LIC में 2% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, 100 करोड़ डॉलर के शेयर की होगी बिक्री, ये है बड़ी वजह

LIC में सरकार 2% तक हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है. यह डील जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में आ सकती है और इससे सरकार करीब ₹9,500 करोड़ जुटा सकती है.
LIC में 2% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, 100 करोड़ डॉलर के शेयर की होगी बिक्री, ये है बड़ी वजह

LIC में हिस्सेदारी बेचने वाली है सरकार, स्टॉक पर रखना नजर (फोटो - AI)

कोल इंडिया के बाद सरकार एक और सरकारी कंपनी में हिस्सेदारी बेचने वाली है. ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक, सरकारी बीमा कंपनी LIC में सरकार 2 फीसदी तक की हिस्सेदारी बेच सकती है. लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) में सरकार की बड़ी हिस्सेदारी बेचने की खबर है. जून महीने के अंत या जुलाई महीने की शुरुआत में हिस्सेदारी बिक्री की योजना है.

बता दें कि LIC में सरकार 100 करोड़ डॉलर यानी कि 9500 करोड़ रुपए के शेयर को बेच सकती है. इससे पहले मंगलवार को सरकार की ओर से कोल इंडिया में 2% हिस्सेदारी बेचने की खबर आई थी. सरकार कोल इंडिया में OFS यानी कि ऑफर फॉर सेल के जरिए ये हिस्सेदारी बेचेगी.

हिस्सेदारी क्यों बेच रही सरकार?

भारत सरकार ने मई 2022 में लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन में 3.5% हिस्सेदारी बेचकर देश का उस समय का सबसे बड़ा IPO लॉन्च किया था, जिससे करीब ₹21,000 करोड़ जुटाए गए थे. उस दौरान शेयर का इश्यू प्राइस ₹949 प्रति शेयर रखा गया था.

एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, 31 मार्च तक LIC में भारत सरकार की हिस्सेदारी 96.5% है. वहीं भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनी को 2022 की लिस्टिंग के बाद मिनिमम 25% पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियम को पूरा करने के लिए 10 साल का समय दिया है. यानी LIC को मई 2032 तक इस नियम का पालन करना होगा.

ट्रांजैक्शन को मैनेज करेंगी ये कंपनी

भारत के वित्त मंत्रालय के तहत आने वाला निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) इस ट्रांजैक्शन को मैनेज करने के लिए Goldman Sachs Group Inc, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स, BNP Paribas SA और IIFL कैपिटल सर्विसेज के साथ काम कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक, इस डील को लेकर अभी चर्चा जारी है और इसके समय, आकार और अन्य शर्तों में बदलाव संभव है.

अगले महीने भारत में यह कुछ बड़े इक्विटी सौदों में शामिल हो सकता है, ऐसे समय में जब बाजार ईरान संघर्ष के आर्थिक असर से जूझ रहे हैं. बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे भारत के आयात बिल को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से ईंधन की खपत कम करने और विदेशी यात्राओं को सीमित रखने की अपील भी की है.

स्टॉक का प्रदर्शन

स्टॉक की चाल देखें तो बीते एक हफ्ते में ये शेयर करीब 4 फीसदी तक चढ़ा है. वहीं 2 हफ्ते में स्टॉक ने 5.24 फीसदी का रिटर्न दिया है. हालांकि, 6 महीने, सालभर और 2 साल में स्टॉक ने निगेटिव रिटर्न दिया है. बीते 3 साल में ये शेयर 37% तक उछल चुका है.

DurationChange (%)
1 हफ्ता3.13
1 महीना0.84
6 महीना-8.24
1 साल-5.17
2 साल-20.25
3 साल36.74

कैसे रहे तिमाही नतीजे?

तिमाही नतीजों की बात करें तो कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 23% बढ़कर 23,467 करोड़ रुपए रहा. पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹19,039 करोड़ था. इसके अलावा कंपनी की नेट प्रीमियम इनकम 12% बढ़कर 1.65 लाख करोड़ रुपए रही, जो एक साल पहले समान तिमाही में 1.48 लाख करोड़ रुपए थी. कंपनी की ग्रोथ में रिन्युएल प्रीमियम और सिंगल प्रीमियम दोनों सेगमेंट का बड़ा योगदान रहा.

वहीं कंपनी की आय में भी उछाल देखने को मिला. कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा निवेश से आता है. मार्च तिमाही में कंपनी की निवेश से आय 17 फीसदी बढ़कर ₹1.09 लाख करोड़ हो गई. पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹93,443 करोड़ थी. इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹10 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की भी सिफारिश की है. इसके अलावा कंपनी 1:1 के रेश्यो से भी बोनस शेयर का ऐलान कर सकती है.

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