&format=webp&quality=medium)
Union Bank of India Penalty: फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर ₹37 लाख का जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई बैंक द्वारा 2011 से 2014 के बीच संदिग्ध लेनदेन की रिपोर्टिंग में पाई गई गड़बड़ियों को लेकर की गई है. बुधवार को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई एक नियामकीय जानकारी में बैंक ने बताया कि उसने इस जुर्माने के बाद जरूरी रोकथामात्मक कदम उठा लिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाहियां दोबारा न हों.
FIU-India की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, बैंक द्वारा दी गई रिपोर्टों में कई ऐसे डिस्क्रिपेंसीज़ (गंभीर अंतर या त्रुटियां) सामने आईं, जो उसके ऊपर नियामकीय नियमों के उल्लंघन का संकेत देती हैं. यह आदेश 15 अप्रैल 2025 को जारी हुआ, जिसमें साफ तौर पर कहा गया कि 2011 से 2014 के बीच यूनियन बैंक ने संदिग्ध लेनदेन रिपोर्टिंग (STR - Suspicious Transaction Reporting) में कई बार गैर-अनुपालन किया.
गौरतलब है कि FIU, वित्त मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख एजेंसी है जो मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामलों पर निगरानी रखती है. सभी बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के लिए यह अनिवार्य होता है कि वे संदिग्ध या असामान्य लेनदेन की सूचना तय समय पर FIU को दें. इस मामले में यूनियन बैंक की रिपोर्टिंग में जो खामियां सामने आईं, उन्हें गंभीर अनुपालन उल्लंघन माना गया.
FIU-IND का कार्य है देश में कार्यरत सभी बैंकों, बीमा कंपनियों, म्युचुअल फंड्स, शेयर बाजार, NBFCs और अन्य वित्तीय संस्थानों से संदिग्ध लेन-देन (Suspicious Transactions) की जानकारी प्राप्त करना और उनका विश्लेषण कर संबंधित एजेंसियों को कार्रवाई के लिए भेजना.
हालांकि, यूनियन बैंक ने यह स्पष्ट किया है कि वह पूरी तरह नियामकीय नियमों का पालन करता है और इस मामले में वह पहले ही संशोधनात्मक कदम उठा चुका है ताकि आगे कोई चूक न हो. FIU की यह कार्रवाई बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सरकार की गंभीरता को भी दर्शाती है.