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तेल की सबसे बड़ी कंपनी से आई राहत वाली खबर! (Image Source- Aramco)
दुनिया में कच्चे तेल को लेकर मचे हाहाकार के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. अरामको (Aramco) ने कमर कस ली है और अगले कुछ दिनों में अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को उसकी पूरी क्षमता पर चलाने की तैयारी पूरी कर ली है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के CEO अमीन नासिर के मुताबिक, यह पाइपलाइन जल्द ही 70 लाख बैरल प्रति दिन के स्तर तक पहुंच जाएगी. इस कदम को वैश्विक तेल बाजार के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर लगे प्रतिबंधों के कारण दुनिया भर में आपूर्ति की समस्या खड़ी हो गई है.
होर्मुज जलडमरूमध्य, जो सामान्य तौर पर दुनिया के 20 प्रतिशत तेल के गुजरने का रास्ता है, फिलहाल ईरान के रुख के कारण एक बड़े संकट के केंद्र में है. ऐसी स्थिति में अरामको के लिए अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का पूरा इस्तेमाल करना अनिवार्य हो गया है.
कंपनी इस पाइपलाइन के जरिए अरब लाइट और अरब एक्स्ट्रा लाइट कच्चे तेल को सीधे लाल सागर के यानबू बंदरगाह तक भेज रही है. अमीन नासिर ने साफ कहा है कि अगले कुछ दिनों के भीतर जैसे-जैसे ग्राहक अपना रूट बदलेंगे, पाइपलाइन अपनी अधिकतम 70 लाख बैरल प्रति दिन की क्षमता पर काम करना शुरू कर देगी.
अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि इस बार का संकट क्षेत्र के तेल और गैस उद्योग के लिए अब तक का सबसे बड़ा इम्तिहान है. वैश्विक इन्वेंट्री पहले ही पांच साल के निचले स्तर पर है, जिससे स्थिति और भी नाजुक हो गई है. लेकिन इन सबके बीच अरामको ने यह सुनिश्चित किया है कि वह अपने अधिकांश ग्राहकों की मांग को पूरा कर सके.
पाइपलाइन के अलावा कंपनी घरेलू जरूरतों के लिए भी तेल की दिशा मोड़ने में सक्षम है. रास तनुरा रिफाइनरी में लगी आग को भी पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है और वहां से काम को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश तेज है.
तेल की कीमतें सोमवार को 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब तक पहुंच गई थीं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के बाद इसमें कुछ नरमी आई है और फिलहाल कीमतें 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हैं.
ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वे जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाने के लिए नौसेना की मदद लेने को तैयार हैं. इन बयानों और अरामको के पाइपलाइन ऑपरेशन से बाजार को यह भरोसा मिल रहा है कि शायद सबसे बुरा दौर पीछे छूट जाए.
हालिया रिपोर्ट में अरामको के वार्षिक मुनाफे में 12 प्रतिशत की कमी देखी गई है, जिसका बड़ा कारण कच्चे तेल की गिरती कीमतें रही हैं. हालांकि, कंपनी ने अपने निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए पहली बार 3 अरब डॉलर मूल्य के शेयर वापस खरीदने का बड़ा फैसला किया है. यह कदम दिखाता है कि कंपनी हर मुश्किल दौर में भी अपने भविष्य को लेकर कितनी गंभीर है.