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आज के समय में घूमना-फिरना सिर्फ शौक नहीं बल्कि एक जरूरत बनता जा रहा है. काम का तनाव, भागदौड़ भरी जिंदगी और सोशल मीडिया पर दिखती ट्रैवल स्टोरीज लोगों को ट्रिप प्लान करने के लिए प्रेरित करती हैं. लेकिन हर किसी के पास एकमुश्त पैसा नहीं होता. ऐसे में कई लोग Travel Loan या ट्रैवल के लिए पर्सनल लोन लेकर घूमने का फैसला करते हैं. अब सवाल ये है कि लोन लेकर घूमना समझदारी है या एक फाइनेंशियल गलती? इसका जवाब सीधा नहीं है. इसके लिए पूरा गणित समझना जरूरी है.
Travel Loan असल में एक तरह का Personal Loan ही होता है, जो खासतौर पर यात्रा से जुड़े खर्चों के लिए लिया जाता है. इसमें फ्लाइट टिकट, होटल, टूर पैकेज, वीजा, ट्रैवल इंश्योरेंस जैसे खर्च शामिल हो सकते हैं. इस लोन में कोई गारंटी नहीं देनी होती, इसलिए ब्याज दर आमतौर पर ज्यादा होती है.
अगर आपके पास सेविंग्स कम हैं, लेकिन आप ट्रिप टालना नहीं चाहते, तो ट्रैवल लोन से आप तुरंत घूमने जा सकते हैं. आपको सालों इंतजार नहीं करना पड़ता.
लोन लेने पर पूरा पैसा एक साथ नहीं देना पड़ता. खर्च EMI में बंट जाता है, जिससे जेब पर तुरंत बोझ नहीं पड़ता.
हनीमून, फैमिली वेकेशन या किसी खास मौके पर अगर पैसों की कमी है, तो ट्रैवल लोन एक ऑप्शन बन सकता है.
Travel Loan पर ब्याज दर अक्सर 12% से 24% सालाना तक हो सकती है. इसका मतलब ये है कि आपकी ट्रिप असल खर्च से कहीं ज्यादा महंगी पड़ जाती है.
ट्रिप खत्म होने के बाद भी महीनों तक EMI चलती रहती है. कई बार छुट्टी की खुशी खत्म हो जाती है और EMI का दबाव शुरू हो जाता है.
अगर आपकी इनकम सीमित है और पहले से होम लोन या कार लोन चल रहा है, तो ट्रैवल लोन आपकी मंथली बजट प्लानिंग बिगाड़ सकता है.
मान लीजिए आपने 2 लाख रुपये का Travel Loan लिया. ब्याज दर 18% सालाना, अवधि 24 महीने.
ऐसे हालात में ट्रैवल लोन एक कंट्रोल्ड फैसला हो सकता है.
इन हालात में लोन लेकर घूमना आगे चलकर परेशानी बन सकता है.
1. पहले से सेविंग करें: हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा ट्रैवल फंड में डालें. इससे लोन की जरूरत नहीं पड़ेगी.
2. Credit Card का समझदारी से इस्तेमाल: अगर आप ग्रेस पीरियड में भुगतान कर सकते हैं, तो क्रेडिट कार्ड एक सस्ता विकल्प हो सकता है.
3. बजट ट्रैवल प्लान करें: ऑफ-सीजन में यात्रा, सस्ते होटल और फ्लाइट डील्स से खर्च काफी कम किया जा सकता है.
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लोन हमेशा एसेट बनाने के लिए बेहतर होता है, जैसे घर, पढ़ाई या बिजनेस. ट्रैवल एक अनुभव जरूर है, लेकिन ये फाइनेंशियल रिटर्न नहीं देता. इसलिए ट्रैवल लोन को आखिरी विकल्प ही मानना चाहिए.
Q1. क्या ट्रैवल लोन और पर्सनल लोन अलग होते हैं?
नहीं, ट्रैवल लोन आमतौर पर पर्सनल लोन ही होता है, बस इसका इस्तेमाल यात्रा के लिए किया जाता है.
Q2. क्या ट्रैवल लोन क्रेडिट स्कोर पर असर डालता है?
हां, समय पर EMI चुकाने से स्कोर सुधरता है, लेकिन डिफॉल्ट करने से स्कोर गिर सकता है.
Q3. ट्रैवल लोन पर ब्याज ज्यादा क्यों होता है?
क्योंकि ये अनसिक्योर्ड लोन होता है और इसमें बैंक का रिस्क ज्यादा होता है.
Q4. क्या घूमने के लिए लोन लेना सही फाइनेंशियल फैसला है?
ये आपकी इनकम, सेविंग और EMI क्षमता पर निर्भर करता है. हर किसी के लिए ये सही नहीं होता.