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भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और सिटी ने गुरुवार को भारत में छोटे किसानों को सहायता देने के लिए 295 मिलियन डॉलर (25,24,51,77,741.50 रुपए) की सामाजिक ऋण (Social Credit) सुविधा की घोषणा की. बैंकों ने एक बयान में कहा कि यह फाइनेंसिंग विशेष रूप से भारत में छोटे किसानों के लिए है, ताकि उन्हें अपनी कृषि उत्पादकता (Agricultural Productivity) में सुधार करने और वित्तीय रूप से मजबूत बनने में मदद मिल सके.
एसबीआई इस सुविधा का इस्तेमाल अपने किसान क्रेडिट कार्ड लोन पोर्टफोलियो को फाइनेंस करने के लिए करेगा, ताकि कृषि क्षेत्र और इसके अंतर्गत छोटे किसानों की लोन जरूरतों को पूरा किया जा सके. एसबीआई की उप प्रबंध निदेशक (इंटरनेशनल बैंकिंग ग्रुप) जयति बंसल ने कहा कि अपने व्यापक नेटवर्क का लाभ उठाते हुए, हमारा लक्ष्य छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचना है, जो भारत के कृषि क्षेत्र के मूल में हैं, लेकिन अक्सर जरूरी ऋण संसाधनों तक उनकी पहुंच नहीं होती. बंसल ने कहा, "यह पहल इन किसानों की फाइनेंसिंग तक पहुंच बढ़ाएगी और उन्हें सशक्त बनाएगी, जिससे उन्हें उत्पादकता में सुधार करने और स्थायी आजीविका बनाने में मदद मिलेगी.
बंसल ने कहा कि छोटे किसान भारत के कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, फिर भी उन्हें सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. सीमित आय और लोन तक सीमित पहुंच उनकी दीर्घकालिक जरूरतों की योजना बनाने की क्षमता को प्रभावित करती है, अक्सर उनकी उत्पादकता और विकास को सीमित करती है और उन्हें व्यापक अर्थव्यवस्था से बाहर कर देती है. इस सुविधा का मकसद इन किसानों के कृषि उत्पादन और आय-सृजन को बढ़ावा देना है.
सिटी के व्यापार और कार्यशील पूंजी समाधान के एशिया दक्षिण प्रमुख मयंक गुप्ता ने कहा कि एसबीआई के साथ यह समझौता सकारात्मक सामाजिक प्रभाव और आर्थिक विकास को लेकर हमारे व्यापार और कार्यशील पूंजी ऋण समाधानों का गहराई से इस्तेमाल करेगा. एसबीआई अपने संचालन, उत्पादों और सेवाओं में विभिन्न पहलों के माध्यम से सकारात्मक बदलाव को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है जो पर्यावरण और सामाजिक कारणों को प्राथमिकता देते हैं. यह बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच का विस्तार कर, वित्तीय समावेशन (फाइनेंशियल इंक्लूजन) को बढ़ावा देकर और वित्तीय साक्षरता को बढ़ाकर अपने समुदाय का समर्थन करता है. विश्व स्तर पर, सिटी ने 2030 तक सस्टेनेबल फाइनेंस के लिए 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर और 15 मिलियन वंचित और कम आय वाले परिवारों के लिए बेसिक सर्विस तक पहुंच का विस्तार करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें 10 मिलियन महिलाएं शामिल हैं.