&format=webp&quality=medium)
इंट्राडे में ऐसा क्या हुआ कि 16% तक चढ़ा ये शेयर (फोटो - AI जनरेटेड)
ऑटो पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Rolex Rings का शेयर आज इंट्राडे में 16% तक चढ़ा है. शेयर में इतना तेज उछाल इसलिए देखने को मिला क्योंकि हाल ही में कंपनी ने बायबैक प्लान (Buyback Plan) के बारे में जानकारी दी. सोमवार को बाजार बंद होने के बाद कंपनी ने BSE फाइलिंग के दौरान इसकी जानकारी दी. कंपनी के इस ऐलान के बाद स्टॉक में तूफानी तेजी दिख रही है. अब गुरुवार को इस शेयर नजर रखना क्योंकि 23 अप्रैल को कंपनी बायबैक के प्रस्ताव पर फैसला लेगी.
मंगलवार को बाजार में ट्रेडिंग के दौरान शेयर में इंट्राडे में 16 फीसदी की तेजी दर्ज हुई है. स्टॉक ने 162 रुपए का भाव छुआ है. जबकि इस स्टॉक का 52-वीक हाई 166 रुपए है. ऐसे में ये शेयर अपने 52 वीक हाई से 5 रुपए के नीचे ट्रेड कर रहा है, यानी कि आसपास ही है.
ये पहली बार है कि ऑटो मैन्युफैक्चरिंग कंपनी इतिहास में पहली बार बायबैक करने वाली है. कंपनी ने बताया कि 23 अप्रैल 2026 को बोर्ड बैठक होगी. इस बोर्ड बैठक में बायबैक के प्रस्ताव को रखा जाएगा. कंपनी फुली पैड-अप इक्विटी शेयर का बायबैक यानी कि बाजार में मौजूद शेयरों को दोबारा निवेशकों से खरीदेगी.

Rolex Rings का स्टॉक आज तूफानी तेजी के साथ ट्रेड कर रहा है. दोपहर 3.00 बजे ये शेयर 15.57 फीसदी की तेजी के साथ 161.10 रुपए के भाव पर ट्रेड कर रहा है. स्टॉक का 52 वीक हाई लेवल 166.12 रुपए और 52 वीक लो लेवल 99.30 रुपए है. यहां नीचे टेबल में स्टॉक का प्रदर्शन दिखाया है -
| Duration | Change (%) |
| 1 हफ्ता | 22.57 |
| 1 महीना | 34.82 |
| 1 साल | 18.42 |
| 3 साल | -15.43 |
| 5 साल | - |
| 10 साल | - |
मुनाफे में जोरदार उछाल: Rolex Rings ने Q3FY26 (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में PAT 100% से ज्यादा बढ़ाकर ₹47.8 करोड़ दर्ज किया. पिछले साल इसी तिमाही (Q3FY25) में कंपनी का मुनाफा ₹20.2 करोड़ था.
रेवेन्यू ग्रोथ: कंपनी का रेवेन्यू 5.7% बढ़कर ₹274.80 करोड़ रहा. Q3FY25 में यह ₹259.9 करोड़ था. अदर इनकम में उछाल. अन्य आय (Other Income) ₹3.9 करोड़ से बढ़कर ₹17.4 करोड़ हो गई.
एक्सपोर्ट परफॉर्मेंस: यूरोप को निर्यात Q2 के मुकाबले 10% बढ़ा. FY25 के मुकाबले यूरोप एक्सपोर्ट में 25% की ग्रोथ दर्ज हुई. अमेरिका को निर्यात Q2 के मुकाबले 10% गिरा. FY25 के मुकाबले US एक्सपोर्ट में 30% की गिरावट आई.
ये भी पढ़ें: Stock Ideas: इन 4 शेयरों में 17% तक का अपसाइड, ब्रोकरेज की आई लेटेस्ट रिपोर्ट; ग्रोथ + वैल्यू का कॉम्बो कराएगा कमाई
शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो इस कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 52.2 फीसदी है. वहीं पब्लिक शेयरहोल्डिंग 11.5 फीसदी, विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 6 फीसदी, म्यूचुअल फंड की होल्डिंग्स 28.8 फीसदी और दूसरे हिस्सेदारी 1.5 फीसदी है.

Rolex Rings का कस्टमर बेस काफी डायवर्सिफाइड है, जिसमें ऑटोमोटिव (ICE, Hybrid और EV), इंडस्ट्रियल मशीनरी, रिन्यूएबल एनर्जी, विंड और रेलवे सेक्टर शामिल हैं. FY25 में कंपनी के एक्सपोर्ट्स का हिस्सा 52% रहा, जबकि घरेलू बिक्री 48% रही.
एडवांस्ड सेगमेंट्स पर फोकस: कंपनी अब ROIC (Return on Invested Capital) आधारित स्ट्रैटेजी के तहत एडवांस्ड ऑटोमोटिव और EV कंपोनेंट्स पर ज्यादा फोकस कर रही है.
ऑटो सेक्टर आउटलुक: कंपनी के अनुसार, ग्लोबल ऑटो सेक्टर अभी भी मुख्य रूप से ICE (Internal Combustion Engine) वाहनों पर आधारित है. हाइब्रिड वाहनों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि ये बेहतर रिलायबिलिटी और स्थापित सप्लाई चेन का फायदा देते हैं.
EV ग्रोथ पर चुनौतियां: EV सेगमेंट में ग्रोथ हो रही है, लेकिन इसकी रफ्तार अभी सीमित है. इसके पीछे टेक्नोलॉजिकल चुनौतियां, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और अलग-अलग क्षेत्रों की बाजार प्राथमिकताएं बड़ी वजह हैं.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 Rolex Rings के शेयर में तेजी क्यों आई?
कंपनी द्वारा बायबैक प्लान के ऐलान के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे शेयर में 16% तक की तेजी देखने को मिली.
Q2 Rolex Rings का बायबैक प्लान क्या है?
कंपनी 23 अप्रैल 2026 को बोर्ड बैठक में बायबैक प्रस्ताव पर विचार करेगी, जिसमें बाजार से शेयर वापस खरीदे जाएंगे.
Q3 Rolex Rings का शेयर अभी किस भाव पर ट्रेड कर रहा है?
शेयर इंट्राडे में 162 रुपए के आसपास पहुंचा और 3 बजे के करीब 161.10 रुपए के स्तर पर ट्रेड कर रहा था.
Q4 कंपनी के तिमाही नतीजे कैसे रहे?
Q3FY26 में कंपनी का मुनाफा 100% से ज्यादा बढ़कर ₹47.8 करोड़ हो गया, जबकि रेवेन्यू 5.7% बढ़कर ₹274.80 करोड़ रहा.
Q5 Rolex Rings का बिजनेस किस सेक्टर में है?
कंपनी ऑटो पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग में काम करती है. इसका बिजनेस ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल मशीनरी, रिन्यूएबल एनर्जी और रेलवे सेक्टर तक फैला हुआ है.