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Apollo Tyres ने अपने नीदरलैंड स्थित Enschede फैक्ट्री के ऑपरेशन्स को पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया है. कंपनी ने इस संबंध में ATNL वर्क्स काउंसिल के पास आधिकारिक रूप से 'Request for Advice' भी सबमिट कर दिया है. योजना के मुताबिक, 2026 के समर सीजन तक यह फैक्ट्री पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी और संबंधित ऑपरेशन्स को हंगरी स्थित प्लांट में शिफ्ट कर दिया जाएगा. डच लेबर यूनियन FNV के अनुसार, इस फैसले के चलते लगभग 500 कर्मचारियों की नौकरियों पर असर पड़ेगा और उन्हें टर्मिनेट किया जाएगा.
Apollo Tyres ने फैक्ट्री बंद करने के पीछे लागत बढ़ने को मुख्य वजह बताया है. कंपनी के अनुसार, Enschede प्लांट में एनर्जी प्राइसेज और लेबर कॉस्ट में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी, जिससे संचालन आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो गया था. इसके अलावा, लो कॉस्ट कॉम्पिटिटर्स के चलते बाजार में दबाव बढ़ा और कंपनी के कुछ निच सेगमेंट जैसे स्पेसमास्टर और एग्री टायर्स में भी मांग में कमजोरी देखने को मिली. इन सभी कारणों के चलते प्लांट बंद करने का निर्णय लेना पड़ा.
Apollo Tyres Netherlands (ATNL) की FY24 में कंपनी के कुल राजस्व में 5.8% (लगभग ₹1463.6 करोड़) का योगदान रहा था. वहीं, ATNL की नेटवर्थ ₹1166.7 करोड़ है, जो कंपनी की कुल नेटवर्थ का 8.4% है. ऐसे में फैक्ट्री बंद होने से कुछ सीमित वित्तीय असर देखने को मिल सकता है, हालांकि कंपनी का कहना है कि भविष्य में संचालन के अनुकूल स्थानों से उत्पादन बढ़ाने पर फोकस रहेगा.
ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley ने Apollo Tyres पर 'Equal Weight' रेटिंग बरकरार रखते हुए 503 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 2020 से ही डच प्लांट का ग्रेजुअल स्केल डाउन शुरू हो गया था और अब उत्पादन को भारत और हंगरी के प्लांट्स में पूरी तरह से ट्रांसफर किया जाएगा. मानना है कि इससे कंपनी की लॉन्ग टर्म मार्जिन प्रोफाइल बेहतर हो सकती है, हालांकि शॉर्ट टर्म में कुछ दबाव बना रह सकता है. Apollo Tyres के इस बड़े कदम को बाजार में कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन स्ट्रेटेजी के तौर पर देखा जा रहा है.