नहीं चाहिए भारी ब्याज का बोझ! तो जानें क्रेडिट कार्ड को 'NO' करने के 8 बड़े कारण

आज के टाइम में क्रेडिट कार्ड की सुविधा जितनी बेस्ट लगती है, उतनी ही रिस्क से भरी भी होती है.असल में आज जानें ज्यादा ब्याज, कर्ज का दबाव और फिजूलखर्ची से बचने के लिए क्यों क्रेडिट को “ना” कहे.
नहीं चाहिए भारी ब्याज का बोझ! तो जानें क्रेडिट कार्ड को 'NO' करने के 8 बड़े कारण

आज के टाइम में हर किसी के जेब में कुछ हो ना हो लेकिन क्रेडिट कार्ड जरूर होता है. क्रेडिट कार्ड होल्डर आमतौर पर बिना सोचे समझें जमकर पैसों को खर्च करते हैं और फिर पछताते हैं. असर में क्रेडिट कार्ड का हर महीने पूरा बिल नहीं चुकाने पर, हाई ब्याज और लेट फीस झेल आपकी फाइनेंशियल स्थिति को खराब कर सकती है. भले आज टाइम में क्रेडिट कार्ड की सुविधा को इग्नोर करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन अब क्रेडिट कार्ड को फाइनेंशियल सेफ्टी के लिए NO कहना जरूरी है? तो जानेंगे क्रेडिट कार्ड से हमको दूरी क्यों बनाना चाहिए.

क्रेडिट कार्ड वाले जान लें

  • क्रेडिट कार्ड के फायदे हैं, लेकिन बैलेंस रखने पर लॉन्ग टेन्योर में भारी नुकसान हो सकता है.
  • कमजोर क्रेडिट स्कोर वालों को ज्यादा ब्याज देना पड़ सकता है.
  • कैश या डेबिट से पेमेंट करने पर बजट में रहना और फिजूलखर्ची से बचना आसान होता है.
Add Zee Business as a Preferred Source
credit card

1- कर्ज का जाल

कैश या डेबिट कार्ड से खर्च करने पर आप उतना ही खर्च करते हैं, जितना पैसा आपके पास होता है. असल में क्रेडिट कार्ड पर तय लिमिट से ज्यादा खर्च करने का ऑप्शन मिल जाता है, लेकिन इसके साथ भारी फीस और ब्याज भी जुड़ जाता है.तो अगर टाइम पर पेमेंट न हो, तो कर्ज तेजी से बढ़ जाता है,ऐसे में बिना बजट के क्रेडिट कार्ड चलाना फाइनेंशियल परेशानी को न्योता देता है.

2- ऊंचा ब्याज

अगर हर मंथ क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल नहीं चुकाया जाता, तो बची हुए पैसों पर भारी ब्याज लगने लगता है.असल में केवल मिनिमम पेमेंट करने पर छोटा खर्च भी लंबे समय में बड़ा कर्ज बन सकता है और काफी ब्याज देना पड़ता है.

3- सालाना फीस और पेनल्टी

कई ऐसे क्रेडिट कार्ड होते हैं जिन पर सालाना फीस, लेट फीस और लिमिट पार करने पर चार्ज लगते हैं.ऐसे में कार्ड लेते टाइम अगर शर्तें ठीक से न पढ़ें तो नुकसान तय है.वैसे तो रिवॉर्ड्स और कैशबैक अच्छे लगते हैं, लेकिन बैलेंस रखने पर फायदा नहीं होता है.

4- क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर

अगर क्रेडिट कार्ड का बैलेंस ज्यादा रहे,या पेमेंट छूट जाए या फिर कई कार्ड पूरे यूज हों, तो फिर ऐसे में क्रेडिट स्कोर गिरता है.जी हां कम स्कोर होने पर इंश्योरेंस महंगा पड़ सकता है, किराये का घर या नौकरी मिलने में परेशानी आती है और होम लोन लेना भी मुश्किल हो जाता है.

5- लंबी अवधि में महंगा सौदा

जहां सेविंग्स और एफडी से आपका पैसा बढ़ता है, तो वहीं क्रेडिट कार्ड का बैलेंस रखने पर ब्याज पर ब्याज देना पड़ सकता है. याद रखें कि मिनिमम पेमेंट करने से अक्सर केवल ब्याज ही चुकता होता है, असली रकम जस की तस रहती है और बचत के कई साल खराब हो जाते हैं.

credit card

6- रिश्तों पर असर

पैसों को लेकर घर में झगड़े होना आम बात है.लेकिन क्रेडिट कार्ड वो चीज है जिसका कर्ज रिश्तों में तनाव बढ़ा सकता है.अगर क्रेडिट कार्ड है तो इसके खर्च को लेकर रिश्तों में खुलकर बातचीत जरूरी होती है.

7- फिजूलखर्ची और इम्पल्स खरीद

कार्ड से किसी भी चीज का पेमेंट करना बहुत आसान होता है, बस एक क्लिक में खरीद हो जाती है.लेकिन यही आसानी कई बार जरूरत से ज्यादा खर्च और बिना सोचे-समझे की गई अनचाही खरीद को बढ़ा देती है और कार्ड पर कर्ज बढ़ जाता है.

8- कैश की ताकत

वैसे कई जगह कैश से भुगतान करने पर बेहतर डील मिल जाती है, जैसे पेट्रोल पंप पर.भले छोटी-छोटी बचत भले कम लगे, लेकिन समय के साथ यही रकम बड़ी बन जाती है और खर्च पर अच्छा कंट्रोल रहता है और क्रेडिट कार्ड का यूज कम हो जाता है.


खबर से जुड़े FAQs

1. क्या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल हमेशा नुकसानदेह होता है?
नहीं, सही प्लानिंग और समय पर पूरा भुगतान हो तो यह उपयोगी हो सकता है.

2. क्रेडिट कार्ड पर ब्याज इतना ज्यादा क्यों होता है?
क्योंकि ये अनसिक्योर्ड लोन होते हैं, इसलिए बैंकों का जोखिम ज्यादा होता है.

3. रिवॉर्ड पॉइंट्स क्या ब्याज की भरपाई कर देते हैं?
नहीं, ब्याज आमतौर पर रिवॉर्ड्स से कहीं ज्यादा होता है.

4. क्रेडिट कार्ड कर्ज से क्रेडिट स्कोर कैसे प्रभावित होता है?
उच्च बैलेंस और लेट पेमेंट से स्कोर तेजी से गिरता है.

5. क्रेडिट कार्ड की जगह क्या बेहतर विकल्प हैं?
कैश और डेबिट कार्ड बजट में रहने और फिजूलखर्ची से बचने में मदद करते हैं.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6