ऑटो-डेबिट के लिए RBI ने बनाया सख्त नियम, '24 घंटे पहले अलर्ट' हुआ जरूरी, बिना बताए खाते से नहीं कटेंगे पैसे!

RBI ने ऑटो-डेबिट भुगतानों को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नया फ्रेमवर्क जारी किया है. अब ग्राहकों को भुगतान कटने के 24 घंटे पहले नोटिफिकेशन मिलना जरूरी है. ₹15,000 तक के सामान्य भुगतान बिना अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन (AFA) के हो सकेंगे, जबकि इंश्योरेंस प्रीमियम और म्यूचुअल फंड के लिए यह सीमा ₹1,00,000 कर दी गई है. ग्राहकों को कभी भी मैंडेट कैंसिल करने या किसी खास ट्रांजेक्शन को रोकने की पूरी आजादी होगी.
ऑटो-डेबिट के लिए RBI ने बनाया सख्त नियम, '24 घंटे पहले अलर्ट' हुआ जरूरी, बिना बताए खाते से नहीं कटेंगे पैसे!

RBI के नए ऑटो-डेबिट नियम: अब पैसे कटने से 24 घंटे पहले मिलेगा अलर्ट.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार को ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए ऑटो-डेबिट (Auto-Debit) नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब आपके बैंक खाते से कोई भी किश्त या बिल कटने से कम से कम 24 घंटे पहले आपको एक अलर्ट भेजा जाना अनिवार्य होगा. 'डिजिटल पेमेंट्स - ई-मैंडेट फ्रेमवर्क, 2026' के तहत जारी ये नए नियम सब्सक्रिप्शन, यूटिलिटी बिल और म्यूचुअल फंड (SIP) जैसे सभी आवर्ती (Recurring) भुगतानों पर लागू होंगे.

अक्सर ग्राहकों को शिकायत रहती थी कि उन्हें पता ही नहीं चलता और उनके खाते से ओटीटी सब्सक्रिप्शन या अन्य बिलों के पैसे कट जाते हैं. RBI का यह नया फ्रेमवर्क इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए लाया गया है.

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24 घंटे पहले प्री-ट्रांजेक्शन अलर्ट

अब कोई भी बैंक या पेमेंट कंपनी आपके खाते से पैसा काटने से ठीक 24 घंटे पहले आपको एसएमएस (SMS) या ईमेल के जरिए सूचना देगी. इसमें बताया जाएगा कि कितनी रकम कटने वाली है और किस काम के लिए.

भुगतानों की नई सीमा (Transaction Limits)

RBI ने भुगतानों को दो कैटेगरी में बांटा है:

सामान्य भुगतान (General Payments): ₹15,000 तक के ट्रांजेक्शन बिना किसी ओटीपी (OTP) के अपने आप हो जाएंगे. इससे ऊपर की रकम के लिए आपकी मंजूरी (AFA) जरूरी होगी.

विशेष भुगतान (Critical Payments): इंश्योरेंस प्रीमियम, म्यूचुअल फंड (SIP) और क्रेडिट कार्ड बिल के लिए यह सीमा बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दी गई है. यानी ₹1 लाख तक के इन बिलों के लिए बार-बार ओटीपी डालने की जरूरत नहीं होगी.

ग्राहकों के पास पूरा कंट्रोल

नए नियमों के अनुसार, आप जब चाहें अपनी ऑटो-डेबिट की सुविधा को बदल सकते हैं या पूरी तरह बंद (Withdraw) कर सकते हैं. इसके अलावा, अगर आपको 24 घंटे पहले अलर्ट मिला और आप उस बार पैसा नहीं कटवाना चाहते, तो आप उस विशेष ट्रांजेक्शन को 'ऑप्ट-आउट' (Opt-out) या ब्लॉक भी कर सकते हैं.

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अतिरिक्त सुरक्षा

जब आप पहली बार किसी ऑटो-डेबिट को रजिस्टर करेंगे, तो आपको AFA (Additional Factor of Authentication) यानी ओटीपी या किसी अन्य सुरक्षा जांच से गुजरना होगा. बिना आपकी सक्रिय मंजूरी के कोई भी मैंडेट रजिस्टर नहीं होगा.

RBI के नए ई-मैंडेट फ्रेमवर्क की मुख्य बातें

फीचरनए नियम (2026)
प्री-अलर्टभुगतान से कम से कम 24 घंटे पहले सूचना देना अनिवार्य.
सामान्य ट्रांजेक्शन लिमिट₹15,000 तक बिना ओटीपी के (AFA रहित).
स्पेशल ट्रांजेक्शन लिमिटइंश्योरेंस, SIP और क्रेडिट कार्ड के लिए ₹1,00,000 तक.
कैंसिलेशन सुविधाग्राहक कभी भी मैंडेट को मॉडिफाई या कैंसिल कर सकता है.
सर्विस चार्जइस सुविधा के लिए बैंक ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं ले सकेंगे.
पोस्ट-अलर्टपैसा कटने के बाद भी तुरंत कन्फर्मेशन नोटिफिकेशन भेजना होगा.

Conclusion

RBI का यह कदम डिजिटल बैंकिंग को और भी ज्यादा सुरक्षित और 'कस्टमर फ्रेंडली' बनाएगा. 24 घंटे पहले मिलने वाले अलर्ट से आप अपने खाते में पर्याप्त बैलेंस रख पाएंगे और किसी भी गलत ट्रांजेक्शन को समय रहते रोक सकेंगे. सबसे बड़ी बात यह है कि इंश्योरेंस और म्यूचुअल फंड जैसे बड़े भुगतानों के लिए ₹1 लाख की लिमिट होने से लोगों को बार-बार मैन्युअल पेमेंट करने के झंझट से मुक्ति मिलेगी.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 क्या मुझे हर बार ऑटो-डेबिट के लिए ओटीपी देना होगा?

नहीं, अगर आपका भुगतान ₹15,000 (सामान्य) या ₹1,00,000 (इंश्योरेंस/SIP) से कम है, तो मैंडेट सेट होने के बाद ओटीपी की जरूरत नहीं होगी.

Q2 अगर मुझे 24 घंटे पहले अलर्ट नहीं मिला तो क्या करूँ?

आप अपने बैंक के 'शिकायत निवारण' (Grievance Redressal) विभाग में शिकायत कर सकते हैं. नए नियमों के तहत यह बैंक की जिम्मेदारी है.

Q3 क्या मैं ऑटो-डेबिट को बीच में रोक सकता हूँ?

हां, आप किसी एक विशेष महीने के ट्रांजेक्शन को रोक सकते हैं या पूरे ई-मैंडेट को हमेशा के लिए हटा सकते हैं.

Q4 क्या इस सुविधा के लिए बैंक पैसे काटेंगे?

नहीं, RBI ने स्पष्ट किया है कि ई-मैंडेट की सुविधा देने के लिए बैंक ग्राहकों से कोई शुल्क (Charges) नहीं ले सकते.

Q5 यह नियम कब से लागू होंगे?

यह फ्रेमवर्क 2026 से प्रभावी है और इसने पिछले सभी पुराने सर्कुलर्स की जगह ले ली है.

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