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आमतौर पर जब आप किसी FD में निवेश करते हैं तो आपको अपने पैसे को मैच्योरिटी पूरी होने तक डिपॉजिट रखना पड़ता है. अगर आप इसे बीच में तुड़वाएंगे तो आपको पेनल्टी देनी पड़ती है. लेकिन SBI अपने निवेशकों के लिए एक ऐसी एफडी स्कीम चलाता है, जिसमें लॉक-इन पीरियड का कोई झंझट ही नहीं होता. आप जब तक चाहें, तब तक इसमें डिपॉजिट बनाए रखें और एफडी का ब्याज लेते रहें और जब जरूरत पड़े तब फटाक से एटीएम से पैसे निकाल लें. जानिए इस एसबीआई की इस एफडी से जुड़ी खास बातें.
हम बात कर रहे हैं SBI (MODS) स्कीम की. इसका पूरा नाम SBI Multi Option Deposit Scheme है. इस स्कीम में डिपॉजिटर को उतना ही ब्याज मिलता है जितना कि दूसरी एफडी पर. इस स्कीम का फायदा ये है कि आपका पैसा हमेशा लिक्विड रहता है, यानि आप FD की मैच्योरिटी के पहले कभी भी बिना पेनल्टी दिए पैसा निकाल सकते हैं.
ये पैसा आप एटीएम या चेक के जरिए निकाल सकते हैं, ठीक उसी तरह जिस तरह से आप सेविंग अकाउंट से पैसा निकालते हैं. दरअसल इस एफडी स्कीम को डिपॉजिटर के सेविंग्स या करंट अकाउंट से लिंक्ड रखा जाता है. ऐसे में डिपॉजिटर्स को एफडी में से जरूरतभर की रकम कभी भी एटीएम के जरिए निकालने की सुविधा मिलती है.
आमतौर पर जब आप कोई एफडी तुड़वाते हैं, तो उसकी पूरी रकम की निकासी करते हैं, लेकिन SBI (MODS) में ऐसा करना जरूरी नहीं. आप अपनी जरूरत के हिसाब से 1000 रुपए के मल्टीपल यानी 1,000, 2,000, 5,000, 10,000 रुपए में पैसे निकाल सकते हैं. निकाली गई राशि के बाद बची हुई रकम पर आपको FD वाला ब्याज मिलना जारी रहेगा. ऐसा भी नहीं कि रकम निकालने की सुविधा एक बार के लिए है, आप 1000 रुपए के गुणांक में कई बार पैसे निकाल सकते हैं.
SBI (MODS) में आप एक साल से लेकर 5 साल तक के लिए पैसा डिपॉजिट कर सकते हैं. साल के हिसाब से ब्याज दरें अलग-अलग हैं. सामान्य एफडी की तरह इसमें भी वरिष्ठ नागरिकों को 0.50% का अतिरिक्त ब्याज मिलता है. इस स्कीम में नॉमिनेशन की फैसिलिटी भी मिलती है. हालांकि इस स्कीम को लेने पर भी आपको सेविंग अकाउंट में ऐवरेज मंथली बैलेंस (AMB) मेंटेन करना जरूरी है.
आप इस अकाउंट को दूसरे ब्रांच में ट्रांसफर भी करवा सकते हैं. MOD अकाउंट में ऑटो-स्वीप की भी सुविधा है. इसमें एक लिमिट सेट करनी होती है जैसे ही आपकी जमा राशि उस लिमिट के ऊपर जाती है, बैंक उस अतिरिक्त फंड को ऑटो-स्वीप के जरिए FD में जमा कर देता है. ऑटो स्वीप के लिए मिनिमम थ्रेसहोल्ड बैलेंस 35,000 रुपए और मिनिमम रिजल्टेंट बैलेंस 25,000 रुपए होना चाहिए. अगर आप भी एसबीआई की इस सुविधा का फायदा लेना चाहते हैं तो अकाउंट ऑनलाइन भी खुलवा सकते हैं या किसी भी नजदीकी ब्रांच में जाकर खुलवाया जा सकता है. इसमें मिलने वाले ब्याज पर आपको टैक्स देना पड़ता है.