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SBI ने मुफ्त लोन प्रोसेसिंग सर्विस को खत्म कर दिया है. बैंक अब लोन के साथ टॉपअप लोन पर भी ग्राहकों से प्रोसेसिंग फीस वसूल करेगा.
लोगों को लोन देने के लिए बैंक (Banks0 नए-नए ऑफर्स देते हैं. इन ऑफर्स में लोन प्रोसेसिंग की फीस (Loan Processing Charge) नहीं लेना भी शामिल है. त्योहारी सीजन (Festive Season) पर बैंकों में ज्यादा से ज्यादा से लोगों को कर्ज देने की होड़ मची हुई है. कुछ समय पहले सरकार की पहल पर लोन मेला का भी आयोजन किया गया था. इसके अलावा रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा लगातार रेपो रेट कम किए जाने से बैंकों को भी लोन की ब्याज दरों में कटौती करनी पड़ी है. लेकिन देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने लोन की प्रोसेसिंग फीस को फिर से वसूलने का फैसला किया है. बैंक का तर्क है कि लगातार ब्याज दरों में कटौती होने से बैंक को नुकसान उठाना पड़ रहा है.
जानकारी के मुताबिक, एसबीआई (SBI) ने मुफ्त लोन प्रोसेसिंग सर्विस को खत्म कर दिया है. बैंक अब लोन के साथ टॉपअप लोन पर भी ग्राहकों से प्रोसेसिंग फीस वसूल करेगा.
हालांकि इस फेस्टिव सीजन पर बैंक ने प्रोसेसिंग फीस में छूट देने का ऐलान किया था, और इस छूट का टाइम 31 दिसंबर तय किया था. लेकिन टाइम पूरा होने से पहले ही फेस्टिव सीजन के बीच में एसबीआई ने इस सहूलियत को बंद कर दिया.
एसबीआई के मुताबिक, ब्याज दरों में कटौती करने से बैंक को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. सेविंग्स पर ब्याज कम होने से लोग अब बैंकों में अपना पैसा कम जमा करवा रहे हैं, जिसके चलते बैंकों को पैसे की कमी से जूझना पड़ रहा है. इस कमी को पूरा करने के लिए एसबीआई ने लोन की प्रोसेसिंग फीस फिर से वसूलने का फैसला किया है.