Go Air मामले में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का सख्त एक्शन, वाडिया ग्रुप की 94 एकड़ जमीन होगी नीलाम!

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 5 दिसंबर 2025 को गो एयर से जुड़े वाडिया रियल्टी की ₹1,600 करोड़ की प्रॉपर्टी की नीलामी करेगा. यह प्रॉपर्टी ठाणे जिले के ओवले गांव में 94 एकड़ जमीन पर फैली है. गो एयर के लोन पर वाडिया रियल्टी ने कॉर्पोरेट गारंटी दी थी.
Go Air मामले में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का सख्त एक्शन, वाडिया ग्रुप की 94 एकड़ जमीन होगी नीलाम!

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने गो एयर (Go First) से जुड़े वाडिया ग्रुप की रियल एस्टेट कंपनी - वाडिया रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड (Wadia Realty Pvt Ltd) की करीब ₹1,600 करोड़ की प्रॉपर्टी की नीलामी (E-Auction) की घोषणा की है. बैंक ने यह कदम तब उठाया है जब Go Air के डिफॉल्टेड लोन पर वाडिया रियल्टी ने कॉर्पोरेट गारंटी दी थी. SARFAESI Act, 2002 के तहत यह संपत्ति अब वसूली प्रक्रिया में शामिल कर दी गई है.

क्या है मामला?

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि गो एयर (अब Go First के नाम से जानी जाती है) द्वारा लिए गए कर्ज पर वाडिया रियल्टी ने गारंटी दी थी. कंपनी द्वारा लोन की अदायगी न होने के बाद, बैंक ने इस प्रॉपर्टी को नीलाम करने का फैसला लिया है ताकि बकाया रकम की वसूली की जा सके. नीलामी की यह सूचना बैंक की कॉर्पोरेट फाइनेंस ब्रांच, फोर्ट (मुंबई) की ओर से जारी की गई है.

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ऑक्शन की तारीख और विवरण

⦁ नीलामी की तारीख: 5 दिसंबर 2025
⦁ समय: सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक
⦁ निरीक्षण की तारीख: 20 नवंबर 2025 (12 बजे से 4 बजे तक)
⦁ EMD जमा करने की अंतिम तिथि: 4 दिसंबर 2025, शाम 6 बजे तक
⦁ रिजर्व प्राइस: ₹1,604 करोड़
⦁ अर्नेस्ट मनी डिपॉज़िट (EMD): ₹80 करोड़ (रिज़र्व प्राइस का 5%)
⦁ बिड इन्क्रीमेंट अमाउंट: ₹2 करोड़

कहां है यह प्रॉपर्टी?

यह जमीन महाराष्ट्र के ठाणे जिले के ओवले गांव (Ovale, Bhayandarpada, Ghodbunder Road) पर स्थित है. इसकी कुल ज़मीन लगभग 94.71 एकड़ (लगभग 3.83 लाख वर्गमीटर) बताई गई है. प्रॉपर्टी में कई सर्वे नंबरों की ज़मीन शामिल है, जिनका स्वामित्व M/s Wadia Realty Pvt Ltd के नाम पर है. ये ज़मीनें गो एयर के लोन के बदले कॉर्पोरेट गारंटी के रूप में गिरवी रखी गई थीं.

SARFAESI Act के तहत बैंक का कदम

बैंक ने इस संपत्ति को SARFAESI Act, 2002 के तहत नीलाम करने का निर्णय लिया है. यह कानून बैंकों को उन संपत्तियों की वसूली का अधिकार देता है, जो गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) में तब्दील हो जाती हैं. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि नीलामी “as is where is” और “without recourse” आधार पर होगी यानि खरीदार को संपत्ति उसी स्थिति में स्वीकार करनी होगी, जिसमें वह है.

गो एयर की आर्थिक स्थिति और वाडिया ग्रुप की परेशानी

गो एयर पिछले साल से ही दिवालियापन प्रक्रिया (Insolvency Proceedings) में है. इंजन सप्लाई में अड़चनों और बढ़ते खर्चों के चलते कंपनी ने मई 2023 में अपनी सभी उड़ानें रोक दी थीं. वाडिया ग्रुप की इस एयरलाइन के ऊपर कई बैंकों का कर्ज है, जिनमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और IDBI बैंक शामिल हैं. बैंकों का कुल बकाया करीब ₹7,000 करोड़ से अधिक बताया जाता है.

बैंक ने बोली लगाने वालों को सलाह दी है कि वे समय सीमा से पहले EMD जमा करें और निरीक्षण प्रक्रिया में भाग लें. नीलामी की विस्तृत शर्तें और नियम सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की वेबसाइट centralbankofindia.co.in पर उपलब्ध हैं.

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