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2 साल में बदल गई BSNL की तस्वीर. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. केंद्रीय संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा है कि पिछले दो साल में BSNL ने मजबूत वापसी की है. कंपनी की कमाई बढ़ी है, नेटवर्क बेहतर हुआ है और अब गांवों व दूरदराज इलाकों तक कनेक्टिविटी पहुंचाने पर तेजी से काम हो रहा है.
डॉ. पेम्मासानी ने DD India को दिए इंटरव्यू में कहा कि BSNL की कमाई ₹21,000 करोड़ से बढ़कर ₹25,000 करोड़ पहुंच गई है. यानी दो साल में कंपनी की आय में करीब 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि कंपनी के कामकाज में सुधार का असर अब साफ दिखाई दे रहा है.
मंत्री ने बताया कि BSNL का EBITDA भी तेजी से बढ़ा है. यह ₹50 करोड़ से बढ़कर करीब ₹7,000 करोड़ तक पहुंच गया है. उनके मुताबिक इससे कंपनी की कामकाजी क्षमता बेहतर हुई है और अब BSNL मुनाफे की दिशा में आगे बढ़ रही है.
डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि BSNL में काम करने के तरीके, पुराने ढांचे और टावरों की खराब स्थिति जैसी समस्याओं पर काम किया गया. उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में टावर चलने की स्थिति सिर्फ 75 प्रतिशत थी. इसे बढ़ाकर 95 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया. इसके लिए 50,000 टावरों में 50,000 बैटरियां बदली गईं, बिजली व्यवस्था सुधारी गई और पुराने केबल बदले गए.
मंत्री ने कहा कि BSNL ने एक साल के भीतर 1 लाख टावरों पर स्वदेशी 4G तकनीक शुरू की. उन्होंने दावा किया कि भारत अब दुनिया का पांचवां देश बन गया है, जिसने इतनी गहरी स्वदेशी 4G तकनीक विकसित की है.
डॉ. पेम्मासानी ने माना कि लोगों का भरोसा वापस आने में समय लगेगा. उन्होंने कहा कि BSNL के प्लान निजी कंपनियों से काफी सस्ते हैं. उन्होंने बताया कि इंडिया पोस्ट ऑफिस के जरिए 1 रुपये का सिम दिया जा रहा है, ताकि लोग सेवा का इस्तेमाल करके खुद अनुभव कर सकें. ग्रामीण इलाकों में डाक कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को BSNL की सेवाओं के बारे में जानकारी भी दे रहे हैं.
मंत्री ने कहा कि देश के करीब 35,000 गांव ऐसे थे, जहां तकनीकी दिक्कतों, मुश्किल इलाकों या वामपंथी उग्रवाद की वजह से नेटवर्क नहीं पहुंच पाया था. उन्होंने बताया कि अब तक करीब 25,000 टावर लगाए जा चुके हैं और 10,000 टावरों पर काम जारी है.
डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जैसे इलाकों में BSNL के टावर लगने से लोग जल्दी पुलिस और प्रशासन से संपर्क कर पा रहे हैं. उनके मुताबिक इससे वामपंथी उग्रवाद कम करने में भी मदद मिल रही है. उन्होंने कहा कि जहां कनेक्टिविटी पहुंचती है, वहां विकास भी पहुंचता है.
मंत्री ने कहा कि सरकार BharatNet परियोजना के तहत करीब ₹1.40 लाख करोड़ खर्च कर रही है, ताकि हर ग्राम पंचायत तक तेज इंटरनेट पहुंचाया जा सके. उन्होंने बताया कि पहले चरण में 1.5 करोड़ ग्रामीण घरों तक इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. अभी करीब 15 लाख ग्रामीण घर जुड़े हुए हैं.
इंटरव्यू के आखिर में डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि अगले पांच साल में BSNL को “भरोसेमंद, गर्व करने लायक और मुनाफे वाली कंपनी” बनाना लक्ष्य है.