SBI Credit Card: 15 जुलाई से बदल रहे हैं ये 4 नियम, 2 बदलाव तो ग्राहक की जिंदगी-मौत से जुड़े हैं! देखिए लिस्ट

इन बदलावों में सबसे अहम है एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस (Air Accident Insurance) को खत्म किया जाना, पेमेंट सेटलमेंट के नियमों में बदलाव और मिनिमम अमाउंट ड्यू (MAD) की नई गणना.
SBI Credit Card: 15 जुलाई से बदल रहे हैं ये 4 नियम, 2 बदलाव तो ग्राहक की जिंदगी-मौत से जुड़े हैं! देखिए लिस्ट

अगर आप एसबीआई (SBI) क्रेडिट कार्ड (Credit Card) यूजर हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. SBI Card ने अपने ग्राहकों के लिए कई बड़े बदलावों की घोषणा की है, जो 15 जुलाई 2025 से लागू हो जाएंगे. इन बदलावों का सीधा असर प्रीमियम कार्ड होल्डर्स और EMI पर खरीदारी करने वालों पर पड़ेगा.

इन बदलावों में सबसे अहम है एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस (Air Accident Insurance) को खत्म किया जाना, पेमेंट सेटलमेंट के नियमों में बदलाव और मिनिमम अमाउंट ड्यू (MAD) की नई गणना. आइए जानते हैं इन सभी बदलावों के बारे में डीटेल से.

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1- नहीं मिलेगा ₹1 करोड़ का एयर इंश्योरेंस कवर

SBI Card Elite, SBI Card Miles Elite और SBI Card Miles Prime जैसे प्रीमियम कार्ड्स पर मिलने वाला ₹1 करोड़ का फ्री एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस अब बंद कर दिया जाएगा. 15 जुलाई 2025 से इन कार्ड्स के यूजर्स को यह सुविधा नहीं मिलेगी.


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2- अब ₹50 लाख का कवर भी होगा खत्म

SBI Card Prime और SBI Card Pulse यूजर्स को अभी तक ₹50 लाख का फ्री एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस दिया जा रहा था. अब कंपनी की तरफ से यह भी बंद किया जा रहा है. यानी 15 जुलाई 2025 से इन कार्डधारकों को भी यह फायदा नहीं मिलेगा.

3- पेमेंट सेटलमेंट का बदला तरीका

SBI Card ने पेमेंट सेटलमेंट का ऑर्डर यानी पेमेंट को किन हिस्सों में कैसे समायोजित किया जाएगा, उसे भी बदल दिया है. अब आपकी तरफ से किया गया पेमेंट सबसे पहले जीएसटी, फिर EMI, फिर अन्य चार्ज, फिर फाइनेंस चार्ज, फिर बैलेंस ट्रांसफर, उसके बाद रिटेल खर्च और अंत में कैश विदड्रॉल में एडजस्ट होगा.

4- MAD की गणना में भी बदलाव

SBI Credit Card की MAD यानी मिनिमम अमाउंट ड्यू की गणना में भी बदलाव किया गया है. अब MAD में 100% GST + 100% EMI + 100% अन्य चार्ज + 100% फाइनेंस चार्ज + अगर ओवरलिमिट है तो वह पूरा + बाकी बची राशि का 2% शामिल होगा. इसका मतलब है कि जो लोग मिनिमम अमाउंट ड्यू का भुगतान करते थे, अब उन कार्डधारकों को ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा, ताकि डिफॉल्ट से बचा जा सके.

इन बदलावों से यह साफ है कि SBI Card अब अपने क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो को ज्यादा फाइनेंशियली स्ट्रॉन्ग और ट्रांसपेरेंट बनाना चाहता है. ऐसे में कार्ड यूजर्स को अपने खर्च, भुगतान और लिमिट का अच्छे से मैनेजमेंट करना होगा. ध्यान रहे, क्रेडिट कार्ड को लेकर की गई एक छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दिक्कत का सबब बन सकती है और कर्ज के जाल में फंसा सकती है.

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