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RBI Policy Rate: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को इस साल की आखिरी MPC बैठक में लगातार 11वीं बार ब्याज दरों (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया है. RBI गर्वनर शक्तिकांत दास ने बताया कि RBI ने इसे 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा है. हालांकि इकोनॉमी में नकदी बढ़ाने के मकसद से केंद्रीय बैंक ने CRR को 4.5 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी कर दिया है. इस कदम से बैंकों में 1.16 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी. आइए जानते हैं कि RBI गर्वनर शक्तिकांत दास ने आज क्या 10 बड़ी बातें बताई हैं.
इसके साथ ही आरबीआई ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 7.2 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है. RBI ने चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को भी 4.5 प्रतिशत बढ़ाकर 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है.
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने MPC की बुधवार को शुरू हुई तीन दिवसीय बैठक में लिए गए इन निर्णयों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि एमपीसी ने नीतिगत रेपो दर को यथावत रखने का निर्णय किया है. समिति के छह में से चार सदस्यों ने नीतिगत दर को स्थिर रखने के पक्ष में मतदान किया जबकि दो इसमें बदलाव किए जाने के पक्ष में थे. इसके साथ ही एमपीसी ने अपने रुख को ‘तटस्थ’ बनाये रखने का निर्णय लिया है.
रेपो वह ब्याज दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं. आरबीआई मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिये इस दर का उपयोग करता है. रेपो दर के यथावत रहने का मतलब है कि मकान, वाहन समेत विभिन्न कर्जों पर मासिक किस्त (EMI) में बदलाव की संभावना कम है.