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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को फायदा पहुंचाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. भारतीय रिजर्व बैंक ने Ombudsman Scheme को खत्म करने का फैसला किया है और इसके बदले एक नई स्कीम लाने का प्लान किया जा रहा है. 1 जुलाई 2026 से रिजर्व बैंक ने RBI Integrated Ombudsman Scheme 2026 लागू करने का फैसला किया है.
RBI की नई गाइडलाइंस के अनुसार, 2026 की यह योजना ग्राहकों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी. इससे ग्राहकों के हितों की रक्षा होगी और बैंकों की जवाबदेही तय होगी. समय से शिकायतों का निपटारा ना करने पर बैंक को उसके नतीजे भी भुगतने होंगे.
किसी ग्राहक को वित्तीय नुकसान (Consequential Loss) होने की स्थिति में लोकपाल अब ₹30 लाख तक का मुआवजा दिला सकता है.
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नई व्यवस्था के तहत अगर शिकायतकर्ता का टाइम बर्बाद होता है, उसे मानसिक तनाव होता है और वह परेशान हो जाता है तो इसके लिए अतिरिक्त ₹3 लाख तक का मुआवजा दिया जा सकता है.
अब आपको यह सोचने की जरूरत नहीं कि शिकायत कहां करें. भले ही मामला बैंक का हो, किसी NBFC का हो या किसी डिजिटल वॉलेट (PPI) का हो या भले ही क्रेडिट ब्यूरो का क्यों ना हो, सबके लिए एक ही पोर्टल होगा.
अब लोकपाल के पास किसी भी रकम के विवाद की शिकायत ले जाई जा सकती है. सुनवाई के लिए विवाद की रकम की कोई ऊपरी सीमा नहीं रखी गई है.
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RBI ने शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को बहुत ही आसान बना दिया है, लेकिन कुछ नियम और शर्तों को आपको ध्यान में रखना होगा.
पहले बैंक से करें संपर्क: किसी भी विवाद की स्थिति में सबसे पहले बैंक से संपर्क करें. आपको वहां लिखित शिकायत दर्ज करनी होगी. अगर सॉल्यूशन ना मिले तो आप RBI जा सकते हैं.
30 दिनों का इंतजार: अगर आपने किसी बैंक में शिकायत की है तो 30 दिनों तक जवाब का इंतजार करें. अगर 30 दिन के अंदर भी आपको बैंक की तरफ से जवाब नहीं मिलता है या आप बैंक के जवाब से संतुष्ट नहीं होते हैं तभी आप RBI लोकपाल के पास जा सकते हैं.
90 दिनों की समय सीमा: आपको बैंक से जवाब मिलने के 90 दिनों के अंदर RBI Ombudsman के पास शिकायत दर्ज करानी होगी.
कोर्ट-कचहरी का चक्कर नहीं: यह पूरी प्रक्रिया 'समरी प्रोसीडिंग' (Summary Proceeding) पर आधारित है, यानी इसमें लंबी कानूनी बहस या वकीलों की जरूरत नहीं होती है.
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प्रिंसिपल नोडल ऑफिसर: हर बैंक और NBFC को एक 'प्रिंसिपल नोडल ऑफिसर' नियुक्त करना होगा. यह ऑफिसर शिकायतों के लिए जिम्मेदार होगा.
एकतरफा फैसला (Ex-parte): अगर बैंक RBI Ombudsman के नोटिस का जवाब समय पर नहीं देता है, तो RBI Ombudsman ग्राहक के हक में एकतरफा फैसला सुना सकता है. यानी अब ग्राहकों को काफी राहत मिलेगी.
आप घर बैठे इन 4 तरीकों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं-
ऑनलाइन पोर्टल: cms.rbi.org.in
ई-मेल: crpc@rbi.org.in
टोल-फ्री हेल्पलाइन: 14448 (24x7)
पोस्ट के जरिए: अपनी लिखित शिकायत "RBI Centralised Receipt & Processing Centre, 4th Floor, Sector 17, Chandigarh - 160017" पर भेजें.
RBI की 'एकीकृत लोकपाल योजना 2026' डिजिटल बैंकिंग के दौर में ग्राहकों के भरोसे को मजबूत करने वाला कदम है. मुआवजे की राशि में बढ़ोतरी और शिकायतों के लिए सेंट्रलाइज्ड सिस्टम यह सुनिश्चित करेगा कि आम आदमी को बड़े वित्तीय संस्थानों के चक्कर न काटने पड़ें. यदि आप किसी सेवा में कमी (Deficiency in Service) महसूस करते हैं, तो अब आपके पास अपनी बात मनवाने की मजबूत ताकत है.
नहीं, RBI लोकपाल के पास शिकायत दर्ज करना पूरी तरह से मुफ्त (Free of Cost) है.
हेल्पलाइन नंबर 14448 आपको शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया में मार्गदर्शन देगी, लेकिन औपचारिक शिकायत ऑनलाइन या लिखित देनी होगी.
नई योजना 2026 के तहत, मानसिक परेशानी और समय की बर्बादी के लिए लोकपाल ₹3 लाख तक का पुरस्कार (Award) दे सकता है.
हां, सभी अनुसूचित और गैर-अनुसूचित सहकारी बैंक इस योजना के दायरे में आते हैं.
आप फैसले के खिलाफ 'अपीलीय प्राधिकरण' (Appellate Authority) के पास अपील कर सकते हैं या बाद में कोर्ट भी जा सकते हैं.
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