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RBI New KYC Rules: कई साल से बंद पड़े या निष्क्रिय हो चुके बैंक खातों को फिर से एक्टिव कराना अब बहुत ही आसान होने वाला है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निष्क्रिय (Inactive) या इनऑपरेटिव बैंक खातों को फिर से चालू करने को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन नए नियमों के बाद अब ग्राहकों को अपने पुराने अकाउंट को चालू कराने के लिए सिर्फ होम ब्रांच में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसके साथ ही पहचान प्रमाण (KYC) अपडेट करने की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में काफी आसान और डिजिटल हो गई है.
अगर किसी बैंक खाते में 10 साल तक कोई ट्रांजैक्शन नहीं होता, तो बैंक उसे इनऑपरेटिव यानी निष्क्रिय घोषित कर देता है. ऐसे खातों में जमा राशि को भी ग्राहक अगर क्लेम नहीं करता है, तो वह 'अनक्लेम्ड डिपॉजिट' मानी जाती है, जिसे बैंक RBI के डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड में ट्रांसफर कर देते हैं.
RBI ने 12 जून 2025 को एक नोटिफिकेशन जारी किया जिसमें बताया गया कि अब कस्टमर्स किसी भी ब्रांच में जाकर KYC अपडेट कर सकते हैं, सिर्फ होम ब्रांच में जाने की अनिवार्यता नहीं है. बैंक ग्राहकों को वीडियो-बेस्ड कस्टमर आइडेंटिफिकेशन प्रोसेस (V-CIP) की सुविधा देंगे. यानी ग्राहक अपने मोबाइल या कंप्यूटर से वीडियो कॉल के जरिए KYC अपडेट कर सकते हैं. बिजनेस करेस्पॉन्डेंट्स (BCs) अब ग्रामीण इलाकों में जाकर KYC अपडेट करवा सकते हैं, जिससे दूरदराज के लोगों को फायदा होगा.
KYC अपडेट करने के बेहतर ऑप्शन
क्यों ज़रूरी है निष्क्रिय खाते दोबारा चालू करना?
भारत में करोड़ों रुपये की जमा राशि ऐसी है, जिसे कोई क्लेम नहीं करता. ये पैसे बैंकों में निष्क्रिय पड़े रहते हैं. RBI का ये कदम न सिर्फ ग्राहकों को राहत देगा, बल्कि बैंकों के लिए भी इन फंड्स को एक्टिव यूज में लाने का रास्ता खोलता है.