UPI का एक और ग्लोबल धमाका: कंबोडिया में शुरू हुई भारतीय UPI सेवा, जानें कैसे टूरिस्ट को मिलेगा इसका बड़ा फायदा

भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से पैर पसार रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल बैंक ऑफ कंबोडिया (NBC) की संयुक्त पहल के तहत कंबोडिया में UPI आधारित क्यूआर (QR) कोड से पेमेंट सेवा की शुरुआत हो गई है.
UPI का एक और ग्लोबल धमाका: कंबोडिया में शुरू हुई भारतीय UPI सेवा, जानें कैसे टूरिस्ट को मिलेगा इसका बड़ा फायदा

अब कंबोडिया में भी UPI के जरिए पेमेंट करने की शुरुआत हो गई है. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)

भारत का स्वदेशी डिजिटल पेमेंट सिस्टम यानी UPI (Unified Payments Interface) दुनिया भर में अपनी धाक जमा रहा है. इसी कड़ी में भारत को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. अब कंबोडिया में भी UPI के जरिए पेमेंट करने की शुरुआत हो गई है. इस कदम से दोनों देशों के बीच क्यूआर (QR) आधारित क्रॉस-बॉर्डर (अंतरराष्ट्रीय) पेमेंट्स को बहुत बड़ा बढ़ावा मिलेगा.

यह ऐतिहासिक शुरुआत भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल बैंक ऑफ कंबोडिया (NBC) की एक खास पहल के तहत की गई है. इस पूरी व्यवस्था को जमीन पर उतारने के लिए एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और कंबोडिया के प्रमुख एक्लेडा बैंक (Acleda Bank) ने आपस में हाथ मिलाया है.

दो चरणों में लागू होगी यह खास सुविधा

दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों ने इस सेवा को बेहद आसान और सुरक्षित बनाने के लिए इसे दो अलग-अलग चरणों में लागू करने का फैसला किया है:

पहला चरण (भारत से कंबोडिया): इस योजना के पहले चरण के तहत अब भारत से कंबोडिया जाने वाले लोग (पर्यटक और व्यवसायी) वहां के स्थानीय बाजारों और दुकानों पर अपने भारतीय UPI ऐप (जैसे PhonePe, Google Pay, BHIM आदि) का इस्तेमाल करके सीधे ट्रांजैक्शन कर सकेंगे. उन्हें वहां विदेशी करेंसी या कार्ड के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी.

दूसरा चरण (कंबोडिया से भारत): इस योजना के दूसरे चरण में कंबोडिया से भारत आने वाले यात्रियों को यह सुविधा दी जाएगी. वह भारत के किसी भी कोने में आकर भारतीय UPI QR कोड को स्कैन करके आसानी से भुगतान कर सकेंगे.

G20 रोडमैप और सस्ते ट्रांजैक्शन पर फोकस

यह कदम वैश्विक स्तर पर तय किए गए G20 रोडमैप के तहत उठाया गया है. G20 का हमेशा से यह मानना रहा है कि दुनिया भर में क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स (एक देश से दूसरे देश में होने वाले भुगतानों) को सस्ता, पारदर्शी और तेज बनाया जाना चाहिए. अभी तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैसे भेजने या पेमेंट करने में भारी-भरकम फीस और काफी समय लगता था, लेकिन UPI के आने से यह प्रक्रिया पलक झपकते ही और बहुत ही कम लागत में पूरी हो जाएगी.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का क्या है कहना?

इस सफल शुरुआत पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपना आधिकारिक बयान जारी किया है. आरबीआई का कहना है कि दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ UPI की इस तरह की इंटरलिंकिंग (जुड़ाव) से भारत का ग्लोबल पेमेंट नेटवर्क बहुत ज्यादा मजबूत होगा. यह न केवल दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा.

Conclusion

कंबोडिया में UPI की शुरुआत होना भारत की डिजिटल ताकत का एक और बड़ा प्रमाण है. सिंगापुर, यूएई, नेपाल, भूटान, और श्रीलंका के बाद अब कंबोडिया में भी यूपीआई का डंका बज रहा है. इस सुविधा से कंबोडिया जाने वाले भारतीय पर्यटकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि वे अब बिना किसी मुद्रा परिवर्तन (Currency Exchange) की चिंता किए अपने मोबाइल से ही सुरक्षित भुगतान कर सकेंगे.

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