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Ambuja-ACC-Orient Merger: Adani Group सीमेंट सेक्टर की अपनी कंपनियों को लेकर एक बड़े प्लान पर काम करना शुरू कर चुका है. Ambuja Cement, ACC और Orient Cement के प्रस्तावित मर्जर को मंजूरी मिल चुकी है और अगले एक साल के भीतर इस पूरे ट्रांजैक्शन के पूरा होने की उम्मीद है.
इस मर्जर के बाद Ambuja Cement ग्रुप की फ्लैगशिप सीमेंट कंपनी बनकर उभरेगी, जिसमें ACC और Orient Cement के सभी ब्रांड, ट्रेडमार्क और एसेट्स ट्रांसफर कर दिए जाएंगे. यह डील सिर्फ ग्रुप स्ट्रक्चर को सरल बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद लागत घटाना, मार्जिन बढ़ाना और पूरे भारत में एक मजबूत सीमेंट पावरहाउस खड़ा करना है.
प्रस्तावित मर्जर के तहत Ambuja Cement में ACC और Orient Cement का विलय किया जाएगा. कंपनी का अनुमान है कि अगले 12 महीनों में इस मर्जर की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. मर्जर के बाद Ambuja Cement ही एकमात्र लिस्टेड ऑपरेटिंग एंटिटी होगी, जिसके तहत सभी सीमेंट बिजनेस चलेंगे. इसके साथ ही Penna Cement और Sanghi Industries के मर्जर की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे Ambuja की स्केल और पहुंच और मजबूत होगी.
इस मर्जर के बाद Ambuja के मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी करीब 13 प्रतिशत घटेगी. वहीं, प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी भी 67.65 प्रतिशत से घटकर 60.94 प्रतिशत पर आ जाएगी. हालांकि कंपनी का मानना है कि शॉर्ट टर्म डाइल्यूशन के बावजूद लॉन्ग टर्म में यह मर्जर शेयरहोल्डर वैल्यू बढ़ाने वाला साबित होगा.
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मर्जर के लिए स्पष्ट शेयर स्वैप रेश्यो तय किया गया है. ACC के शेयरहोल्डर्स को हर 100 शेयर के बदले Ambuja Cement के 328 शेयर मिलेंगे. वहीं Orient Cement के शेयरहोल्डर्स को हर 100 शेयर के बदले Ambuja Cement के 33 शेयर दिए जाएंगे. इस रेश्यो के आधार पर सभी शेयरहोल्डर्स Ambuja Cement में हिस्सेदार बन जाएंगे.
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ACC ने अपने बयान में कहा है कि यह मर्जर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाएगा, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स को ऑप्टिमाइज करेगा और कैपिटल डिप्लॉयमेंट को ज्यादा असरदार बनाएगा. कंपनी के मुताबिक इन सुधारों से प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ेगी, कैपेसिटी एक्सपेंशन को सपोर्ट मिलेगा और लॉन्ग टर्म में शेयरहोल्डर्स को बेहतर रिटर्न मिल सकेगा.
इस मर्जर के बाद ग्रुप स्ट्रक्चर काफी सरल हो जाएगा और रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस खत्म होंगे. एक ही प्लेटफॉर्म से पूरे भारत में सीमेंट बिजनेस ऑपरेट किया जाएगा, जिससे स्केल का फायदा मिलेगा. लागत में करीब 100 रुपये प्रति टन की बचत का अनुमान है, जिससे मार्जिन में मीडियम टर्म में सुधार देखने को मिल सकता है.
अनुमान के मुताबिक FY27 में EBITDA प्रति टन 1066 रुपये से बढ़कर करीब 1175 रुपये तक पहुंच सकता है. वहीं FY28 में EBITDA प्रति टन के और बढ़कर करीब 1251 रुपये तक जाने की संभावना जताई जा रही है. यह सुधार मुख्य रूप से कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन और बेहतर ऑपरेशनल लीवरेज के चलते संभव माना जा रहा है.
Morgan Stanley का मानना है कि यह मर्जर ACC के माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के लिए न्यूट्रल है, जबकि Orient Cement के माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के लिए यह डील पॉजिटिव साबित हो सकती है. CLSA के मुताबिक Ambuja Cement के शेयरहोल्डर्स के लिए इस मर्जर से करीब 10 प्रतिशत वैल्यू क्रिएशन संभव है. ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि Ambuja के मुकाबले ACC डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है और पिछले दो सालों में ACC ने अंडरपरफॉर्म किया है, जिससे मर्जर के बाद वैल्यू अनलॉक हो सकती है.
मर्जर से पहले ही Ambuja Cement की ग्रुप कंपनियों में मजबूत हिस्सेदारी है. Ambuja के पास ACC में 50.05 प्रतिशत, Orient Cement में 72.6 प्रतिशत, Penna Cement में 99.94 प्रतिशत और Sanghi Industries में 58.08 प्रतिशत हिस्सेदारी है. मर्जर के बाद ये सभी बिजनेस सीधे Ambuja Cement के तहत आ जाएंगे.
मर्जर के बाद Ambuja Cement की कुल सीमेंट क्षमता करीब 107 मिलियन टन प्रति वर्ष हो जाएगी. क्षेत्रवार देखें तो सेंट्रल इंडिया में 9.6 MTPA, ईस्ट में 23.5 MTPA, नॉर्थ में 19.3 MTPA, साउथ में 29.4 MTPA और वेस्ट में 24.5 MTPA की क्षमता होगी. यह जियोग्राफिकल डायवर्सिफिकेशन कंपनी को पूरे देश में मजबूत पकड़ देगा.
कुल मिलाकर Ambuja-ACC-Orient मर्जर को Adani Group की सीमेंट रणनीति का अहम पड़ाव माना जा रहा है. शॉर्ट टर्म में डाइल्यूशन जरूर दिखेगा, लेकिन स्केल, लागत बचत और मार्जिन सुधार के जरिए लॉन्ग टर्म में यह डील शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू क्रिएशन की मजबूत कहानी बन सकती है.
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