NBFCs के लिए RBI का बड़ा नियम, दो कैटेगरी में बांटी जाएंगी कंपनियां; 1 जुलाई से लागू होंगे ये बदलाव

RBI ने NBFC के लिए नए क्लासिफिकेशन नियम जारी किए हैं, जो 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे. ₹1000 करोड़ से कम एसेट वाले Type I NBFC को अब रजिस्ट्रेशन से राहत मिल सकती है. जानें Type I और Type II NBFC के बीच का अंतर, इनडायरेक्ट पब्लिक फंड के नए नियम और PRAVAAH पोर्टल पर आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया.
NBFCs के लिए RBI का बड़ा नियम, दो कैटेगरी में बांटी जाएंगी कंपनियां; 1 जुलाई से लागू होंगे ये बदलाव

NBFC अब दो कैटेगरी में-Type I और Type II (फोटो: प्रतीकात्मक)

NBFC सेक्टर के लिए बड़ा अपडेट आ गया है. Reserve Bank of India (RBI) ने नए नियम जारी कर दिए हैं, जो 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे. जी बिजनेस की रिपोर्टर एकता सूरी के अपडेट के अनुसार इस बार फोकस साफ है कि कम जोखिम वाले NBFC को राहत देना और पूरे सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बनाना.

6 प्वाइंट्स में समझें पूरी बात

  • NBFC अब दो कैटेगरी में-Type I और Type II
  • 1 जुलाई 2026 से नए नियम लागू
  • ₹1000 करोड़ से कम एसेट वाले NBFC को राहत
  • ‘Indirect public funds’ भी अब शामिल
  • PRAVAAH पोर्टल से होगा आवेदन
  • नियम तोड़े तो सख्त कार्रवाई
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RBI ने यह बदलाव क्यों किया?

  • क्योंकि सभी NBFC एक जैसे नहीं होते-कुछ कम रिस्क वाले हैं, कुछ ज्यादा
  • तो अब RBI चाहता है कि नियम भी उसी हिसाब से हों

NBFC की नई कैटेगरी क्या है?

Type I NBFC: कम जोखिम वाले

  • पब्लिक फंड नहीं लेते
  • ग्राहकों से सीधा जुड़ाव नहीं
  • यानी सीमित और सुरक्षित काम

Type II NBFC: बाकी सभी

  • पब्लिक फंड लेते हैं
  • ग्राहकों से डील करते हैं
  • ज्यादा सख्त रूल्स लागू होंगे

‘Indirect Public Funds’ क्या है?

  • अब RBI ने एक बड़ा loophole बंद कर दिया है
  • अगर NBFC को ग्रुप/एसोसिएट कंपनी से फंड मिलता है
  • तो उसे भी पब्लिक फंड माना जाएगा

छोटे NBFC को क्या राहत मिली?

  • ₹1000 करोड़ से कम एसेट वाले Type I NBFC रजिस्ट्रेशन से छूट मिल सकती है
  • 31 दिसंबर 2026 तक डीरजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं

कैसे होगा आवेदन?

RBI के PRAVAAH पोर्टल पर

जरूरी डॉक्यूमेंट:

  • Certificate of Registration (CoR)
  • 3 साल के फाइनेंशियल स्टेटमेंट
  • ऑडिटर सर्टिफिकेट
  • बोर्ड रिजोल्यूशन

साथ में लिखित वादा देना होगा:

  • आगे पब्लिक फंड नहीं लेंगे
  • ग्राहकों से सीधा जुड़ाव नहीं रखेंगे
rbi

बड़े NBFC के लिए क्या नियम?

  • ₹1000 करोड़ या उससे ज्यादा एसेट
  • Type I के तौर पर रजिस्ट्रेशन जरूरी

ग्रुप में कई NBFC हैं?

  • सभी का एसेट जोड़कर लिमिट तय होगी

15 प्वाइंट्स में समझें पूरा गेम

1. RBI ने NBFC नियमों में संशोधन जारी किया
2. नए नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे
3. NBFC के लिए नई कैटेगरी - Type I और Type II NBFC
4. Type I NBFC = बिना पब्लिक फंड और बिना कस्टमर इंटरफेस वाले NBFC
5. ‘Indirect public funds’ में ग्रुप/एसोसिएट के जरिए मिले फंड भी शामिल
6. ₹1000 करोड़ से कम एसेट वाले ऐसे NBFC को रजिस्ट्रेशन से छूट
7. योग्य NBFC 31 दिसंबर 2026 तक डीरजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं
8. आवेदन PRAVAAH पोर्टल पर, साथ में CoR, 3 साल के फाइनेंशियल्स, ऑडिटर सर्टिफिकेट, बोर्ड रिजोल्यूशन जरूरी
9. NBFC को लिखित में देना होगा कि भविष्य में पब्लिक फंड या कस्टमर इंटरफेस नहीं होगा
10. भविष्य में पब्लिक फंड/कस्टमर इंटरफेस शुरू करने पर Type II NBFC रजिस्ट्रेशन जरूरी
11. ₹1000 करोड़ या उससे ज्यादा एसेट होने पर Type I NBFC के रूप में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
12. ग्रुप की सभी ऐसी NBFC का एसेट जोड़कर ₹1000 करोड़ सीमा तय होगी
13. Type I NBFC को फाइनेंशियल स्टेटमेंट में पब्लिक फंड और कस्टमर इंटरफेस का खुलासा करना होगा
14. ऑडिटर नियम उल्लंघन पर RBI को Exception Report देगा
15. RBI को कार्रवाई का अधिकार, विदेश निवेश के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी,कई 2025 NBFC दिशानिर्देशों में भी ‘Type I NBFC’ लागू


पारदर्शिता पर क्या नया नियम?

  • Type I NBFC को बताना होगा पब्लिक फंड है या नहीं
  • या फिर कस्टमर इंटरफेस है या नहीं
  • नियम तोड़े तो ऑडिटर RBI को Exception Report देगा
फीचरType I NBFCType II NBFC
पब्लिक फंडबिल्कुल नहीं (0%)हां, ले सकते हैं
कस्टमर इंटरफेसनहीं होताअनिवार्य/हो सकता है
₹1000 Cr से कम एसेटरजिस्ट्रेशन से छूट संभवरजिस्ट्रेशन अनिवार्य
रेगुलेशन का स्तरहल्का (Relaxed)बहुत सख्त (Stringent)
आवेदन पोर्टलPRAVAAH पोर्टलPRAVAAH पोर्टल

इससे क्या बदलेगा?

  • NBFC सेक्टर ज्यादा structured होगा
  • छोटे NBFC को राहत मिलेगी
  • नियम तोड़ने वालों पर सख्ती बढ़ेगी

इसके क्या मायने हैं?

  • अगर आप NBFC चला रहे हैं तो नियम समझना जरूरी
  • अगर निवेशक हैं तो जोखिम का अंदाजा साफ मिलेगा
  • सिस्टम ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित होगा

आपके काम की बात

सीधी बात ये है कि अब NBFC सेक्टर में “फ्री हैंड” खत्म .इसलिए या तो नियमों के हिसाब से साफ-सुथरा काम करेंय या सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें.जी गां RBI ने साफ संकेत दे दिया है कि राहत भी मिलेगी, लेकिन सिर्फ उन्हें जो नियम मानेंगे.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 Type I NBFC क्या है?

जो पब्लिक फंड नहीं लेते और ग्राहकों से डील नहीं करते

Q2 क्या छोटे NBFC को राहत मिलेगी?

हां, ₹1000 करोड़ से कम एसेट वालों को

Q3 PRAVAAH पोर्टल क्या है?

RBI का ऑनलाइन आवेदन प्लेटफॉर्म

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