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आज के समय में EMI हमारी ज़िंदगी का हिस्सा बन चुकी है. इस EMI के बूते पर आप अपने तमाम शौक तो आसानी से पूरे कर लेते हैं, लेकिन यही EMI हमें कर्ज के जाल में फंसा देती है. दुनिया के सबसे सफल निवेशक वॉरेन बफे हमेशा कहते हैं कि "कर्ज वो चीज़ है जो आपकी आज़ादी छीन लेती है." आइए समझते हैं कि EMI कैसे आपको गरीब बनाती है और इससे निकलने का रास्ता क्या है.
घर, कार, मोबाइल या गैजेट, अब सब कुछ EMI पर मिल जाता है. आसान किस्तों ने चीज़ें खरीदना भले आसान बना दिया हो, लेकिन धीरे-धीरे ये आपको कर्ज की गिरफ्त में ले लेता है. EMI का मतलब है आप अपनी आने वाली कमाई को आज ही खर्च कर रहे हैं.
मान लीजिए आपने 1 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया -
अगर आपने यही ₹4,849 हर महीने किसी म्यूचुअल फंड में 12% रिटर्न पर निवेश किए होते, तो 2 साल में लगभग ₹1,31,238 मिलते. यानी EMI के बजाय निवेश से आप ₹30,000 तक का फायदा पा सकते थे. यही है Opportunity Cost जो वॉरेन बफे बार-बार समझाते हैं.
वॉरेन बफे कहते हैं कि “कर्ज लेना ऐसा है जैसे आप अपनी कमाई का भविष्य गिरवी रख रहे हैं.” उनके अनुसार, ज्यादातर लोग मार्केट से नहीं, बल्कि अपनी आदतों से नुकसान झेलते हैं.
हर कर्ज बुरा नहीं होता, लेकिन क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन जैसे ऊंचे ब्याज वाले कर्ज सबसे खतरनाक हैं. इनसे जल्दी निपटने से आप ब्याज में जाने वाली रकम बचा लेते हैं यानी वो पैसा कमाने के बराबर है.
बफे कहते हैं “खर्च करने के बाद बचत मत करो, बचत करने के बाद खर्च करो.” हर महीने सैलरी मिलते ही कुछ हिस्सा सेविंग के लिए अलग रखो. ये आदत आपको धीरे-धीरे फाइनेंशियली स्ट्रॉन्ग बनाएगी.
अगर आप 10 साल तक 10% रिटर्न पर निवेश करते हैं तो पैसा दोगुना हो जाता है, लेकिन 20 साल में ये 6 गुना तक पहुंच सकता है यानी, जितना जल्दी निवेश शुरू करोगे, उतना ज़्यादा फायदा.
वॉरेन बफे आज भी सादा जीवन जीते हैं. वो महंगी गाड़ियों या ब्रांडेड चीज़ों पर फिजूल खर्च नहीं करते. हर खरीद से पहले खुद से पूछो, क्या मुझे इसकी सच में ज़रूरत है?
बफे हमेशा कहते हैं- “The best investment you can make is in yourself.”
नहीं. होम लोन या एजुकेशन लोन जैसे कर्ज अच्छे माने जाते हैं अगर वो आपके भविष्य को बेहतर बना रहे हों.
सबसे पहले महंगे ब्याज वाले कर्ज चुकाओ और फिर EMI की रकम को सेविंग या निवेश में लगाओ.
वो कहते हैं कि “कर्ज आपके भविष्य की कमाई को खत्म कर देता है.” यानी जितना कम कर्ज, उतनी ज़्यादा आज़ादी.
कंपाउंडिंग से आपका पैसा समय के साथ तेज़ी से बढ़ता है यानी जितना जल्दी निवेश शुरू करोगे, उतना बड़ा फायदा होगा.