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SBI Home Loan: अगर आप होम लोन लेने की सोच रहे हैं या पहले से ही SBI से लोन लिया हुआ है, तो आपके लिए एक खुशखबरी है! देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने लोन ग्राहकों को राहत देते हुए मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में कटौती कर दी है. 15 जुलाई 2025 से लागू हुई इस नई दरों की व्यवस्था के बाद अब SBI से लोन लेना पहले से सस्ता हो गया है. इसका सीधा फायदा आपकी जेब पर पड़ेगा क्योंकि अब EMI में कुछ राहत मिलने वाली है.
SBI ने सभी टेन्योर के MCLR में पर 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) से लेकर 20 बेसिस प्वाइंट्स तक की कटौती की है. पहले जहां MCLR की रेंज 8.20% से 9.10% के बीच थी, अब यह घटकर 7.95% से 8.90% के बीच आ गई है.

MCLR कटौती का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिनका लोन MCLR से लिंक्ड है. यानी अगर आपका होम लोन MCLR बेस्ड है, तो अब ब्याज दर कम लगेगी और EMI में राहत मिलेगी.
मान लीजिए आपका होम लोन एक साल की MCLR पर आधारित है और पहले आपको 9% ब्याज देना पड़ता था. अब वही दर घटकर 8.8% हो गई है. इससे आपकी हर महीने की EMI थोड़ी कम हो जाएगी या फिर अगर आप EMI की रकम को समान रखते हैं, तो आपका लोन जल्दी खत्म हो जाएगा यानी टेन्योर कम होगा. यह कटौती खासकर उन ग्राहकों के लिए फायदेमंद है जो हाल ही में लोन लिए हैं या जल्दी रीसेट डेट पर पहुंचने वाले हैं.
SBI ने इससे पहले ही 15 जून 2025 को अपनी अन्य दो प्रमुख लेंडिंग दरों को फिक्स कर दिया था:
हालांकि इन दरों में कोई ताजा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन MCLR में कटौती से यह साफ संकेत मिलता है कि बैंक ब्याज दरों को लचीला बना रहा है और ग्राहकों को राहत देने की कोशिश कर रहा है.
EBLR और RLLR पर आधारित लोन की दरें आपके लोन की रीसेट डेट पर निर्भर करती हैं. यानी अगर आपकी अगली रीसेट तारीख पास में है, तो आपको भी सस्ता ब्याज मिल सकता है.
अगर आप नया होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो SBI अब आपको पहले से कम ब्याज पर लोन ऑफर कर रहा है:

उदाहरण के तौर पर, अगर आप ₹30 लाख का लोन लेते हैं, तो आपको लगभग ₹10,000 तक प्रोसेसिंग फीस देनी पड़ सकती है.