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Birla Corporation का Q4 मुनाफा 15% बढ़ा.
MP Birla Group की प्रमुख कंपनी Birla Corporation Limited ने FY26 में रिकॉर्ड सीमेंट बिक्री के साथ मजबूत नतीजे पेश किए हैं. कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 89% बढ़कर ₹558 करोड़ पहुंच गया. वहीं मार्च तिमाही में कंपनी का मुनाफा 15% बढ़कर ₹295 करोड़ रहा.
कंपनी ने बताया कि FY26 में उसकी कुल सीमेंट बिक्री 18.72 मिलियन टन रही, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. पूरे साल के दौरान कंपनी का कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 95% रहा, जबकि इंडस्ट्री का औसत करीब 70% माना गया.
मार्च 2026 तिमाही में कंपनी की सीमेंट बिक्री 4% बढ़कर 5.45 मिलियन टन पहुंच गई, जो किसी भी एक तिमाही का रिकॉर्ड स्तर है. हालांकि रियलाइजेशन कमजोर रहने से तिमाही रेवेन्यू लगभग सपाट रहा. कंपनी का Q4 रेवेन्यू ₹2,875 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹2,863 करोड़ था.

कंपनी का EBITDA मार्च तिमाही में 5.6% घटकर ₹549 करोड़ रहा, जबकि पूरे साल का EBITDA 19.5% बढ़कर ₹1,571 करोड़ पहुंच गया. वहीं कैश प्रॉफिट FY26 में 32% बढ़कर ₹1,307 करोड़ रहा.
कंपनी ने बताया कि मार्च तिमाही में प्रीमियम सीमेंट की बिक्री वॉल्यूम के लिहाज से 21% बढ़ी. ट्रेड चैनल में प्रीमियम सीमेंट की हिस्सेदारी 63% तक पहुंच गई. पूरे FY26 में प्रीमियम सीमेंट बिक्री 18% बढ़ी और कुल ट्रेड सेल्स में इसकी हिस्सेदारी 61% रही.

कंपनी के फ्लैगशिप ब्रांड Perfect Plus की बिक्री मार्च तिमाही में 27% बढ़ी, जबकि पूरे साल में इसमें 22% की ग्रोथ दर्ज की गई. वहीं Unique Plus ब्रांड की बिक्री Q4 में 7% और पूरे साल में 24% बढ़ी.
ब्लेंडेड सीमेंट की हिस्सेदारी मार्च तिमाही में कुल बिक्री का 87% रही. पूरे साल में ब्लेंडेड सीमेंट की बिक्री 11% बढ़ी और कुल बिक्री में इसकी हिस्सेदारी 88% तक पहुंच गई. मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में ब्लेंडेड सीमेंट बिक्री में 15-16% की सालाना ग्रोथ देखने को मिली.
कंपनी ने मार्च में Kundanganj Line III शुरू की, जिसके बाद सालाना उत्पादन क्षमता 20 मिलियन टन से बढ़कर 21.4 मिलियन टन हो गई. FY26 में पहली बार कंपनी का कुल सीमेंट उत्पादन 19 मिलियन टन तक पहुंचा.
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कंपनी ने FY26 में लागत नियंत्रण पर जोर दिया. पूरे साल पावर और फ्यूल कॉस्ट 4% घटकर ₹993 प्रति टन रही, जबकि pet coke की कीमतों में 36% की बढ़ोतरी हुई थी. कंपनी ने ग्रीन पावर की हिस्सेदारी 25% से बढ़ाकर 31% कर दी.
इसके अलावा कंपनी रेडी-मिक्स कंक्रीट और कंस्ट्रक्शन केमिकल बिजनेस का भी विस्तार कर रही है. फिलहाल कंपनी अपनी पांचवीं RMC फैक्ट्री बना रही है, जिसमें फोकस उत्तर प्रदेश पर है.
कंपनी के जूट बिजनेस पर कच्चे जूट की ऊंची कीमतों का असर पड़ा. मार्च तिमाही में Birla Jute Mills को करीब ₹12 करोड़ का कैश लॉस हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ₹4 करोड़ का प्रॉफिट था. हालांकि पूरे साल में कंपनी ने जूट बिजनेस का घाटा घटाकर ₹2.99 करोड़ कर लिया.
कंपनी के Managing Director और CEO संदीप घोष ने कहा कि ऑपरेटिंग एफिशिएंसी और लागत नियंत्रण के जरिए कंपनी ने प्रीमियमाइजेशन और मजबूत मार्केट पोजिशनिंग पर फोकस बनाए रखा. उन्होंने कहा कि कंपनी ने लाभ वाले बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत कर लगातार बेहतर प्रदर्शन दिया है.