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अगर आप आने वाले कल में घर खरीदने की प्लानिंग बना रहे हैं और होम लोन लेने जा रहे हैं, तो अब केवल ब्याज दर (Interest Rate) देखकर फैसला ना लें,क्योंकि करना भारी पड़ सकता है. असल में होम लोन की टोटल लागत कई तरह के छुपे या कम समझे जाने वाले चार्जेस से तय होती है, जो टाइम के साथ आपके लोन को काफी महंगा बनी सकते हैं.तो फिर इसलिए लोन एग्रीमेंट साइन करने से पहले इन चार्जेस को समझना बेहद जरूरी है.
अक्सर ये होते है कि होमबायर्स कम ब्याज दर देखकर खुश हो जाते हैं, लेकिन प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज, लेट पेमेंट पेनल्टी और बाकी फीस मिलकर आपके कुल पेमेंट को काफी बढ़ा सकते हैं. यही वजह है कि लोन एग्रीमेंट की बारीक शर्तों को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है.
होम लोन एक लंबी अवधि की जिम्मेदारी है. आप केवल कम ब्याज दर नहीं, बल्कि सभी चार्जेस को समझकर ही सही फैसला लें, तभी आपका सपना घर आर्थिक बोझ नहीं बनेगा,(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, अधिक जानकारी के लिए किसी वित्तीय सलाहाकार से उचित राय लें)
खबर से जुड़े जुड़े 5 जरूरी FAQs
Q1. क्या होम लोन में ब्याज दर के अलावा भी चार्ज लगते हैं?
हां, प्रोसेसिंग फीस, लीगल चार्ज, वैल्यूएशन फीस और लेट पेमेंट पेनल्टी जैसे कई अतिरिक्त फीस लगते हैं.
Q2. प्रोसेसिंग फीस कितनी होती है?
आमतौर पर लोन अमाउंट का 0.25% से 1% तक, जिस पर GST अलग से लग सकता है.
Q3. क्या होम लोन समय से पहले चुकाने पर चार्ज लगता है?
कुछ मामलों में लगता है, हालांकि फ्लोटिंग रेट होम लोन पर अक्सर प्रीपेमेंट चार्ज नहीं होता.
Q4. EMI लेट होने पर क्या नुकसान होता है?
लेट फीस लगती है और साथ ही आपका क्रेडिट स्कोर भी खराब हो सकता है.
Q5. होम लोन एग्रीमेंट साइन करने से पहले क्या जांचना चाहिए?
सभी चार्जेस, पेनल्टी, कन्वर्जन फीस और शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए ताकि भविष्य में अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके.
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