भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के नतीजों का ऐलान किया है.आरबीआई की ये बैठक 4 फरवरी से शुरू होकर 6 फरवरी तक चली है, जिसमें देश की आर्थिक स्थिति और आगे की नीति दिशा पर मंथन किया गया. गर्वनर ने साफ किया कि पॉलिसी दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.RBI MPC Meeting की अहम हाइलाइट्स जानते हैं.
RBI MPC Meeting Highlights
रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ
Add Zee Business as a Preferred Source
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा कि मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने पॉलिसी रेपो रेट को 5.25% पर बिना किसी बदलाव के रखने और न्यूट्रल रुख बनाए रखने का फैसला किया है.
देश की महंगाई फिलहाल कंट्रोल में
RBI गवर्नर ने कहा है कि देश में महंगाई फिलहाल नियंत्रण में है और भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में बनी हुई है. ग्रोथ के मोर्चे पर भी हालात पॉजिटिल हैं. इन्हीं संकेतों को देखते हुए RBI ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और मौद्रिक नीति समिति का रुख न्यूट्रल बनाए रखा है.
- देश की आर्थिक ग्रोथ को लेकर तस्वीर अभी भी फिलहाल पॉजिटिव है. उन्होंने बताया कि FY27 की पहली तिमाही में महंगाई का अनुमान थोड़ा बढ़ाकर 4 फीसदी किया गया है, जबकि दूसरी तिमाही के लिए इसे 4.2 फीसदी आंका गया है. इसके बाद भी अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी हुई है और रियल GDP ग्रोथ 7.4 फीसदी के आसपास रहने की उम्मीद है.
अमेरिका ट्रेड डील का दिखेगा असर
RBI गवर्नर के अनुसार शहरी इलाकों में खपत धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है, जबकि ग्रामीण मांग स्थिर बनी हुई है.भारत–अमेरिका ट्रेड डील से निर्यात को बढ़ावा मिलने के चांस हैं, जो आने वाले समय में एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.
महंगाई दर पर दिया गवर्नर ने अपडेट
- RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि नवंबर-दिसंबर में हेडलाइन महंगाई तय टॉलरेंस दायरे से नीचे रही है और आगेअगले साल की पहली और दूसरी तिमाही के लिए CPI महंगाई अनुमान क्रमशः 4% और 4.2% रखा गया है, जिसे मामूली बढ़ोतरी के साथ अपडेट किया गया है.
- नए आकलन के अनुसार FY26 की चौथी तिमाही में महंगाई अनुमान बढ़कर 3.2 फीसदी किया गया है और पूरे FY26 के लिए रिटेल महंगाई 2.1 फीसदी आंकी गई है. वहीं FY27 की पहली तिमाही में महंगाई 4 फीसदी और दूसरी तिमाही में 4.2 फीसदी रहने का अनुमान है.इसके साथ ही ट्रेड डील से एक्सपोर्ट और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई है.
बैंकिंग सेक्टर पर बड़ा अपडेट
- साफ किया गया है कि MSMEs को राहत देने के लिए बिना कोलेट्रल लोन की सीमा दोगुनी की जाएगी. मौजूदा 10 लाख रुपये की सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये की जाएगी, ताकि छोटे और मझोले कारोबारियों को आसानी से ज्यादा फंडिंग मिल सके और उनके व्यवसाय को मजबूती मिले.
- RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि छोटे अमाउंट की फ्रॉड ट्रांजैक्शन में नुकसान झेलने वाले ग्राहकों को राहत देने के लिए 25,000 रुपये तक मुआवजे का नया फ्रेमवर्क लाने का प्रस्ताव है. ऐसे मामलों को देखते हुए RBI पहले भी कई सेफ्टी के कदम उठा चुका है.
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा
- RBI गवर्नर ने साफ किया है कि मुद्रा पर पड़ने वाले दबाव को काबू में रखने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाएगी.इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित करने के लिए तीन मसौदा दिशानिर्देश पेश होंगे. साथ ही लोन रिकवरी को लेकर नए नियम और डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए भी अहम कदम उठाए जाएंगे.
- RBI गवर्नर ने साफ है कि मुद्रा पर असर कम करने के लिए समय पर कदम उठाए जाएंगे. उपभोक्ताओं की सेफ्टी के लिए तीन ड्राफ्ट गाइडलाइंस आएंगी. जिससे लोन रिकवरी नियम अपडेट होंगे और डिजिटल पेमेंट सिस्टम की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा.
रियल एस्टेट से जुड़ा अपडेट
प्रेस कांफ्रेंस में RBI गवर्नर ने बताया है कि रियल एस्टेट से जुड़े कुछ REITs को फाइनेंसिंग देने का सुझाव रखा गया है. इसके साथ ही चुनिंदा NBFCs को रजिस्ट्रेशन से राहत देने पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने दोहराया कि देश की इकॉनोमी ग्रोथ को लेकर तस्वीर अभी भी पॉजिटिव बनी हुई है.