&format=webp&quality=medium)
Personal Loan: लोन की EMI समय पर भरना सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय सेहत का सबसे अहम हिस्सा है. अगर आपने एक या दो महीने लेट कर दिया तो शायद ज्यादा आपको मामूली फर्क दिखे, लेकिन लगातार देरी आपके लिए भारी पड़ सकती है. आपका सिबिल (CIBIL) तो खराब होगा ही, आपको और भी परेशानियां झेलनी पड़ेंगी.
भारत में RBI के नियम साफ कहते हैं कि अगर कोई लोन 90 दिन तक नहीं चुकाया गया तो वह Non-Performing Asset यानी NPA बन जाता है. इसके बाद न सिर्फ आपका क्रेडिट स्कोर गिरता है, बल्कि बैंक कानूनी कार्रवाई तक कर सकता है.
RBI के मुताबिक, अगर किसी पर्सनल लोन का ब्याज या मूलधन 90 दिन या उससे ज्यादा समय तक बकाया रहता है, तो वह NPA माना जाता है. इसका मतलब है कि वह लोन बैंक के लिए अब कमाई का जरिया नहीं रहा.
NPA बनने से पहले लोन Special Mention Account (SMA) कैटेगरी में आता है—
| कैटेगरी | देरी की अवधि |
|---|---|
| SMA-0 | 0-30 दिन तक देरी |
| SMA-1 | 31-60 दिन तक देरी |
| SMA-2 | 61-90 दिन तक देरी |
EMI टाइम पर भरना क्रेडिट स्कोर में सबसे ज्यादा वेटेज रखता है. एक EMI लेट होने से स्कोर में तुरंत गिरावट आती है. आपके क्रेडिट रिपोर्ट में Days Past Due (DPD) लिखा जाएगा. DPD 0 का मतलब है कि समय पर पेमेंट हुई है, वहीं DPD 30/60/90 का मतलब है 30/60/90 दिन की देरी.
VIDEO- ICICI Bank ने घटाया Minimum Balance, जानें नया नियम
लीगल नोटिस- बकाया रकम और भुगतान की तारीख के साथ ग्राहक को लीगल नोटिस भेजा जाता है.
रीस्ट्रक्चरिंग की गुजारिश- अगर आपकी स्थिति सच में खराब है, तो बैंक आपसे लोन को रीस्ट्रक्चर करने को कह सकता है, जिसके तहत ईएमआई कम की जा सकती है और अवधि बढ़ाई जा सकती है.
कोर्ट केस- लोन न चुकाने पर बैंक कोर्ट में केस कर सकता है.
संपत्ति अटैचमेंट- बैंक आपका सेविंग अकाउंट और FD तक अटैच करा सकता है. वहीं कोर्ट के आदेश पर आपकी कोई संपत्ति या घर भी बिकने की नौबत आ सकती है.
Video- SBI ने IMPS Transaction पर लगाए नए चार्ज, जानें डिटेल्स!
पूरा बकाया चुकाएं, जिसमें ब्याज और मूलधन शामिल होता है. इसके बाद बैंक आपके खाते को स्टैंडर्ड अकाउंट में बदल देगा. ऐसा होते ही आपका क्रेडिट स्कोर धीरे-धीरे सुधरना शुरू हो जाता है.
EMI समय पर भरना सिर्फ बैंक की शर्त नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय आजादी की गारंटी है. एक लेट पेमेंट आपको NPA की खतरनाक लिस्ट में डाल सकता है, जिससे बाहर निकलना आसान नहीं है. अगर कभी समस्या हो जाए, तो बैंक से बात करें- चुप रहने से नुकसान ही होगा.
VIDEO- Shilpa Medicare Bonus Share: शानदार नतीजे! अब निवेशकों की बल्ले-बल्ले
90 दिन तक EMI न भरने पर लोन NPA बन जाता है.
हां, एक भी देरी स्कोर पर असर डालती है.
ये EMI में देरी के शुरुआती चरण हैं, NPA से पहले.
VIDEO- LIC Share: तगड़े मुनाफे पर Citi और JP Morgan का भरोसा
पूरा बकाया चुकाकर खाता स्टैंडर्ड में बदलवाएं.
हां, कोर्ट ऑर्डर के जरिए संपत्ति अटैच हो सकती है.