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India-US Coal Gasification MoU पर कैबिनेट की मंजूरी की संभावना. (प्रतीकात्मक तस्वीर: NLC India)
NLC India Share Price: बुधवार को कैबिनेट बैठक से पहले Navratna PSU NLC India फोकस में आ गया है. सूत्रों के मुताबिक आज कैबिनेट भारत-अमेरिका Coal Gasification MoU को मंजूरी दे सकती है. अगर यह MoU मंजूर होता है, तो देश में कोल गैसिफिकेशन, केमिकल्स और क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिल सकता है.
इस खबर के बाद NLC India के शेयर में तेजी देखने को मिली. शेयर 3% से ज्यादा चढ़कर 355 रुपये के इंट्राडे हाई पर चला गया था.
सूत्रों के मुताबिक आज होने वाली कैबिनेट बैठक में भारत और अमेरिका के बीच Coal Gasification MoU को मंजूरी मिल सकती है. सरकार का फोकस कोयले को सिर्फ बिजली उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय उसे केमिकल, फर्टिलाइजर और सिंथेटिक फ्यूल जैसे सेक्टर्स में इस्तेमाल बढ़ाने पर है.
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इस MoU का एक बड़ा फोकस Coal Dumps और Fly Ash से critical minerals extraction भी है. इससे भारत में Cadmium और Vanadium जैसे अहम मिनरल्स के घरेलू उत्पादन का रास्ता खुल सकता है.
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NLC India और Bhabha Atomic Research Centre (BARC) ने Fly Ash से क्रिटिकल मिनरल्स ऐक्स्ट्रैक्शन के लिए पहले ही MoU किया है. इसे भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम कदम माना जा रहा है.
इस पहल से भारत की इंपोर्टेड गैस, मेथेनॉल और अमोनिया पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है. सरकार पहले ही Coal Gasification को बढ़ावा देने के लिए ₹37,500 करोड़ की इंसेंटिव स्कीम लॉन्च कर चुकी है. एनर्जी सप्लाई की चिंताओं के बीच 13 मई, 2026 को केंद्र सरकार ने कोल गैसिफिकेशन को बढ़ावा देने के लिए करीब ₹37,500 करोड़ की बड़ी स्कीम को मंजूरी दी थी.
सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक देश में 10 करोड़ टन यानी 100 Million Ton (MT) कोल गैसिफिकेशन क्षमता विकसित की जाए. इसके पीछे सबसे बड़ा मकसद है- तेल और नेचुरल गैस के आयात पर निर्भरता कम करना, घरेलू संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना और भारत को एनर्जी सिक्योरिटी के मामले में ज्यादा आत्मनिर्भर बनाना.
Coal Gasification को सरकार की बड़ी ऊर्जा और आत्मनिर्भरता रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. अगर कैबिनेट से मंजूरी मिलती है, तो इससे NLC India समेत कोल और एनर्जी सेक्टर की कई कंपनियों को लंबी अवधि में फायदा मिल सकता है.
NLC India देश की प्रमुख सरकारी कंपनियों में शामिल है, जो मुख्य रूप से लिग्नाइट माइनिंग और पावर जेनरेशन के कारोबार में काम करती है. कंपनी की स्थापना 1956 में हुई थी और आज इसके ऑपरेशंस देश के कई हिस्सों तक फैले हुए हैं.
NLC India को लंबे समय से लिग्नाइट यानी ब्राउन कोल माइनिंग और बिजली उत्पादन सेक्टर में पायनियर कंपनी माना जाता है. समय के साथ कंपनी ने अपने कारोबार का विस्तार करते हुए रिन्युएबल एनर्जी और कोल माइनिंग बिजनेस में भी एंट्री की है, जिसमें भारत के साथ विदेशी प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं.