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Personal Loan: कम ब्याज दर (Interest Rate) वाला ऑफर देखकर लोन ट्रांसफर (Loan Transfer) करने का मन बना रहे हैं? थोड़ा रुकिए. देखने में यह एक बढ़िया डील लग सकती है, लेकिन फायदे और नुकसान की असली तस्वीर तभी साफ होती है जब आप इसे गहराई से समझते हैं. पैसे के मामले में जल्दबाजी नहीं, बल्कि आपकी समझदारी जरूरी होती है.
मान लीजिए आपने 8 महीने पहले पर्सनल लोन लिया था. इस दौरान आपने जो EMI दी, उसका बड़ा हिस्सा ब्याज में गया, ना कि मूल रकम चुकाने में. ऐसे में ये समय बैलेंस ट्रांसफर करने के लिहाज से सही माना जा सकता है. लेकिन सिर्फ टाइमिंग काफी नहीं होती.
लोन समय से पहले चुकाने पर तमाम बैंक फोरक्लोजर चार्ज वसूलते हैं. ये आमतौर पर बचे हुए लोन अमाउंट का 2% से 5% तक हो सकता है. अगर आप बहुत जल्दी लोन ट्रांसफर करते हैं तो हो सकता है कि ये चार्ज आपके कम ब्याज का पूरा फायदा खत्म कर दे.
नए लोन देने वाले बैंक या फाइनेंस कंपनियां आपको कम ब्याज दर का लालच देंगी. लेकिन ध्यान रखिए, प्रोसेसिंग फीस, GST, डॉक्युमेंटेशन या लीगल चार्ज जैसे कई छिपे खर्च भी हो सकते हैं. ये सारे चार्ज आपके ट्रांसफर से होने वाली बचत को लगभग खत्म कर सकते हैं.
सिर्फ ब्याज दर की तुलना न करें, बल्कि कुल बचत निकालें. यानी जितना पैसा बच रहा है, उसमें से सभी चार्ज और ट्रांसफर खर्च घटाकर देखिए. अगर ये सब करने के बावजूद आपके पैसे बचते हैं तो आप लोन ट्रांसफर कर सकते हैं या एक बैंक से लोन बंद कर के दूसरे बैंक से सस्ती दर पर ले सकते हैं.
अगर इन 3 बातों पर आप खरे उतरते हैं तो बैलेंस ट्रांसफर आपके लिए फायदेमंद हो सकता है:
अगर इनमें से कोई भी बात नहीं मिलती, तो थोड़ा रुकना और दूसरे विकल्प जैसे पार्ट पेमेंट या लोन रीस्ट्रक्चरिंग पर सोचना समझदारी होगी.
मान लेते हैं कि आप 5 साल के लिए 1 लाख रुपये का लोन लेते हैं, जिस पर आप 11 फीसदी का ब्याज चुका रहे हैं. वहीं अब कोई बैंक आपको 10 फीसदी का ब्याज ऑफर कर रहा है. ऐसे में दोनों स्थितियों में आप हर साल कितने पैसे चुकाएंगे, उसकी कैलकुलेशन नीचे दी गई है.
| साल | कुल चुकाया गया ब्याज | कुल चुकाया गया मूलधन | साल के अंत में बकाया राशि |
| साल 1 (महीने 1-12) | ₹10,216 | ₹15,872 | ₹84,128 |
| साल 2 (महीने 13-24) | ₹8,421 | ₹17,667 | ₹66,461 |
| साल 3 (महीने 25-36) | ₹6,450 | ₹19,638 | ₹46,823 |
| साल 4 (महीने 37-48) | ₹4,279 | ₹21,809 | ₹25,014 |
| साल 5 (महीने 49-60) | ₹1,872 | ₹24,216 | ₹0 |
| कुल | ₹31,238 | ₹99,202 | - |
| साल | कुल चुकाया गया ब्याज | कुल चुकाया गया मूलधन | साल के अंत में बकाया राशि |
| साल 1 (महीने 1-12) | ₹9,416 | ₹16,084 | ₹83,916 |
| साल 2 (महीने 13-24) | ₹7,738 | ₹17,762 | ₹66,154 |
| साल 3 (महीने 25-36) | ₹5,910 | ₹19,590 | ₹46,564 |
| साल 4 (महीने 37-48) | ₹3,915 | ₹21,585 | ₹24,979 |
| साल 5 (महीने 49-60) | ₹1,729 | ₹23,771 | ₹0 |
| कुल | ₹28,708 | ₹98,800 | - |
दोनों टेबल देखने के बाद आपको लगेगा कि 10 फीसदी वाला विकल्प अच्छा है. हालांकि, यहां पर लोन क्लोजर चार्ज, प्रोसेसिंग फीस और अन्य किसी भी तरह के चार्ज को शामिल नहीं किया गया है.
कम ब्याज दर जरूर आकर्षक लगती है, लेकिन असली समझदारी ये जानने में है कि आपकी जेब में कितनी बचत होगी. सोच-समझकर लिया गया फैसला ही फाइनेंशियल प्लानिंग को मजबूत बनाता है. अपने बैंक के तमाम चार्ज एक साथ जोड़ें और फिर तय करें कि फायदा है या नहीं.
1- क्या हर कोई पर्सनल लोन बैलेंस ट्रांसफर कर सकता है?
नहीं, बैलेंस ट्रांसफर वही लोग कर सकते हैं, जिनका लोन अच्छा चला हो और जिन्होंने समय पर EMI भरी हो. बैंक पहले आपके क्रेडिट स्कोर और लोन हिस्ट्री की जांच करेगा.
2- ट्रांसफर करने पर क्या नया लोन समझा जाएगा?
जी हां, बैलेंस ट्रांसफर एक तरह से नया लोन ही होता है. इसमें नई प्रोसेसिंग, दस्तावेज और कागजी कार्रवाई दोबारा करनी पड़ती है.
3- क्या बैलेंस ट्रांसफर से EMI घटेगी?
अगर नया ब्याज दर कम है तो EMI या कुल ब्याज में कमी आ सकती है. लेकिन इसमें ट्रांसफर चार्ज भी जोड़कर देखना चाहिए, तभी आप सही फायदा-नुकसान कैलकुलेट कर सकते हैं.
4- क्या लोन ट्रांसफर करने से क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ेगा?
नहीं, बैलेंस ट्रांसफर एक ‘सॉफ्ट इंक्वायरी’ होता है और इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर नहीं पड़ता.
5- सबसे अच्छा वक्त बैलेंस ट्रांसफर का कब होता है?
जब लोन की शुरुआत के कुछ महीने हुए हों और EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज जा रहा हो, तब ट्रांसफर करना फायदेमंद हो सकता है. लेकिन हमेशा कुल बचत का हिसाब जरूर करें.