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RBI MPC Meeting: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में साल 2026 की पहली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक 4 फरवरी से शुरू हुई थी. तीन दिन तक चलने वाली मीटिंग के फैसलों की आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा घोषणा कर रहे हैं. आरबीआई ने पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं किया है. यानी रेपो रेट जस की तस बनी रहेगी. वर्तमान में रेपो रेट 5.25 फीसदी है. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच भारत का प्रदर्शन बेहतर रहा है. आरबीआई ने दिसंबर 2025 में रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की थी. साल 2025 में कुल चार बार कटौती की थी.
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि एमपीसी का ब्याज दरों पर न्यूट्रल रुख है. भारत की आर्थिक ग्रोथ की रफ्तार बनी रहेगी. MPC के सभी सदस्य दरों में बदलाव के पक्ष में नहीं थे.
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026 में जीडीपी का अनुमान 7.3 फीसदी से बढ़ाकर 7.4 फीसदी कर दिया है. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि आने वाले दिनों में इकोनॉमी की स्थिरता बनी रहेगी.
FY27 GDP के अनुमानों को टाला
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आरबीआई गवर्नर ने कहा है कि कोर महंगाई दर दायरे में रहने की उम्मीद है. वित्त वर्ष 2026 के लिए महंगाई दर का अनुमान 2 फीसदी से बढ़कर 2.1 फीसदी कर दिया है.
Q4FY26 में 3.2% महंगाई दर का अनुमान
महंगाई पर RBI के अनुमान
| वित्त वर्ष | अभी | पहले |
| FY26 | 2.1% | 2.0% |
| Q4FY26 | 3.2% | 2.9% |
| Q1FY27 | 4% | 3.9% |
| Q2FY27 | 4.2% | 4.0% |
RBI गवर्नर ने कहा कि लिक्विडिटी मैनेजमेंट पर रिजर्व बैंक एक्टिव है. सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी सुनिश्चित करने का प्रयास है. NBFCs की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी बेहतर बनी हुई है.
जारी की जाएगी 3 ड्राफ्ट गाइडलाइन
2025 से अब तक 125bps की कटौती
साल 2025 में RBI ने अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए मौद्रिक नीति में नरम रुख अपनाया था. फरवरी 2025 से अभी तक रेपो रेट में कुल 1.25 फीसदी यानी 125bps की कटौती की जा चुकी है. आपको बता दें कि रेपो रेट वह ब्याज दर होती है जिस पर आरबीआई कमर्शियल बैंकों को कर्ज देते हैं. जब आरबीआई रेपो रेट में कैंची चलाता है तो बैंकों को आरबीआई से पैसा लेना सस्ता पड़ता है. बैंक को जब सस्ता पैसा मिलता है तो वह इसका फायदा ग्राहक को ट्रांसफर करता है और होम लोन, पर्सनल लोन जैसे कर्ज सस्ता हो जाते हैं. रेपो रेट पर फैसला महंगाई दर को ध्यान में रखर लिया जाता है.