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होम लोन हो, कार लोन हो या पर्सनल लोन- हर महीने एक तय तारीख पर EMI देना जरूरी होता है. लेकिन अगर सैलरी देर से आती है, तो कई बार अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस नहीं होता और इस कारण EMI अकाउंट से ऑटो-डिडक्शन नहीं हो पाती. इससे पेनल्टी लगती है, बैंक चार्ज लागू होते हैं और सबसे बड़ा नुकसान, क्रेडिट स्कोर खराब हो जाता है.
अगर आप भी इसी परेशानी से जूझ रहे हैं, तो खुश हो जाइए. एक आसान तरीका है जिससे आपकी EMI हर बार टाइम पर कटेगी, फिर चाहे सैलरी लेट ही क्यों न आए. बस आपको EMI चुकाने का तरीका बदलना होगा.
EMI चुकाने के दो तरीके होते हैं:
लोन की EMI की तारीख लोन एग्रीमेंट पर साइन करते समय तय होती है और ईएमआई हर महीने उसी तारीख को दी जाती है. आमतौर पर उधारकर्ता को एडवांस और एरियर EMI के बारे में जानकारी नहीं होती. ऐसे में ज्यादातर बैंक डिफॉल्ट रूप से Advance EMI सेट कर देते हैं, ज्यादातर मामलों में ये हर महीने की 5 तारीख या इसके आसपास हो सकती है. ऐसे में अगर देर से सैलरी आई तो EMI मिस हो जाएगी.
अगर आप Arrears EMI का ऑप्शन चुनते हैं, तो आप इस मुश्किल से बच सकते हैं. इसमें EMI महीने के आखिर में चुकाई जाती है. ऐसे में आपकी सैलरी 10 से 12 तारीख के बीच भी आती है तो भी आपकी EMI मिस नहीं होगी. ऐसे में पेनल्टी, लेट फीस और क्रेडिट स्कोर खराब होने जैसी सभी चिंताएं अपने आप खत्म हो जाएंगी.
अगर आपकी EMI पहले से Advance Mode में सेट है, तब भी घबराने की जरूरत नहीं है. बस बैंक जाएं, मैनेजर को अपनी स्थिति समझाएं और उनसे EMI Mode को Arrears EMI में बदलने का अनुरोध करें. अगर वजह वाजिब है तो अधिकतर बैंक ऐसी आपकी रिक्वेस्ट को स्वीकार कर लेते हैं. इससे आपकी पूरी समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी.