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देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है.
केंद्र सरकार पेट्रोलियम, रसायन एवं पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्र (पीसीपीआईआर) परियोजनाओं को अधिक आकर्षक बनाने के लिए नीतिगत हस्तक्षेप की तैयारी कर रही है. एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. रसायन एवं पेट्रोरसायन विभाग के सचिव पी. राघवेंद्र राव ने कहा, ‘‘पीसीपीआईआर के संबंध में कुछ दिक्कतें हैं. हम विभिन्न विकल्पों पर काम कर रहे हैं.’’
उन्होंने कहा कि सरकार देश में चार पीसीपीआईआर के लिए जनवरी में नीतिगत हस्तक्षेप कर सकती है. अभी पीसीपीआईआर के संबंध में केंद्र सरकार बाह्य संरचना के लिए जिम्मेदार होती है जबकि आंतरिक संरचना की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है. राव ने कहा कि अब केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ करीबी से काम कर सकती है.
बीते महीनों के दौरान देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. देश भर में इसे लेकर नाराजगी की खबरें भी आ रही हैं, हालांकि सरकार ने बाजार आधारित मूल्य प्रणाली या कीमतों की दैनिक समीक्षा के अपने फैसले पर विचार करने का कोई संकेत अभी तक नहीं दिया है. इसलिए उपभोक्ताओं को तत्काल किसी राहत की उम्मीद नहीं है. हालांकि यदि भारत में पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन बढ़ा या वैकल्पिक ऊर्जा में तेजी आई, तो ही बढ़ती कीमतों का कुछ समाधान हो सकेगा.