&format=webp&quality=medium)
इस महारत्न पीएसयू कंपनी की बड़ी तैयारी, अपनी सब्सिडियरी में बेचेगी 25 फीसदी हिस्सा (फोटो - AI)
महारत्न पीएसयू कंपनी कोल इंडिया (Coal India) ने अपनी सब्सिडियरी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) के IPO को लेकर बड़ा कदम उठाया है. बाजार बंद होने के बाद फाइलिंग के दौरान इसकी जानकारी दी. कंपनी को MCL की लिस्टिंग के प्रस्ताव के लिए मंजूरी मिल गई है. इस मंजूरी के बाद अब Coal India अपनी सहायक कंपनी में हिस्सेदारी बेचने के साथ-साथ फ्रेश इक्विटी इश्यू के जरिए फंड जुटाने की तैयारी कर रही है.
जानकारी के मुताबिक, यह मंजूरी अल्ट्रनेटिव मैकेनिज्म की तरफ से दी गई है. इससे पहले कोल इंडिया और MCL दोनों कंपनियों के बोर्ड इस प्रस्ताव को मंजूरी दे चुके थे. अब IPO के जरिए कंपनी बाजार से पूंजी जुटाने की दिशा में आगे बढ़ेगी.
प्रस्तावित IPO के तहत कोल इंडिया, MCL में अपनी करीब 25% तक हिस्सेदारी घटा सकता है. यह हिस्सेदारी दो हिस्सों में बेची जाएगी. पहला हिस्सा Offer For Sale (OFS) के जरिए होगा, जिसमें Coal India अपनी मौजूदा हिस्सेदारी का कुछ भाग बेचेगा. वहीं दूसरा हिस्सा फ्रेश इक्विटी इश्यू का होगा, जिसमें MCL नए शेयर जारी कर पूंजी जुटाएगी.
ये भी पढ़ें: जल्द आ सकती है मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग PLI 2.0 स्कीम, वित्त मंत्रालय से चर्चा पूरी, एक्सपोर्ट पर ज्यादा फोकस
कंपनी ने कहा है कि डिसइन्वेस्टमेंट और फ्रेश इक्विटी इश्यू को मिलाकर कुल हिस्सेदारी बिक्री कोल इंडिया की मौजूदा हिस्सेदारी के 25% से ज्यादा नहीं होगी. इसके अलावा कंपनी भविष्य में जरूरत के मुताबिक आगे भी हिस्सेदारी बिक्री कर सकती है.
महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड की ओर से जारी किए जाने वाले नए शेयरों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल ऑपरेशनल जरूरतों और भविष्य की विस्तार योजनाओं में किया जाएगा. कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और कारोबारी विस्तार के लिए इस पूंजी का इस्तेमाल कर सकती है.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें
महानदी कोलफील्ड्स, कोल इंडिया की प्रमुख कोयला उत्पादक कंपनियों में से एक है और देश में कोयले की सप्लाई में इसकी अहम भूमिका मानी जाती है. ऐसे में IPO के जरिए निवेशकों को देश की बड़ी कोल प्रोड्यूसिंग कंपनी में निवेश का मौका मिल सकता है.
कोल इंडिया का मानना है कि सब्सिडियरी कंपनियों की लिस्टिंग से उनकी वैल्यू अनलॉक होगी और निवेशकों को बिजनेस की बेहतर विजिबिलिटी मिलेगी. MCL की लिस्टिंग भी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है.
IPO के जरिए पब्लिक मार्केट निवेशकों को MCL की ग्रोथ स्टोरी में भागीदारी का मौका मिलेगा. कोयला सेक्टर में मजबूत मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के चलते इस IPO पर निवेशकों की नजर रहने की उम्मीद है.
हालांकि कंपनी ने साफ किया है कि यह प्रस्ताव बाजार की परिस्थितियों और जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियों पर निर्भर करेगा. IPO का आकार, कीमत और टाइमलाइन से जुड़ी जानकारी आने वाले समय में साझा की जाएगी.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)