RBI ने लॉन्च किया 'मिशन सक्षम', 1.40 लाख बैंक कर्मियों को मिलेगी आधुनिक ट्रेनिंग, कई भाषाओं में उपलब्ध होगा कोर्स

RBI ने शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) के लिए 'मिशन सक्षम' लॉन्च किया है. इस राष्ट्रीय स्तर के क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तहत करीब 1.40 लाख प्रतिभागियों को ट्रेनिंग दी जाएगी. इसमें बोर्ड सदस्यों से लेकर आईटी और ऑडिट विभाग के कर्मचारियों को शामिल किया गया है. यह ट्रेनिंग ई-लर्निंग और इन-पर्सन (आमने-सामने) दोनों माध्यमों से होगी. इसका मुख्य उद्देश्य यूसीबी सेक्टर में पारदर्शिता, सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है.
RBI ने लॉन्च किया 'मिशन सक्षम', 1.40 लाख बैंक कर्मियों को मिलेगी आधुनिक ट्रेनिंग, कई भाषाओं में उपलब्ध होगा कोर्स

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के शहरी सहकारी बैंकों (Urban Co-operative Banks - UCBs) को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. मंगलवार को आरबीआई ने 'मिशन सक्षम' (SAKSHAM - Sahkari Bank Kshamta Nirman) की शुरुआत की. यह एक मिशन-मोड प्रोजेक्ट है जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और बोर्ड सदस्यों की पेशेवर क्षमता को बढ़ाना है.

आरबीआई गवर्नर ने आज इस पहल को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया. इसे रेगुलेटरी और सुपरवाइजरी उपायों की एक कड़ी माना जा रहा है, जो सहकारी बैंकिंग ढांचे को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा.

Add Zee Business as a Preferred Source

40 लाख बैंक कर्मियों का होगा कायाकल्प

'मिशन सक्षम' के तहत ट्रेनिंग का दायरा बहुत बड़ा रखा गया है. आरबीआई का लक्ष्य है कि बैंकिंग ढांचे के हर स्तर पर सुधार लाया जाए:

किसे मिलेगी ट्रेनिंग: इसमें बैंकों के बोर्ड सदस्य, सीनियर मैनेजमेंट, रिस्क और कंप्लायंस हेड, ऑडिट हेड और आईटी विभाग में काम करने वाले कर्मचारी शामिल होंगे.

ट्रेनिंग का माध्यम: यह कार्यक्रम इन-पर्सन (कक्षाओं में) और ई-लर्निंग (ऑनलाइन) दोनों तरीकों से चलाया जाएगा.

क्षेत्रीय भाषाओं पर जोर: चूंकि सहकारी बैंक देश के कोने-कोने में फैले हैं, इसलिए आरबीआई जहां संभव होगा, वहां क्षेत्रीय भाषाओं में ट्रेनिंग उपलब्ध कराएगा.

क्यों पड़ी इस मिशन की जरूरत?

सहकारी बैंकों को अक्सर कमजोर प्रबंधन और तकनीकी पिछड़ेपन की वजह से चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इस मिशन के जरिए आरबीआई ये बदलाव लाना चाहता है:

मैनेजमेंट में सुधार: बोर्ड सदस्यों को बैंकिंग नियमों की बेहतर जानकारी देना.

आईटी सुरक्षा: साइबर खतरों से निपटने के लिए आईटी स्टाफ को ट्रेनिंग देना.

मजबूती: बैंकों को आंतरिक रूप से इतना मजबूत बनाना कि वे किसी भी आर्थिक संकट को झेल सकें.

आरबीआई के अनुसार, यह मिशन सिर्फ कौशल सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी संस्कृति विकसित करने का प्रयास है जहां निरंतर सीखना (Continuous Learning) बैंकों का हिस्सा बन जाए.

Conclusion

शहरी सहकारी बैंक आम आदमी और छोटे व्यापारियों के लिए बैंकिंग का एक बड़ा जरिया हैं. 'मिशन सक्षम' के जरिए आरबीआई यह सुनिश्चित कर रहा है कि इन बैंकों का संचालन पेशेवर तरीके से हो और ग्राहकों का पैसा सुरक्षित रहे. 1.40 लाख लोगों को प्रशिक्षित करने का यह विशाल लक्ष्य देश की बैंकिंग व्यवस्था में स्थिरता लाने की दिशा में एक 'गेम चेंजर' साबित हो सकता है.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 मिशन सक्षम का मुख्य उद्देश्य क्या है?

शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) के कर्मचारियों और प्रबंधन की कार्यक्षमता और पेशेवर योग्यता को बढ़ाना.

Q2 इस मिशन के तहत कितने लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी?

आरबीआई के अनुसार, इसमें करीब 1.40 लाख प्रतिभागियों को शामिल किया जाएगा.

Q3 क्या यह ट्रेनिंग सिर्फ ऑनलाइन होगी?

नहीं, यह ट्रेनिंग इन-पर्सन (ऑफलाइन) और ई-लर्निंग (ऑनलाइन) दोनों माध्यमों से दी जाएगी.

Q4 क्या बोर्ड के सदस्य भी इस ट्रेनिंग का हिस्सा होंगे?

हां, बोर्ड के सदस्यों और सीनियर मैनेजमेंट को विशेष रूप से इस प्रोग्राम में शामिल किया गया है.

Q5 क्या यह कोर्स मेरी स्थानीय भाषा में उपलब्ध होगा?

आरबीआई ने कहा है कि जहां तक संभव होगा, कंटेंट क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6