‘विभव’ की खरीद शामिल है. इन माइंस का इस्तेमाल दुश्मन के टैंकों और बख्तरबंद वाहनों की रफ्तार को रोकने और उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाएगा.

Zee Business Hindi Live TV यहां देखें

इसके अलावा, Armoured Recovery Vehicles (ARVs), T-72 टैंकों और Infantry Combat Vehicles (BMP-II) के व्हीकल प्लेटफॉर्म के ओवरहॉल को भी मंजूरी दी गई है. इसका सीधा फायदा ये होगा कि सेना की ऑपरेशनल रेडीनेस और जमीनी ताकत बनी रहेगी.

नौसेना को कैसे मिलेगा फायदा?

भारतीय नौसेना (Indian Navy) के लिए भी अहम फैसले लिए गए हैं. DAC ने 04 मेगावाट Marine Gas Turbine आधारित Electric Power Generator की खरीद को मंजूरी दी है. ये प्रोजेक्ट Defence Acquisition Procedure 2020 के ‘Make-I’ कैटेगरी के तहत होगा, यानी इसे देश में ही विकसित किया जाएगा. इससे नौसेना को पावर जनरेशन के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी.

इसके अलावा, नौसेना के लिए P8I Long Range Maritime Reconnaissance Aircraft की खरीद को भी मंजूरी दी गई है. ये विमान समुद्र में दुश्मन की पनडुब्बियों पर नजर रखने, लंबी दूरी तक निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को कई गुना बढ़ा देंगे. इससे नौसेना की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर और युद्ध क्षमता और मजबूत होगी.

तटरक्षक बल को क्या मिलेगा?

भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के लिए Dornier विमानों में Electro-Optical/Infra-Red सिस्टम लगाने की मंजूरी दी गई है. इससे समुद्र में निगरानी क्षमता बेहतर होगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी.

DAC बैठक में क्या हुआ, प्वाइंट्स में समझें

  • DAC से 114 राफेल जेट खरीदने को मंजूरी
  • P8I मैरीटाइम एयरक्राफ्ट खरीदने को भी मंजूरी मिली
  • DAC से 3.6 लाख करोड़ रुपए के डिफेंस सौदे को मंजूरी
  • 3.60 लाख करोड़ रुपए के कैपिटल एक्विजिशन प्रपोजल को मंजूरी
  • डिफेंस फोर्सेज के लिए कैपिटल एक्विजिशन प्रपोजल को मंजूरी
  • रक्षा मंत्रालय 8 Dornier 228 एयरक्राफ्ट HAL से खरीदेगी
  • HAL से 8 Dornier 228 एयरक्राफ्ट `2312 Cr में खरीदेगी

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 DAC ने कितने रुपए के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दी है?

DAC ने करीब 3.60 लाख करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों को Acceptance of Necessity (AoN) दी है.

Q2 इस फैसले से भारतीय वायुसेना को क्या फायदा होगा?

भारतीय वायुसेना को Multi Role Fighter Aircraft (MRFA – राफेल), कॉम्बैट मिसाइल्स और AS-HAPS सिस्टम की मंजूरी मिली है.

Q3 थलसेना के लिए कौन-कौन से अहम प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं?

थलसेना के लिए एंटी-टैंक माइंस ‘विभव’, ARVs, T-72 टैंक और BMP-II वाहनों के प्लेटफॉर्म के ओवरहॉल को मंजूरी दी गई है.

Q4 भारतीय नौसेना को इन मंजूरियों से क्या लाभ मिलेगा?

नौसेना के लिए 04 मेगावाट Marine Gas Turbine आधारित Electric Power Generator और P8I Long Range Maritime Reconnaissance Aircraft की खरीद को मंजूरी मिली है.

Q5 इन रक्षा सौदों में ‘मेक इन इंडिया’ की क्या भूमिका है?

इन प्रस्तावों में मेक इन इंडिया पर खास जोर दिया गया है. MRFA सहित कई प्रोजेक्ट्स का निर्माण भारत में होगा, जिससे विदेशी निर्भरता घटेगी और देश के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6