बस ब्याज दर देखकर न लें होम लोन, ये 7 हिडन चार्जेस जेब पर पड़ेंगे भारी, एग्रीमेंट साइन करने से पहले पढ़ें डिटेल

Home Loan Tips: होम लोन लेते समय अक्सर लोग केवल ब्याज दर ही देखते हैं, लेकिन ऐसा ना करें क्योंकि इसके कुछ हिडन चार्ज भी होते हैं जिनका जानना बहुत जरूरी होता है. तो अब लोन होने से पहले एग्रीमेंट में छिपे इन 7 चार्जेस को जरूर समझें.
बस ब्याज दर देखकर न लें होम लोन, ये 7 हिडन चार्जेस जेब पर पड़ेंगे भारी, एग्रीमेंट साइन करने से पहले पढ़ें डिटेल

अगर आप आने वाले कल में घर खरीदने की प्लानिंग बना रहे हैं और होम लोन लेने जा रहे हैं, तो अब केवल ब्याज दर (Interest Rate) देखकर फैसला ना लें,क्योंकि करना भारी पड़ सकता है. असल में होम लोन की टोटल लागत कई तरह के छुपे या कम समझे जाने वाले चार्जेस से तय होती है, जो टाइम के साथ आपके लोन को काफी महंगा बनी सकते हैं.तो फिर इसलिए लोन एग्रीमेंट साइन करने से पहले इन चार्जेस को समझना बेहद जरूरी है.


ब्याज नहीं, पूरे लोन की कीमत समझें

अक्सर ये होते है कि होमबायर्स कम ब्याज दर देखकर खुश हो जाते हैं, लेकिन प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज, लेट पेमेंट पेनल्टी और बाकी फीस मिलकर आपके कुल पेमेंट को काफी बढ़ा सकते हैं. यही वजह है कि लोन एग्रीमेंट की बारीक शर्तों को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है.

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होम लोन में लगने वाले 7 अहम चार्जेस

1. प्रोसेसिंग फीस

  • लोन अप्रूवल पर प्रोसेसिंग फीस लगती है.
  • यह फीस लोन अमाउंट का 0.25%–1% तक हो सकती है.
  • अक्सर कई बैंकों में GST अलग से लिया जाता है.
  • डील से पहले कुल फीस जरूर चेक करें.

2. प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज

  • लोन जल्दी चुकाने पर प्रीपेमेंट चार्ज लग सकता है.
  • कुछ बैंक फोरक्लोजर फीस भी वसूलते हैं.
  • फ्लोटिंग रेट होम लोन पर अक्सर ये चार्ज नहीं होता है.
  • रूल बैंक और लोन टाइप पर डिपेंड करते हैं.
  • लोन एग्रीमेंट की शर्तें पहले जरूर पढ़ना चाहिए.

3. लेट पेमेंट पेनल्टी

  • EMI लेट होने पर पेनल्टी लगती है.
  • देर से भुगतान करने पर एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ता है.
  • इससे क्रेडिट स्कोर भी खराब हो सकता है.LOAN

4. लॉन कन्वर्जन चार्ज

  • फिक्स्ड रेट से फ्लोटिंग रेट में बदलने पर कन्वर्जन चार्ज लग सकता है.
  • लोन प्लान बदलते टाइम बैंक अलग से फीस वसूलता है.
  • चार्ज की राशि बैंक और शर्तों पर डिपेंड करती है

5. लीगल और वैल्यूएशन चार्ज

  • प्रॉपर्टी के लीगल डॉक्यूमेंट की जांच पर अलग फीस लगती है.
  • बैंक वैल्यूएशन के लिए भी चार्ज वसूलता है.
  • ये खर्च अक्सर पहले से क्लियर नहीं होते.
  • कुल लोन कॉस्ट अचानक बढ़ सकती है.

6. रिस्ट्रक्चरिंग चार्ज

  • EMI या लोन टेन्योर बदलने पर बैंक चार्ज ले सकता है.
  • रिस्ट्रक्चरिंग से लोन की लागत बढ़ सकती है.

7. अन्य छुपे चार्जेस

  • डुप्लिकेट स्टेटमेंट और NOC पर अलग फीस लगती है.
  • स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट के भी चार्ज हो सकते हैं.
  • छोटे चार्ज मिलकर बड़ा खर्च बना देते हैं.

क्या करें होम लोन लेने से पहले?

  • होम लोन एग्रीमेंट पूरा ध्यान से पढ़ना चाहिए.
  • सभी चार्जेस की रिटिन जानकारी जरूर लें
  • बैंक से हर फीस पर साफ सवाल पूछें.
  • रूल व शर्तें समझकर ही साइन करना चाहिए.
  • इससे भविष्य के अनचाहे खर्च बच सकते हैं.LOAN

होम लोन लेने से पहल ध्यान रखें बातें

होम लोन एक लंबी अवधि की जिम्मेदारी है. आप केवल कम ब्याज दर नहीं, बल्कि सभी चार्जेस को समझकर ही सही फैसला लें, तभी आपका सपना घर आर्थिक बोझ नहीं बनेगा,(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, अधिक जानकारी के लिए किसी वित्तीय सलाहाकार से उचित राय लें)

खबर से जुड़े जुड़े 5 जरूरी FAQs

Q1. क्या होम लोन में ब्याज दर के अलावा भी चार्ज लगते हैं?
हां, प्रोसेसिंग फीस, लीगल चार्ज, वैल्यूएशन फीस और लेट पेमेंट पेनल्टी जैसे कई अतिरिक्त फीस लगते हैं.

Q2. प्रोसेसिंग फीस कितनी होती है?
आमतौर पर लोन अमाउंट का 0.25% से 1% तक, जिस पर GST अलग से लग सकता है.

Q3. क्या होम लोन समय से पहले चुकाने पर चार्ज लगता है?
कुछ मामलों में लगता है, हालांकि फ्लोटिंग रेट होम लोन पर अक्सर प्रीपेमेंट चार्ज नहीं होता.

Q4. EMI लेट होने पर क्या नुकसान होता है?
लेट फीस लगती है और साथ ही आपका क्रेडिट स्कोर भी खराब हो सकता है.

Q5. होम लोन एग्रीमेंट साइन करने से पहले क्या जांचना चाहिए?
सभी चार्जेस, पेनल्टी, कन्वर्जन फीस और शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए ताकि भविष्य में अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके.

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