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आपके पर्स में रखे क्रेडिट कार्ड पर कुछ नंबर्स लिखे होते हैं - 16 अंकों का कार्ड नंबर, आपका नाम, और एक Expiry Date. हम सब इस तारीख को देखते तो हैं, लेकिन नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि दिमाग में होता है कि अगर कार्ड एक्सपायर होगा तो बैंक खुद नया कार्ड एड्रेस पर भेज देगा. ये सच है कि ज्यादातर मामलों में, बैंक आपके कार्ड के एक्सपायर होने से लगभग एक महीना पहले आपके रजिस्टर्ड पते पर एक नया कार्ड अपने आप भेज देता है. लेकिन, कई बार ऐसा नहीं होता. इसके कुछ आम कारण हैं:
अगर किसी भी वजह से आपका नया कार्ड आप तक नहीं पहुंचा और पुराना कार्ड एक्सपायर हो गया, तो बैंक कुछ समय बाद उस अकाउंट को बंद कर सकता है. और यहीं से शुरू होता है नुकसान का असली खेल.
ये सबसे बड़ा और सबसे खतरनाक नुकसान है. आपका CIBIL स्कोर कई चीजों पर निर्भर करता है, जिनमें से एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैक्टर है - 'आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की उम्र' (Age of Credit History).
क्या है इसका मतलब?
आपने अपना पहला लोन या क्रेडिट कार्ड कब लिया था और आपका सबसे पुराना अकाउंट कितना पुराना है. आपकी क्रेडिट हिस्ट्री जितनी लंबी होती है, बैंक आप पर उतना ही ज्यादा भरोसा करते हैं और आपका स्कोर उतना ही अच्छा होता है.
कैसे होता है नुकसान
अगर एक्सपायर होने वाला कार्ड आपका सबसे पुराना क्रेडिट कार्ड था और वो बंद हो गया, तो आपकी 10-15 साल पुरानी क्रेडिट हिस्ट्री एक झटके में 'जीरो' हो जाती है. CIBIL की नजर में आप एक 'नए' कर्जदार बन जाते हैं, जिससे आपका स्कोर 50 से 100 पॉइंट तक गिर सकता है.
आपका CIBIL स्कोर 'क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो' (CUR) पर भी बहुत निर्भर करता है. इसका मतलब है कि आप अपनी कुल क्रेडिट लिमिट का कितना प्रतिशत इस्तेमाल कर रहे हैं. इसे 30% से कम रखना अच्छा माना जाता है.
उदाहरण: मान लीजिए आपके पास 3 कार्ड हैं, जिनकी कुल लिमिट 3 लाख रुपए है. आप महीने में 60,000 रुपए खर्च करते हैं तो आपका CUR हुआ 20% (जो बहुत अच्छा है).
कैसे होता है नुकसान?
अब मान लीजिए, आपका 1 लाख की लिमिट वाला एक पुराना कार्ड एक्सपायर होकर बंद हो गया. आपकी कुल लिमिट घटकर 2 लाख रुपए रह गई, लेकिन आपका खर्च तो 60,000 रुपए ही है. अब आपका CUR सीधे 30% हो जाएगा. बढ़ी हुई CUR आपके स्कोर को और नीचे गिराएगी.
आजकल हम अपने क्रेडिट कार्ड से कई ऑटो-पेमेंट लिंक करके रखते हैं, जैसे- म्यूचुअल फंड की SIP, Netflix, Spotify, Amazon Prime जैसे सब्सक्रिप्शन, बिजली, पानी, मोबाइल के बिल आदि
कैसे होता है नुकसान?
जैसे ही आपका पुराना कार्ड एक्सपायर होगा, ये सभी पेमेंट फेल हो जाएंगे. इससे न सिर्फ आपकी सेवाएं बंद हो जाएंगी, बल्कि आपको लेट पेमेंट फीस और पेनल्टी भी देनी पड़ सकती है.
कई बार हमारे पुराने कार्ड पर कुछ ऐसे फायदे होते हैं जो नए कार्ड्स पर नहीं मिलते, जैसे- लाइफटाइम-फ्री होना, किसी खास कैटेगरी (जैसे फ्यूल) पर बेहतर रिवॉर्ड रेट मिलना. एक बार कार्ड बंद हो जाने पर, आप उन फायदों को हमेशा के लिए खो देते हैं.
जवाब: नहीं. सुरक्षा कारणों से, जब भी आपका कार्ड रिन्यू होता है, तो आपको नया कार्ड नंबर, नई एक्सपायरी डेट और नया CVV मिलता है.
जवाब: आपके रिवॉर्ड पॉइंट्स आपके कार्ड से नहीं, बल्कि आपके कस्टमर अकाउंट से जुड़े होते हैं. जब आपका कार्ड रिन्यू होता है तो आपके सारे पॉइंट्स अपने आप नए कार्ड पर ट्रांसफर हो जाते हैं.
जवाब: आमतौर पर, बैंक रिन्यूअल के लिए कोई अलग से फीस नहीं लेता. अगर आपके कार्ड पर कोई वार्षिक शुल्क (Annual Fee) है, तो वो सामान्य रूप से लागू रहेगा.
जवाब: अगर आप वाकई में कार्ड बंद करना चाहते हैं, तो पहले उसका पूरा बकाया चुका दें. फिर बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके या ब्रांच जाकर 'कार्ड क्लोजर' की रिक्वेस्ट दें. लेकिन, अपना सबसे पुराना कार्ड बंद करने से हमेशा बचें.
जवाब: अगर आपका पेमेंट रिकॉर्ड खराब है या आप बैंक की नई शर्तों को पूरा नहीं करते हैं, तो बैंक आपका कार्ड रिन्यू करने से मना कर सकता है. ऐसी स्थिति में, वो अकाउंट बंद माना जाएगा और आपकी क्रेडिट हिस्ट्री पर उसका असर पड़ेगा.