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BluSmart Wallet Refund: दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और मुंबई जैसे कई प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा के लिए पहचानी जाने वाली BluSmart ने अचानक से अपनी सर्विस को बंद कर दिया है. कंपनी ने 16 अप्रैल की शाम से ही बुकिंग लेना बंद कर दिया है. इसका सीधा असर कंपनी से जुड़े हजारों ड्राइवर्स पर पड़ने वाला है. इसके साथ ही कंपनी के वे सभी कस्टमर्स भी परेशान हैं, जिनके BluSmart के ऐप में भारी राशि पड़ी हुई है. सोशल मीडिया पर इन सभी कस्टमर्स ने पूछा कि उन्हें कैसे मिलेगा उनका रिफंड. आइए जानते हैं कि कंपनी ने इस बारे में क्या जानकारी दी है और क्या है BluSmart के वॉलेट से पैसे निकालने का नियम?
BluSmart, जो BP वेंचर्स जैसे बड़े निवेशकों द्वारा समर्थित है, ने ग्राहकों को एक ईमेल भेजकर सिर्फ इतना बताया कि ऐप पर बुकिंग अस्थायी रूप से बंद की जा रही है, लेकिन इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया. इस बीच, सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) ने BluSmart से जुड़ी कंपनी Gensol Engineering और उसके प्रमोटरों अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी के खिलाफ फंड गबन और गवर्नेंस गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर कार्रवाई की है. इन्हीं वजहों से BluSmart की सेवाओं पर असर पड़ा है.
SEBI की जांच में सामने आया है कि Gensol ने भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (IREDA) और पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) से कुल ₹977.75 करोड़ का लोन लिया था, जिसमें से ₹663.89 करोड़ विशेष रूप से 6,400 इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए था. लेकिन कंपनी ने अब तक सिर्फ 4,704 ईवी ही खरीदे हैं, जिससे लगभग ₹262.13 करोड़ का हिसाब बाकी रह गया है. ये ईवी BluSmart को लीज़ पर दिए गए थे, जिससे दोनों कंपनियों के बीच स्पष्ट संबंध सामने आए हैं.
कई ग्राहकों ने X (पूर्व में ट्विटर) पर अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा कि उनके वॉलेट में ₹20,000 तक की राशि फंसी है और उन्हें नहीं पता कि पैसे कब वापस मिलेंगे.
हालांकि BluSmart ने अपने ईमेल में भरोसा दिलाया है कि यदि सेवाएं 90 दिनों के भीतर शुरू नहीं होती हैं तो वॉलेट बैलेंस का पूरा रिफंड किया जाएगा.
"हम आपके समर्थन की सराहना करते हैं. यदि हमारी सेवाएं 90 दिनों के भीतर फिर से शुरू नहीं होती हैं, तो हम वॉलेट में मौजूद राशि का रिफंड प्रोसेस शुरू करेंगे," BluSmart ने अपने ग्राहकों को भेजे ईमेल में कहा.
वहीं कुछ यूज़र्स ने चिंता जताई है कि इस फैसले से ड्राइवर पार्टनर्स की रोज़ी-रोटी पर सबसे ज़्यादा असर पड़ा है, क्योंकि BluSmart के पास 10,000 से अधिक ड्राइवर पार्टनर्स हैं और 8,500 से अधिक ईवी की फ्लीट थी. कंपनी न सिर्फ भारत में बल्कि UAE में भी प्रीमियम ऑल-इलेक्ट्रिक लिमोज़ीन सेवाएं देती है.
फिलहाल, सेबी की जांच जारी है और BluSmart की वापसी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. लेकिन जिन ग्राहकों का पैसा फंसा है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि कंपनी ने 90 दिनों में रिफंड प्रोसेस की बात कही है. इस बीच, दिल्ली एयरपोर्ट ने भी एक यात्री एडवाइजरी जारी कर बताया है कि BluSmart की सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित हैं.