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भारती एयरटेल लिमिटेड (Bharti Airtel) ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2025) के ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी ने इस तिमाही में ₹86,508 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹41,534 करोड़ की तुलना में 104% की बढ़त है.
वहीं, कुल रेवेन्यू ₹5,21,454 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल ₹4,14,733 करोड़ था. कंपनी ने बताया कि उसका EBITDA ₹3,02,891 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹2,21,009 करोड़ था. यह 37% की सालाना बढ़त को दर्शाता है.
Airtel के मोबाइल सर्विसेज इंडिया सेगमेंट ने इस तिमाही में ₹2,81,167 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि अफ्रीका सेगमेंट ने ₹1,36,795 करोड़ का योगदान दिया. भारत में कंपनी का डेटा यूसेज और 4G/5G सब्सक्रिप्शन तेजी से बढ़ा है, जिससे रेवेन्यू में मजबूती आई.
वहीं अफ्रीका में मुद्रा विनिमय लाभ और ग्राहक वृद्धि से रेवेन्यू में 35% का उछाल दर्ज हुआ. कंपनी के अनुसार, “इंडिया मोबाइल बिजनेस में औसत प्रति यूजर आय (ARPU) में सुधार देखने को मिला है, जो हाई वैल्यू वाले यूजर्स की संख्या बढ़ने और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग का परिणाम है.”
Airtel Business सेगमेंट ने ₹52,760 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि Home Broadband सेगमेंट ने ₹18,646 करोड़ का योगदान दिया. कंपनी ने बताया कि FTTH (Fiber to the Home) कनेक्शन की संख्या तेजी से बढ़ रही है, और छोटे शहरों में इसकी पहुंच मजबूत हुई है. डिजिटल टीवी सर्विसेज से कंपनी को ₹7,532 करोड़ का रेवेन्यू मिला. हालांकि, इस सेगमेंट की ग्रोथ धीमी रही क्योंकि उपभोक्ता धीरे-धीरे ओटीटी प्लेटफॉर्म की ओर शिफ्ट हो रहे हैं.
कंपनी के कुल खर्च (Expenses) ₹2,25,840 करोड़ रहे, जबकि पिछले साल यह ₹1,96,271 करोड़ था. इसके बावजूद प्रॉफिट मार्जिन बेहतर रहा क्योंकि EBITDA मार्जिन 31.4% तक पहुंच गया है, जो पिछले साल 26.2% था. टैक्स के रूप में एयरटेल ने इस तिमाही में ₹36,715 करोड़ का भुगतान किया. टैक्स चुकाने के बाद नेट प्रॉफिट ₹86,508 करोड़ दर्ज किया गया.
कंपनी की सहायक इकाई Airtel Africa plc ने अपने $100 मिलियन के बायबैक प्रोग्राम के तहत $18 मिलियन मूल्य के शेयर खरीदे. इसके बाद ग्रुप की हिस्सेदारी 62.47% से बढ़कर 62.60% हो गई. कंपनी ने कहा कि अफ्रीका यूनिट में तेजी से बढ़ती मोबाइल मनी और डेटा सर्विसेज कंपनी की भविष्य की ग्रोथ के मुख्य स्तंभ हैं.
कंपनी की सहायक इकाई Indus Towers Ltd ने एक बड़े ग्राहक से संबंधित वित्तीय अनिश्चितता को लेकर रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्राहक की भुगतान क्षमता DoT (Department of Telecommunications) के समर्थन और फंड रेजिंग पर निर्भर है. एयरटेल ने स्पष्ट किया कि कंपनी स्थिति पर नज़र रखे हुए है और अपने रिसीवेबल्स की वसूली के लिए सतर्कता बरत रही है.
कंपनी का Debt-Equity Ratio 0.82x रहा, जो पिछले साल के 1.28x से बेहतर है. नेट वर्थ ₹11,59,733 करोड़ रही जबकि कुल एसेट्स ₹52,38,629 करोड़ तक पहुंच गईं.
अन्य प्रमुख वित्तीय मेट्रिक्स-
इन मजबूत मेट्रिक्स से यह स्पष्ट है कि कंपनी की बैलेंस शीट पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है और कर्ज पर निर्भरता घट रही है.
कंपनी के ऑपरेटिंग एक्टिविटीज से कुल ₹6,08,912 करोड़ का नेट कैश फ्लो जनरेट हुआ, जो पिछले साल की तुलना में करीब 30% अधिक है. वहीं निवेश गतिविधियों में ₹2,55,834 करोड़ का आउटफ्लो हुआ, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, नेटवर्क विस्तार और स्पेक्ट्रम भुगतान शामिल हैं. कुल मिलाकर कंपनी के पास सितंबर 2025 तक ₹1,35,903 करोड़ की कैश और कैश इक्विवेलेंट राशि रही.
Bharti Airtel के CEO गोपाल विट्टल ने कहा, “इस तिमाही में हमने मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन सुधार दर्ज किया है. भारत में मोबाइल और होम सर्विसेज का प्रदर्शन शानदार रहा. अफ्रीका में हमारा डेटा बिजनेस लगातार बढ़ रहा है. हम अपने डिजिटल नेटवर्क को और मजबूत करने और भविष्य की तकनीक पर निवेश जारी रखेंगे.”
कंपनी का लक्ष्य आने वाले सालों में 5G नेटवर्क विस्तार को तेज करना और एंटरप्राइज बिजनेस में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाना है. साथ ही एयरटेल अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स- Airtel Xstream, Airtel Money और Nxtra Data को भी तेजी से स्केल कर रही है. एनालिस्ट्स का कहना है कि कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट, घटते कर्ज और बढ़ते कैश फ्लो को देखते हुए इसका स्टॉक लॉन्ग टर्म निवेश के लिए आकर्षक है.
₹86,508 करोड़, जो साल-दर-साल 104% की वृद्धि है.
रेवेन्यू ₹4.14 लाख करोड़ से बढ़कर ₹5.21 लाख करोड़ पहुंच गया.
मोबाइल सर्विसेज इंडिया और अफ्रीका सेगमेंट्स से.
हां, Airtel Africa ने $18 मिलियन के शेयर बायबैक किए.
5G विस्तार, डिजिटल सर्विसेज और एंटरप्राइज बिजनेस को मजबूत करना कंपनी की प्राथमिकता है.